राज्य के 1 लाख 12 हजार से अधिक किसानों को किया गया रबी फसल बीमा दावों का भुगतान

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rabi fasal yojna daavo ka bhugtan

रबी फसल बीमा दावों का भुगतान

वर्ष 2019-20 में न केवल खरीफ फसलों का नुकसान हुआ था बल्कि असमय बारिश एवं ओलावृष्टि से रबी फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचा था | फसल नुकसानी के चलते किसानों को काफी आर्थिक हानि हुई थी | ऐसे में जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का बीमा करवाया था वह अभी भी बीमा दावों के भुगतान की राह देख रहे हैं | अभी तक जहाँ कई राज्यों में खरीफ फसल के नुकसान की बीमा राशि भी किसानों को नहीं दी गई है वहीँ छतीसगढ़ राज्य में किसानों को रबी फसलों के फसल बीमा दावों का भुगतान किया जा चूका हैं |

राज्य के 1 लाख 12 हजार 805 किसानों को दिया गया फसल बीमा

छत्तीसगढ़ राज्य के 1 लाख 12 हजार 805 किसानों को प्रधानमंत्री बीमा योजनांतर्गत रबी फसलों की क्षतिपूर्ति के लिए 495 करोड़ 98 लाख रूपए की दावा राशि का भुगतान बीमा कम्पनियों द्वारा किया गया है। रबी फसलों के लिए राज्य के 25 जिलों के 1 लाख 12 हजार 805 किसानों को निर्धारित उपज से वास्तविक उपज कम प्राप्त होने तथा प्राकृतिक आपदा के कारण फसलों को हुए नुकसान के लिए यह दावा राशि भुगतान की गई है। रबी फसलों के बीमा के लिए बीमा कम्पनियों को 57 करोड़ 94 लाख रूपए का कुल प्रीमियम भुगतान किया गया था।

जिलेवार किसानों को किया गया कुल भुगतान

कृषि विभाग के संयुक्त संचालक श्री चंद्रवंशी ने बताया कि रबी फसलों की क्षतिपूर्ति एवज में बलरामपुर जिले के 279 कृषकों को 5.77 लाख रूपए, जांजगीर-चांपा जिले के 60 कृषकों को 1.67 लाख रूपए, जशपुर जिले के 22 कृषकों को 27 हजार रूपए, कबीरधाम जिले के 17,638 कृषकों को 59 करोड़ 27 हजार रूपए, मुंगेली के 1890 कृषकों को 303 करोड़ 9 लाख 57 हजार रूपए, बालोद के 2095 कृषकों को 5 करोड़ 13 लाख 20 हजार रूपए, बलौदाबाजार के 137 कृषकों को 22 लाख 69 हजार रूपए, बस्तर के 73 कृषकों को 3 लाख 59 हजार रूपए, बेमेतरा के 39740 कृषकों को 215 करोड़ 19 लाख 36 हजार रूपए, बिलासपुर के 849 कृषकों को 34 लाख 72 हजार रूपए की दावा राशि का भुगतान किया गया है।

वहीँ दंतेवाड़ा जिले के 32 कृषकों को 83 हजार रूपए, धमतरी के 202 कृषकों को 52 लाख 24 हजार रूपए, दुर्ग जिले के 11,105 कृषकों को 49 करोड़ 4 लाख 61 हजार रूपए, गरियाबंद के 15 कृषकों को एक लाख 53 हजार रूपए, कोण्डागांव के 12 कृषकों को एक लाख 62 हजार रूपए, कोरबा के 30 कृषकों को 8 हजार रूपए, कोरिया के 224 कृषकों को 16 लाख 4 हजार रूपए, रायगढ़ के 4 कृषकों को 43 हजार रूपए, रायपुर के 101 कृषकों को 17 लाख 9 हजार रूपए, राजनांदगांव के 37,293 कृषकों को 162 करोड़ 56 लाख 61 हजार रूपए, सुकमा के 10 कृषकों को 16 हजार रूपए, सूरजपुर के 178 कृषकों को 7 लाख 4 हजार रूपए, सरगुजा के 799 कृषकों को 29 लाख 32 हजार रूपए तथा कांकेर के 7 कृषकों को 15 हजार रूपए की दावा राशि का भुगतान किया गया है।

राज्य के किसान 15 जुलाई तक करवा सकते हैं खरीफ फसलों का बीमा

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2020 का लाभ लेने की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2020 निर्धारित की गई है। इस योजना केे अंतर्गत धान सिंचित, धान असिंचित, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, मूंग एवं उड़द को बीमा के लिए बीमा ईकाई ग्राम पर अधिसूचित किया गया है। इसमें ऋणी और अऋणी किसान भू-धारक एवं बटाईदार सम्मिलित हो सकते है। इस संबंध में संचालक कृषि संचालनालय छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा आदेश जारी किया गया है। अधिसूचित फसल को बीमित कराने के लिए इच्छुक किसान फसल बीमा हेतु अंतिम तिथि 15 जुलाई तक नजदीकी बैंक, वित्तीय संस्था, लोकसेवा केन्द्रों में संपर्क कर अपनी फसल को बीमित करा सकते है।

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11 COMMENTS

  1. साहेब हमारे खेत में फसल पर टिड्डी दल ने हमला कर दिया है क्या करे , पूरी फसल बरबाद कर दिया है
    पीएम योजना के अंतर्गत बीमा भी किया हुआ है,। कुछ मुहावजे का 3 ऐलान किया जाए

    • जी फसल बीमा कंपनी को सूचित कर जल्द से जल्द सर्वे करवाएं |

    • राज्य के अलग-अलग जिलों में खोले जायेंगे | राज्य में 100 कस्टम हायरिंग केंद्र खोलने का लक्ष्य है |

    • बिहार में फसल बीमा योजना बंद कर दी गई है | कृषि इनपुट सब्सिडी योजना के तहत मुआवजा दिया जाता है |

    • फसल बीमा कंपनी या स्थानीय अधिकारीयों से सम्पर्क करें |

    • जिस कंपनी से बीमा है उसके टोल फ्री नम्बर पर कॉल करें | इसके अतिरिक्त अपने यहाँ के स्थानीय अधिकारीयों से सम्पर्क करें |

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