छत्तीसगढ़ के गन्ना उत्पादक किसानों के लिए भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना ने रियायती दर पर शक्कर वितरण शुरू किया है। कारखाने से जुड़े करीब 28 हजार शेयरधारी किसानों को 30 रुपये प्रति किलो की दर से 50 किलो शक्कर उपलब्ध कराई जा रही है। किसानों को यह सुविधा लगातार तीसरे वर्ष दी जा रही है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने रियायती शक्कर वितरण का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री रामविचार नेताम वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। इस दौरान भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना की उपलब्धियों, इस वर्ष गन्ना पेराई के लक्ष्य और किसानों को कारखाने से अधिक संख्या में जोड़ने को लेकर भी जानकारी दी गई।
किसानों को ₹30 किलो में मिलेगी 50 किलो शक्कर
भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना से जुड़े प्रत्येक पात्र शेयरधारी किसान को 50 किलो शक्कर 30 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर दी जा रही है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि इस वर्ष 4,686 नए किसानों को कारखाने का शेयरधारी बनाया गया है। इसके बाद शेयरधारी किसानों की संख्या बढ़कर लगभग 28 हजार हो गई है। उन्होंने कहा कि किसानों को रियायती दर पर शक्कर उपलब्ध कराया जाना सहकारिता और कारखाने से किसानों के जुड़ाव का परिणाम है।
लगातार तीसरे साल किसानों को मिल रहा लाभ
भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना द्वारा किसानों को रियायती शक्कर देने की यह व्यवस्था पहली बार नहीं की गई है। लगातार तीसरे वर्ष शेयरधारी किसानों को रियायती दर पर शक्कर उपलब्ध कराई जा रही है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि त्योहारों के समय किसानों को रियायती शक्कर मिलने से उनके परिवारों की खुशियों में मिठास बढ़ेगी। उन्होंने बेहतर गन्ना उत्पादन और शक्कर रिकवरी के लिए क्षेत्र के किसानों की मेहनत की सराहना की।
देश में सर्वाधिक शुगर रिकवरी का मिला सम्मान
भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना ने लगातार दो वर्षों में शुगर रिकवरी के मामले में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कारखाने को वर्ष 2024-25 और 2025-26 में देश में सर्वाधिक शुगर रिकवरी के लिए नेशनल कोऑपरेटिव शुगर फेडरेशन, नई दिल्ली द्वारा एफिशिएंसी अवार्ड दिया गया है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर रिकवरी केवल कारखाना प्रबंधन की उपलब्धि नहीं है, बल्कि इसके पीछे किसानों द्वारा उत्पादित गुणवत्तापूर्ण गन्ना और उनकी मेहनत भी महत्वपूर्ण है।
इस साल 4 लाख मीट्रिक टन गन्ना पेराई का लक्ष्य
भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना में पिछले वर्ष 2.55 लाख मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की गई थी। इस वर्ष पेराई का लक्ष्य बढ़ाकर 4 लाख मीट्रिक टन रखा गया है। इसके साथ ही 10 हजार किसानों से गन्ना अनुबंध करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उप मुख्यमंत्री ने किसानों से अधिक संख्या में कारखाने के साथ गन्ना अनुबंध करने और गन्ना उपलब्ध कराने की अपील की। उनका कहना है कि किसानों की भागीदारी बढ़ने से कारखाने का संचालन मजबूत होगा और इसका लाभ अंततः किसानों को ही मिलेगा।
गन्ना किसानों का बोनस बढ़ाने का भी आश्वासन
कार्यक्रम के दौरान किसानों के लिए एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किसानों को मिलने वाला समर्थन मूल्य बोनस बढ़ाने का आश्वासन दिया। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भी कहा कि सरकार गन्ना उत्पादक किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और गन्ने का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रयास कर रही है। किसानों के हित में बोनस बढ़ाने के लिए भी आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। हालांकि, बोनस की नई राशि या इसे बढ़ाने की कोई निश्चित दर अभी घोषित नहीं की गई है। इसलिए इसे फिलहाल आश्वासन के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
किसानों के लिए कारखाना परिसर में बनेगा डोम
किसानों की सुविधा के लिए भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना परिसर में डोम निर्माण की घोषणा भी की गई है। उप मुख्यमंत्री ने सहकारी व्यवस्था का महत्व बताते हुए कहा कि यह किसानों का अपना कारखाना है। सहकारी संस्था में होने वाले लाभ का फायदा उसके सदस्यों तक पहुंचता है। उन्होंने अन्य किसानों से भी कारखाने से जुड़ने और शेयरधारी बनने का आग्रह किया।
कुल मिलाकर, लगभग 28 हजार शेयरधारी किसानों को 30 रुपये प्रति किलो की दर से 50 किलो शक्कर मिलने के साथ कारखाने ने इस वर्ष गन्ना पेराई बढ़ाने और अधिक किसानों को अपने साथ जोड़ने का लक्ष्य रखा है।