उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में लम्पी रोग का अलर्ट: 8 से 23 सितंबर तक चलेगा टीकाकरण अभियान, 18 मंडलों में नोडल अधिकारी

यूपी में लम्पी वायरस के खिलाफ 8 से 23 सितंबर तक 15 दिवसीय टीकाकरण महाभियान चलेगा। पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने 18 मंडलों में नोडल अधिकारी तैनात कर लखीमपुर खीरी से आगरा तक बेल्ट वैक्सीनेशन का आदेश दिया है।

UP Lumpy Disease Vaccination Campaign 2026

उत्तर प्रदेश में पशुओं में लम्पी स्किन डिजीज (Lumpy Skin Disease) की रोकथाम और नियंत्रण के लिए पशुपालन विभाग ने बड़ा अभियान शुरू करने का फैसला किया है। प्रदेश के कुछ जिलों में पशुओं के लम्पी रोग से प्रभावित होने की सूचना के बाद 8 सितंबर से 23 सितंबर 2026 तक 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए प्रदेश के 18 मंडलों में नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं।

अभियान के दौरान लम्पी प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति के अनुसार वैक्सीनेशन प्लान तैयार कर पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा। पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने लखीमपुर खीरी से आगरा तक बेल्ट वैक्सीनेशन कराने के साथ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं की आवाजाही रोकने के निर्देश भी दिए हैं।

लम्पी रोग से बचाव के लिए 8 से 23 सितंबर तक चलेगा अभियान

पशुधन मंत्री ने 7 सितंबर को विधानभवन स्थित अपने कार्यालय में लम्पी रोग की रोकथाम और नियंत्रण को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निर्धारित 15 दिनों के भीतर प्रभावित क्षेत्रों में रोग नियंत्रण से संबंधित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

सरकार ने प्रदेश में वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और प्रभावित इलाकों में सघन टीकाकरण करने को कहा है। अभियान के दौरान अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर रोग के प्रकोप, टीकाकरण, उपचार और अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे।

लखीमपुर खीरी से आगरा तक होगा बेल्ट वैक्सीनेशन

लम्पी रोग के प्रसार को रोकने के लिए लखीमपुर खीरी से आगरा तक बेल्ट वैक्सीनेशन कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पशुओं की आवाजाही पर रोक लगाने को भी कहा गया है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों से बीमारी के फैलाव को नियंत्रित किया जा सके।

पशुपालन विभाग जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर प्रभावित क्षेत्रों के लिए रोग नियंत्रण और बचाव की रणनीति तैयार करेगा। जिन जिलों से लम्पी रोग की सूचना मिल रही है, वहां उपचार, टीकाकरण और जन-जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

गोआश्रय स्थलों की सफाई और सैनिटाइजेशन पर विशेष जोर

विशेष अभियान में केवल टीकाकरण ही नहीं, बल्कि गोआश्रय स्थलों और गो संरक्षण केंद्रों की स्वच्छता एवं सैनिटाइजेशन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में जाकर यह देखने को कहा गया है कि पशुओं के उपचार और टीकाकरण की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध है या नहीं। संबंधित क्षेत्रों के अपर निदेशक और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा भी लगातार निगरानी की जाएगी।

पशुधन मंत्री ने स्पष्ट किया कि अभियान में लापरवाही या निर्धारित व्यवस्थाओं को पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

18 मंडलों के लिए नोडल अधिकारी तैनात

लम्पी रोग नियंत्रण अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए प्रदेश के 18 मंडलों में नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। ये अधिकारी अपने निर्धारित क्षेत्रों में जाकर वास्तविक स्थिति की समीक्षा करेंगे।

आगरा और लखनऊ मंडल की जिम्मेदारी अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम को दी गई है। इसी प्रकार मुरादाबाद, मेरठ, गोरखपुर, प्रयागराज, सहारनपुर, बरेली, अलीगढ़, कानपुर, बस्ती, चित्रकूट, मिर्जापुर, अयोध्या, आजमगढ़ और वाराणसी सहित अन्य मंडलों के लिए विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अभियान को मिशन मोड में पूरा करने और नियंत्रण कार्य में किसी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।

पशुपालकों के लिए जारी होगी ‘क्या करें, क्या न करें’ की जानकारी

पशुपालकों और किसानों को लम्पी रोग से बचाव की सही जानकारी उपलब्ध कराने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों पर ‘क्या करें, क्या न करें’ से संबंधित पोस्टर, बैनर, होर्डिंग और वॉल राइटिंग के माध्यम से जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेकर भी पशुपालकों तक रोग की रोकथाम और बचाव से जुड़ी जानकारी पहुंचाई जाएगी।

लम्पी रोग पशुओं से मनुष्य में नहीं फैलता

पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से लम्पी रोग को लेकर भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों से सावधान रहने को कहा है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि लम्पी रोग पशुओं से मनुष्य में नहीं फैलता है। पशुपालकों को अपने पशुओं में संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर संबंधित पशुपालन विभाग या पशु चिकित्साधिकारी से संपर्क करना चाहिए और विभाग द्वारा चलाए जा रहे टीकाकरण एवं रोग नियंत्रण अभियान में सहयोग करना चाहिए।

प्रभावित क्षेत्रों में उपचार और टीकाकरण पर रहेगा फोकस

सरकार का मुख्य जोर प्रभावित क्षेत्रों में रोग के प्रसार को रोकने, पशुओं के उपचार और समय पर टीकाकरण पर है। अधिकारियों को जिला प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने और जमीनी स्तर पर स्थिति की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। 15 दिवसीय अभियान के दौरान वैक्सीनेशन, औषधियों की उपलब्धता, गोआश्रय स्थलों की स्वच्छता, पशुओं की आवाजाही और रोग के फैलाव की लगातार समीक्षा की जाएगी।

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