खरीफ सीजन 2026 के दौरान किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा अपडेट जारी किया है। कृषि विभाग के अनुसार प्रदेश में यूरिया, DAP, NPK, SSP और MOP का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे फार्मर रजिस्ट्री जल्द पूरी कराएं और अनावश्यक रूप से खाद का भंडारण न करें।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को बीज से लेकर बाजार तक सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। खरीफ सीजन में फसलों की जरूरत के अनुसार उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है और इस संबंध में भारत सरकार के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।
फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य
सरकार ने प्रदेश के सभी किसानों से अनुरोध किया है कि वे अपनी कृषि भूमि या बैनामा के आधार पर शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री (Farmer Registry) जरूर कराएं। ऐसा करने से किसानों को खरीफ सीजन में फसल संस्तुति के अनुसार बिना किसी परेशानी के पर्याप्त उर्वरक प्राप्त हो सकेंगे।
इसके साथ ही कृषि विभाग ने किसानों से यह भी आग्रह किया है कि प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है, इसलिए किसान किसी भी प्रकार की अफवाहों में न आएं और अनावश्यक रूप से उर्वरकों का अग्रिम भंडारण न करें।
1 अप्रैल से 27 जुलाई तक उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण के आंकड़े (2026 तुलनात्मक विवरण)
चालू वर्ष में कृषि कार्यों के लिए उर्वरकों का वितरण सुचारू रूप से चल रहा है। 1 अप्रैल से 27 जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार:
- यूरिया: उपलब्धता 31.55 लाख मीट्रिक टन रही, जबकि वितरण 22.18 लाख मीट्रिक टन दर्ज किया गया (गत वर्ष 2025 में यह 20.47 लाख मीट्रिक टन था)।
- डीएपी (DAP): उपलब्धता 7.11 लाख मीट्रिक टन रही, जबकि वितरण बढ़कर 4.37 लाख मीट्रिक टन (वर्ष 2025 में 3.96 लाख मीट्रिक टन) हो गया है।
- एनपीके (NPK): उपलब्धता 6.33 लाख मीट्रिक टन और वितरण 1.90 लाख मीट्रिक टन रहा (वर्ष 2025 में 1.43 लाख मीट्रिक टन)।
- एसएसपी (SSP): उपलब्धता 4.72 लाख मीट्रिक टन और वितरण 2.13 लाख मीट्रिक टन रहा।
- एमओपी (MOP): उपलब्धता 1.35 लाख मीट्रिक टन तथा वितरण 0.24 लाख मीट्रिक टन दर्ज किया गया।
वर्तमान स्टॉक (28 जुलाई 2026 की स्थिति):
28 जुलाई 2026 तक प्रदेश के गोदामों और भंडारों में भारी मात्रा में खाद उपलब्ध है:
- यूरिया: 14.77 लाख मीट्रिक टन
- डीएपी: 4.81 लाख मीट्रिक टन
- एनपीके: 4.90 लाख मीट्रिक टन
- एसएसपी: 3.46 लाख मीट्रिक टन
- एमओपी: 1.11 लाख मीट्रिक टन
वर्तमान में किसानों द्वारा प्रतिदिन औसतन 32,780 मीट्रिक टन यूरिया, 6,715 मीट्रिक टन डीएपी और 1,967 मीट्रिक टन एनपीके का क्रय व उपयोग किया जा रहा है।
मंडलों के अनुसार यूरिया, डीएपी और एनपीके की उपलब्धता (मीट्रिक टन में)
किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश के सभी मंडलों में खाद का पर्याप्त कोटा भेजा गया है, जिसका विवरण (मीट्रिक टन में) नीचे दिया गया है:
|
मंडल का नाम |
यूरिया (Urea) |
डीएपी (DAP) |
एनपीके (NPK) |
|
सहारनपुर मंडल |
43,275 |
12,322 |
3,439 |
|
मेरठ मंडल |
67,551 |
35,145 |
15,812 |
|
आगरा मंडल |
95,852 |
35,052 |
22,012 |
|
अलीगढ़ मंडल |
86,474 |
31,297 |
16,390 |
|
बरेली मंडल |
1,16,987 |
38,202 |
35,963 |
|
मुरादाबाद मंडल |
83,972 |
21,018 |
41,760 |
|
कानपुर मंडल |
1,43,076 |
46,433 |
63,287 |
|
प्रयागराज मंडल |
1,11,070 |
27,888 |
49,117 |
|
झाँसी मंडल |
47,722 |
29,815 |
10,162 |
|
चित्रकूट मंडल |
50,189 |
14,514 |
7,889 |
|
वाराणसी मंडल |
1,09,312 |
27,299 |
28,663 |
|
मिर्जापुर मंडल |
36,014 |
11,972 |
10,242 |
|
आजमगढ़ मंडल |
73,086 |
21,853 |
19,294 |
|
गोरखपुर मंडल |
91,659 |
28,844 |
34,063 |
|
बस्ती मंडल |
51,638 |
15,813 |
16,818 |
|
देवीपाटन मंडल |
59,199 |
18,035 |
16,906 |
|
लखनऊ मंडल |
1,38,186 |
39,076 |
57,889 |
|
अयोध्या मंडल |
71,695 |
26,543 |
40,555 |