बिहार में किसानों तक आधुनिक कृषि यंत्रों की पहुंच बढ़ाने के लिए कृषि विभाग ने कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत बड़ा अभियान शुरू किया है। सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन (2025-26) के अंतर्गत कस्टम हायरिंग सेंटर, फार्म मशीनरी बैंक और स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं।
योजना के अलग-अलग घटकों के तहत पात्र समूहों को अधिकतम 12 लाख रुपये तक अनुदान मिल सकता है। इसके अलावा व्यक्तिगत किसानों को भी 86 प्रकार के कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान देने का प्रावधान है। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 8 सितंबर से शुरू हो चुकी है और इच्छुक पात्र आवेदक 30 सितंबर 2026 तक कृषि विभाग के पोर्टल farmech.bihar.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं।
267 कस्टम हायरिंग सेंटर पर मिलेगा ₹4 लाख तक अनुदान
बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के अनुसार योजना के तहत राज्य में 267 कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक सेंटर की परियोजना लागत अधिकतम 10 लाख रुपये तक निर्धारित की गई है। इन केंद्रों की स्थापना पर परियोजना लागत का 40 प्रतिशत यानी अधिकतम 4 लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा।
कस्टम हायरिंग सेंटर का उद्देश्य उन छोटे और सीमांत किसानों तक आधुनिक कृषि मशीनों की पहुंच बनाना है, जिनके लिए महंगे कृषि यंत्र स्वयं खरीदना संभव नहीं है। किसान इन केंद्रों से जरूरत के अनुसार मशीनें किराये पर लेकर खेती में इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे खेत की तैयारी, बुआई, फसल प्रबंधन और कटाई जैसे कृषि कार्यों में लगने वाले समय एवं श्रम को कम करने के साथ खेती की लागत घटाने में भी मदद मिल सकती है।
फार्म मशीनरी बैंक पर 80% यानी ₹8 लाख तक अनुदान
योजना के तहत राज्य में 38 कृषि यंत्र बैंक यानी फार्म मशीनरी बैंक भी स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक मशीनरी बैंक की परियोजना लागत 10 लाख रुपये तक होगी। पात्र समूहों को इसकी स्थापना के लिए लागत का 80 प्रतिशत, अधिकतम 8 लाख रुपये तक अनुदान देने का प्रावधान किया गया है।
योजना का लाभ जीविका समूह, ग्राम संगठन एवं क्लस्टर फेडरेशन से संबद्ध फार्मर इंटरेस्ट ग्रुप, नाबार्ड या राष्ट्रीयकृत बैंक से संबद्ध किसान क्लब, FPO, FPC, स्वयं सहायता समूह और पैक्स सहित निर्धारित पात्र संस्थाएं एवं समूह ले सकते हैं।
स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर पर ₹12 लाख तक की मदद
फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए राज्य में 200 स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने की योजना है। प्रत्येक सेंटर की परियोजना लागत 20 लाख रुपये तक होगी। इसके तहत 55 हॉर्स पावर या उससे अधिक क्षमता वाले ट्रैक्टर तथा आवश्यक कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत तक और अधिकतम 12 लाख रुपये तक अनुदान देने का प्रावधान है।
इन केंद्रों के जरिए किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। इस तरह 267 सामान्य कस्टम हायरिंग सेंटर और 200 स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर सहित कुल 467 CHC, जबकि 38 फार्म मशीनरी बैंक को जोड़ने पर इन तीन श्रेणियों में कुल 505 केंद्र/बैंक स्थापित करने का लक्ष्य है।
ड्रोन और 86 प्रकार के कृषि यंत्रों पर किसानों को मिलेगा अनुदान
खेती में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए सरकार ने 480 किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग केंद्र स्थापित करने की भी योजना बनाई है। ड्रोन तकनीक के माध्यम से कृषि कार्यों को अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में यह पहल की जा रही है।
इसके साथ कृषि यंत्रीकरण योजना में व्यक्तिगत किसानों के लिए 86 प्रकार के कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान रखा गया है। इससे किसान अपनी आवश्यकता और पात्रता के अनुसार विभिन्न कृषि मशीनों पर उपलब्ध अनुदान का लाभ ले सकेंगे।
कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
योजना का लाभ लेने के लिए व्यक्तिगत किसानों के अतिरिक्त निम्नलिखित संस्थाएं और समूह भी पात्र हैं:
- जीविका समूह, ग्राम संगठन और क्लस्टर फेडरेशन से संबद्ध Farmer Interest Group (FIG)
- नाबार्ड / राष्ट्रीयकृत बैंकों से संबद्ध किसान क्लब
- फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (FPO) एवं फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (FPC)
- स्वयं सहायता समूह (SHG) और पैक्स (PACS)
पारदर्शी चयन प्रक्रिया और DBT से भुगतान
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि योजना में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लाभार्थियों का चयन ऑनलाइन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा।
- लॉटरी की वैधता: ऑनलाइन लॉटरी में चुने गए किसानों के परमिट की वैधता 15 दिन रहेगी, जिसके भीतर उन्हें यंत्र की खरीदारी करनी होगी।
- सीधे खाते में सब्सिडी: यंत्र की खरीद और भौतिक सत्यापन के बाद अनुदान की राशि DBT (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
- कड़ी चेतावनी: कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया है कि योजना में किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
कैसे करें ऑनलाइन आवेदन? (Step–by–Step)
- सबसे पहले dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाकर अपना 13 अंकों का किसान पंजीकरण नंबर प्राप्त करें (यदि पहले से पंजीकृत नहीं हैं)।
- इसके बाद कृषि यंत्रीकरण के आधिकारिक पोर्टल farmech.bihar.gov.in पर जाएं।
- होमपेज पर अपनी श्रेणी (Farmer / CHC / FMB / Special CHC) के अनुसार ‘Application Entry’ विकल्प पर क्लिक करें।
- अपनी पंजीकरण संख्या दर्ज करके पसंदीदा कृषि यंत्र या सेंटर का चयन करें और फॉर्म को सबमिट करें।
बिहार कृषि यंत्रीकरण योजना 2026: मुख्य विवरण
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विवरण |
जानकारी |
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विभाग |
कृषि विभाग, बिहार सरकार |
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योजना की श्रेणी |
सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन (SMAM) |
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यंत्रों की संख्या |
86 प्रकार के कृषि यंत्र |
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अनुदान प्रतिशत |
40% से 80% तक (अधिकतम ₹12 लाख तक का अनुदान) |
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आवेदन प्रारंभ तिथि |
08 सितंबर 2026 |
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आवेदन की अंतिम तिथि |
30 सितंबर 2026 |
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चयन प्रक्रिया |
ऑनलाइन लॉटरी (15 दिन वैधता) |
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आधिकारिक वेबसाइट |