उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए बीज वितरण और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट आया है। प्रदेश सरकार ने किसानों को तोरिया के 30 हजार मिनीकिट निःशुल्क वितरित करने का लक्ष्य रखा है। 7 सितंबर 2026 तक इनमें से 15 हजार मिनीकिट की बुकिंग किसानों द्वारा की जा चुकी है। यानी अभी भी किसानों के पास योजना के तहत मुफ्त मिनीकिट की बुकिंग कराने का अवसर है।
इसके साथ ही खरीफ 2026 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अंतिम तारीख 31 अगस्त से बढ़ाकर 10 सितंबर 2026 कर दी गई है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने पात्र किसानों से समय रहते फसल बीमा कराने और निःशुल्क तोरिया मिनी किट के लिए कृषि विभाग के पोर्टल पर बुकिंग करने की अपील की है।
30 हजार किसानों को मुफ्त तोरिया मिनीकिट देने का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश कृषि विभाग ने किसानों को तोरिया की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 30 हजार मिनीकिट मुफ्त वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। विभाग के अनुसार 7 सितंबर तक किसान 15 हजार मिनीकिट की बुकिंग करा चुके हैं। कृषि मंत्री ने शेष किसानों से भी जल्द आवेदन करने को कहा है, ताकि वे योजना का लाभ उठा सकें। किसान तोरिया के निःशुल्क मिनीकिट के लिए उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल agriculture.up.gov.in पर बुकिंग कर सकते हैं।
गेहूं, चना, मटर, मसूर और सरसों के बीज की भी बुकिंग
सरकार ने आगामी रबी सीजन की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न फसलों के बीज की बुकिंग प्रक्रिया चल रही है। इसके तहत गेहूं के 10.45 लाख क्विंटल, चना के 69.96 हजार क्विंटल, मटर के 17.89 हजार क्विंटल, मसूर के 41.76 हजार क्विंटल और राई-सरसों के 15.94 हजार क्विंटल की बुकिंग प्रक्रियाधीन है। कृषि विभाग ने किसानों से अधिक संख्या में बुकिंग कराकर आगामी रबी सीजन के लिए समय रहते बीज की व्यवस्था करने का आह्वान किया है।
फसल बीमा की अंतिम तारीख अब 10 सितंबर
कृषि मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की प्रगति पर भी चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश सरकार के विशेष अनुरोध पर केंद्र सरकार ने खरीफ 2026 में फसल बीमा कराने की अंतिम तारीख 31 अगस्त से बढ़ाकर 10 सितंबर 2026 कर दी है।
ऐसे किसान जिन्होंने खरीफ की फसलों का अभी तक बीमा नहीं कराया है, उनके पास अब 10 सितंबर तक बीमा कराने का मौका है।
69.28 लाख किसानों को मिल चुके 6,124 करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को दी गई क्षतिपूर्ति की भी बैठक में समीक्षा की गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 2017-18 से 2025-26 तक 69.28 लाख किसानों को कुल 6,124.79 करोड़ रुपये की फसल क्षतिपूर्ति दी जा चुकी है।
सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि खरीफ 2026 में अतिवृष्टि और बाढ़ से जिन किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है, उनके पात्र मामलों का सर्वे जल्द पूरा किया जाए। जिला प्रशासन और कृषि विभाग की जांच समितियों को किसानों की मौजूदगी में सर्वेक्षण पूरा करने और पात्र किसानों को समयबद्ध तरीके से क्षतिपूर्ति दिलाने के निर्देश दिए गए हैं।
फसल खराब होने पर यहां दर्ज करा सकते हैं सूचना
अतिवृष्टि, बाढ़ या अन्य अधिसूचित जोखिम के कारण बीमित फसल को नुकसान होने पर किसानों तक शिकायत और सूचना दर्ज कराने के उपलब्ध माध्यमों की जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। किसान भारत सरकार के टोल-फ्री नंबर 14447, किसान कॉल सेंटर नंबर 0522-2317003, व्हाट्सऐप चैटबॉट, Crop Insurance App अथवा संबंधित बैंक शाखा के माध्यम से फसल नुकसान की सूचना देने संबंधी सुविधा का उपयोग कर सकते हैं।
27.10 लाख KCC खातों को लेकर भी निर्देश
बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड योजना की समीक्षा के दौरान 27.10 लाख असंतृप्त KCC खातों के पात्र किसानों को बैंकों के माध्यम से शत-प्रतिशत संतृप्त करने के निर्देश दिए गए। सरकार का प्रयास है कि पात्र किसान कृषि ऋण सुविधा से वंचित न रहें और उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से आवश्यकता के अनुसार संस्थागत ऋण उपलब्ध हो सके।
किसानों के लिए अभी दो महत्वपूर्ण काम
फिलहाल उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए इस अपडेट में दो समय-संवेदनशील बातें महत्वपूर्ण हैं। तोरिया की खेती करने के इच्छुक किसान मुफ्त मिनीकिट के लिए agriculture.up.gov.in पर जल्द बुकिंग करा सकते हैं। वहीं खरीफ 2026 में फसल बीमा से वंचित पात्र किसानों के लिए 10 सितंबर 2026 अंतिम तारीख बताई गई है।