कोरोना संकट: राज्य सरकार ने किसान हित में लिए तीन बड़े फैसले

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किसान हित में तीन बड़े निर्णय

कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिए जो लॉक डाउन में किसानों को हो रही समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं | जिससे किसान सुविधापूर्वक कार्य कर सकें एवं कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से बचाया जा सके | कृषि उपज खरीदने के लिए सभी राज्य सरकार ने खरीदी केन्द्रों को बढ़ाने का निर्णय लिया है | जिसके अंतर्गत किसान अपनी रबी फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेच सकते है | सरकार के द्वारा रबी फसल में गेहूं की खरीदी सहकारी सोसायटियों के द्वारा की जाती है | अन्य जिंसों कि खरीदी या व्यापारियों के द्वारा बोली लगाकर किये जाने वाले खरीदी केवल मण्डी प्रांगण में होती है जिससे वहां भीड़ लगने की सम्भावना अधिक है |

इसको लेकर राजस्थान सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है सरकार 15 अप्रैल से रबी जिसों की खरीद शुरू करने वाली है | अब कृषि जिन्सों के विक्रय के लिए राज्य के लगभग 460 क्रय-विक्रय एवं ग्राम सेवा सहकारी समितियों तथा तिलहन संघ को समुचित शिथिलताएँ प्रदान कर निजी गौण मण्डी घोषित करने की स्वीकृति प्रदान की है | इस संवेदनशील फैसले से किसानों को वैकल्पिक प्लेटफार्म उपलब्ध होगा और कृषि जिंसों की विकेन्दित खरीद सुनिश्चित हो सकेगी | किसान अपनी कृषि उपज बेचने के लिए अपने खेत एवं गाँव के नजदीक ही सहकारी समितियों पर ला सकेंगे और कृषि उपज मंडियों के अनुरूप ही अपनी कृषि जिन्सों का खुली नीलामी से विक्रय कर प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य प्राप्त कर सकेंगे |

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किसान को मण्डी जाने की जरूरत नहीं

वर्तमान समय में राज्य की कृषि प्रसंस्करण इकाईयों को किसानों से सीधी खरीद के लिए संबंधित कृषि उपज मण्डी समितियों में आवेदन कर सीधी खरीद का अनुग्यपात्र लिए जाने का प्रवधान था | राजस्थान सरकार की ओर से लिए गए निर्णय अनुसार अब कृषि प्रसंस्करण इकाईयों यथा दाल मिल, तेल मिल, आटा मिल, चावल मिल आदि को मण्डी समितियों में आवेदन कि आवश्यकता नहीं होगी |

मण्डी समितियां इन प्रसंस्करण इकाईयों को स्वत: ही सीधी खरीद का अनुज्ञापत्र जारी करेगी | कृषि प्रसंस्करण इकाईयों को अब तक आवेदन के साथ उनके द्वारा घोषित एक दिन की खरीद के समतुल्य प्रतिभूति जमा करानी होती है, इस प्रावधान में भी छुट दी जाकर अब यह प्रतिभूति 30 जून 2020 तक जमा कराई जा सकती है |

राज्य में 500 नए खरीदी केंद्र होंगे शुरू

सरकार द्वारा लिए गये निर्णय से किसानों को अपने घर के नजदीक खरीदी केंद्र उपलब्ध होगा | इससे राज्य में लगभग 500 कृषि प्रसंस्करण इकाईयों को अनुज्ञापत्र मिल सकेंगे | इस निर्णय से किसानों को अपने खेत के समीप ही कृषि उपज के विक्रय केंद्र उपलब्ध हो सकेंगे और प्रसंस्करण उधोगों को कच्चा माल उपलब्ध हो सकेगा |

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किसानों को दिया जायेगा फसल बीमा का क्लेम

प्रमुख शासन सचिव श्री गंगवार ने बताया कि मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में राज्यांश प्रीमियम जमा कराने के लिए 500 करोड़ रूपये की अतिरिक्त राशि कृषक कल्याण कोष से हस्तांतरित करने की स्वीकृति प्रदान की है |

राज्य सरकार ने किसानों की परेशानी को देखते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में अगले एक माह में 700 करोड़ रूपये के प्रीमियम का भुगतान करने का निर्णय लिया था जिससे खरीफ 2019 तक के पूर्ण राज्यांश प्रीमियम का भुगतान हो सके और किसानों को लम्बित क्लेम का भुगतान हो सके | पिछले एक वर्ष में राज्य सरकार प्रीमियम के रूप में 2034 करोड़ रूपये का भुगतान कर चुकी है | इस क्रम में 500 करोड़ रूपये की अतिरिक्त राशि कृषक कल्याण कोष से हस्तानांतरित किये जाने की स्वीकति प्रदान की गई है |

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10 COMMENTS

  1. Sir ager ham kisan se gehu ya or koi fasal khridna ho to hame uske liye koi permission chahiye or ager permission chahiye to yo hame kaha se milegi

    • किस राज्य से हैं आप ? आपको कितना गेहूं लेना है | अगर घरेलु उपयोग के लिए चाहिए तो ऐसे ही खरीद सकते हैं |

    • बोनस या अभी तक बिक्री का पैसा नहीं मिला | बोनस योजना के तहत दिया जायेगा | बजट में प्रावधान है |

  2. सर जी मैं kcc लिया था मेरी सारी फसल खराब हो गई उसके लिए हमें क्या करना पड़ेगा ताकि हमारी भरपाई फसल की हो सके

    • फसल कब बर्बाद हुई है | फसल बीमा कम्पनी एवं अधिकारीयों को सूचित करें | सर्वे करवाएं |

  3. Mujhe Ola bristi ki jankari Chahiye uttar Pradesh ki payment kese pata chalegi ayi ki nhi ayi agar koi app he batao use download Kar lenge

    • टोल फ्री नंबर 1800-120-909090 पर | या अपने जिले के कृषि विभाग के अधिकारीयों से पता करें

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