खरीफ सीजन में धान की रोपाई और अन्य फसलों की बुवाई के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए राहत भरी खबर दी है। कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में हुई उर्वरक समीक्षा बैठक में बताया गया कि प्रदेश में किसानों के लिए यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी और एमओपी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
सरकार ने उर्वरक कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि भारत सरकार द्वारा आवंटित उर्वरकों की 100 प्रतिशत आपूर्ति जुलाई 2026 के भीतर सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
प्रदेश में खाद का ताजा स्टॉक (20 जुलाई 2026 तक)
कृषि मंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य में खाद की कोई कमी नहीं है। सहकारिता और निजी दोनों क्षेत्रों के सेल पॉइंट्स पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है:
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उर्वरक का प्रकार |
कुल उपलब्धता (मीट्रिक टन) |
दैनिक औसतन खपत (मीट्रिक टन) |
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यूरिया (Urea) |
15.98 लाख |
27,232 |
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डीएपी (DAP) |
5.02 लाख |
6,261 |
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एनपीके (NPK) |
4.93 लाख |
1,851 |
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एसएसपी (SSP) |
3.63 लाख |
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एमओपी (MOP) |
1.11 लाख |
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किसानों से अपील: ना करें जमाखोरी, कराएं फार्मर रजिस्ट्री
- फार्मर रजिस्ट्री आवश्यक: सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी कृषि भूमि या बैनामा के अनुसार 100 प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री जरूर कराएं, ताकि संस्तुति के अनुसार खाद प्राप्त करने में कोई दिक्कत न हो।
- अनावश्यक भंडारण से बचें: पर्याप्त खाद उपलब्ध है, इसलिए किसान बिना वजह एडवांस में खाद का भंडारण न करें। इससे आपूर्ति श्रृंखला में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर सरकार की बड़ी कार्रवाई
उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और तय कीमत से ज्यादा (ओवर-रेटिंग) वसूली रोकने के लिए राज्य सरकार बेहद सख्त है। 1 अप्रैल से 21 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में चलाए गए अभियान के आंकड़े इस प्रकार हैं:
- कुल छापे (Raids): 7,364
- दर्ज FIR: 30 मामले
- निलंबित/निरस्त लाइसेंस: 136 निलंबित, 35 निरस्त
- सील की गई दुकानें: 19
- कारण बताओ नोटिस: 694
- जब्त स्टॉक: 266.60 मीट्रिक टन
सरकार का यह स्पष्ट संदेश है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी विक्रेता को बख्शा नहीं जाएगा।