3 फीसदी ब्याज पर किसानों को लोन उपलब्ध करवाने के लिए उपज रहन ऋण योजना शुरू

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उपज रहन ऋण योजना

देश में किसानों को कम ब्याज दरों पर लोन उपलब्ध करवाने के सरकार के द्वारा बहुत सी योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है | सरकार किसानों को अधिक दरों पर व्यापारियों एवं सूदखोरों से लोन लेने से बचाने के लिए अधिक से अधिक बैंकिंग सुविधाएँ देने के लिए प्रोत्साहित कर रही है | इसके लिए किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध करवाने के लिए बहुत से अभियान चलाये जा रहे हैं | वहीँ राजस्थान एवं मध्यप्रदेश सरकारों के द्वारा किसानों को सहकारी बैंकों के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पकालीन फसली ऋण दिया जाता है | अब राजस्थान सरकार ने किसानों को लोन उपलब्ध करवाने के लिए एक जून को सभी जिलों में ग्राम सेवा सहकारी समितियां किसानों को रहन ऋण वितरण कर उपज रहन ऋण योजना का शुभारंभ किया गया है |

कोविड-19 महामारी के दौर में किसानों को कम दामों पर फसल नही बेचनी पडे़ इसके लिए मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने 3 प्रतिशत ब्याज दर पर उपज रहन ऋण देने का फैसला किया है। इसे अमलीजामा देते हुए जून माह में 25 हजार किसानों को योजना के तहत लाभ प्रदान करने का लक्ष्य रखा हैं।

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क्या है उपज रहन ऋण योजना

योजना के तहत किसानों को अब अपनी उपज को रहन रखकर मात्र 3 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मिल सकेगा, जबकि 7 प्रतिशत ब्याज राज्य सरकार द्वारा कृषक कल्याण कोष से वहन किया जाएगा। पहले राज्य सरकार द्वारा केवल 2 प्रतिशत ब्याज वहन किया जाता था। ग्राम सेवा सहकारी समितियों के सदस्य लघु एवं सीमान्त किसानों को 1.50 लाख रूपये तथा बड़े किसानों को 3 लाख रूपये रहन ऋण के रूप में मिलेंगे। किसान को अपनी उपज का 70 प्रतिशत ऋण मिलेगा। इससे किसान की तात्कालिक वित्तीय आवश्यकताएं पूरी होगी। बाजार में अच्छे भाव आने पर किसान अपनी फसल को बेच सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष कृषक कल्याण कोष से 50 करोड रूपये का अनुदान इस योजना के लिए किसानों को मिलेगा।

पात्र समितियों का दायरा बढ़ाकर इसे 5 हजार 500 से अधिक किया गया है। भारत में सबसे कम ब्याज दर 3 प्रतिशत पर किसान को रहन ऋण देने की राजस्थान की यह विशेष पहल है। जो किसानों एवं समितियों की आय में वृद्धि करेगी। अधिक से अधिक पात्र किसानों को उपज रहन ऋण देकर उनकी तात्कालिक आवश्यकतों को पूरा करने में सहकारी समितियां मदद करेगी।

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किसान कैसे ले सकेगें लोन

किसान को 90 दिवस की अवधि के लिए यह ऋण मिलेगा। विशेष परिस्थितियों में यह सीमा 6 माह तक हो सकेगी। निर्धारित समय में ऋण का चुकारा करने पर किसान को ब्याज अनुदान मिलेगा। किसानों की उपज को सुरक्षित करने के लिए इस योजना को ‘अ’ एवं ‘ब’ श्रेणी की उन ग्राम सेवा सहकारी समितियों में क्रियान्वित किया जाएगा जिनका नियमित ऑडिट हो रहा हो, लाभ में चल रही हो, एनपीए का स्तर 10 प्रतिशत से कम हो, सरप्लस रिसोर्सेज उपलब्ध हो तथा पूर्णकालिक व्यवस्थापक या सहायक व्यवस्थापक कार्यरत हो। इस योजना के तहत जीएसएस या लैम्पस के सभी ऋणी एवं अऋणी किसान सदस्य उपज रहन कर ऋण लेने के पात्र होंगे।

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