25 मार्च तक किसानों को ब्याज सहित फसल बीमा क्लेम का भुगतान करें कंपनियां: कृषि मंत्री

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फसल बीमा क्लेम का भुगतान

मार्च माह में बेमौसम आंधी–पानी तथा ओलावृष्टि से उत्तर भारत के राज्यों में खड़ी फसल को काफी नुकसान पहुंचा है | नुकसान होने वाली फसलों में दलहनी, तेलहनी, गेहूं के अलावा सब्जी आदि फसल शामिल है | दलहनी तथा तेलहनी फसल ऐसे समय में खराब हुई है जब कटाई का समय आ चूका था अर्थात किसान फसल उत्पादन में लगने वाली सभी राशि खर्च चूका है | अब फसल नुकसान होने से किसान उसकी लागत नहीं निकाल पायेगा | इस नुकसानी की भरपाई के लिए राज्य सरकारों के द्वारा प्रयास किया जा रहा है | जिन किसान के पास फसल बीमा है उन किसानों के लिए राज्य सरकार जल्द से जल्द सर्वे कराकर बीमा राशि देने का प्रयास कर रही है |

इसी बीच उत्तर प्रदेश राज्य सरकार ने राज्य में किसानों के बीच काम करने वाली बीमा कम्पनी को निर्देश दिया है कि वह 15 दिनों में सर्वे का कम पूरा करके फसल नुकसानी की बीमा राशि किसानों को दें | कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने बीमा कंपनियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्राविधानों के अनुसार 15 दिन के अंदर सर्वेक्षण कार्य कराकर प्रदेश में ओलावृष्टि एवं अतिवृष्टि से किसानों को हुए नुकसान का व्यक्तिगत क्षति के आधार पर आकलन किया जाये |

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कृषि मंत्री ने बीमा कंपनियों को 15 दिन के अंदर सर्वे के दिए निर्देश

कृषि मंत्री आज विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में कृषि विभाग के अधिकारीयों एवं बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत किसानों को क्षतिपूर्ति के भुगतान की समीक्षा कर रहे थे | कृषि मंत्री ने इस बात पर नाराजगी व्यक्त किया कि कंपनी का टोल फ्री नंबर के क्रियाशील नहीं है | इसके साथ कृषि मंत्री ने कंपनियों के टोल फ्री नंबर पर कम्पलेंट दर्ज करने के अलावा आवेदन ऑफलाइन भी प्राप्त करें | साथ ही जिन किसानों की काल ड्राप के कारण दावे पंजीकृत नहीं हुए हैं, उन किसानों के दावों का भी सर्वे किया जाये |

खरीफ फसल की बीमा राशि ब्याज के साथ दें कंपनियां

कृषि मंत्री ने खरीफ 2019 मौसम में बीमा कंपनीवार क्षतिपूर्ति के भुगतान की समीक्षा की | उन्होंने पाया कि नेशनल इंश्योरेंस, दि ओरियन्टल इंश्योरेन्स एवं युनिवर्सल सोमपो इंश्योरेन्स कंपनियों द्वारा खरीफ 2019 की क्षतिपूर्ति का भुगतान अभी तक सुनिश्चित नहीं किया गया है | इस पर उन्होंने बीमा कंपनियों को निर्देशित दिये कि आगामी 25 मार्च तक ब्याज सहित किसानों की क्षतिपूर्ति का भुगतान सुनिश्चित करें | अन्यथा की स्थिति में कंपनियों के विरुद्ध कठोर करवाई करते हुए उन्हें काली सूचि में डाल दिया जायेगा |

किसानों के द्वारा दिया गया ज्ञापन को भी शिकायत माना जाए

प्रमुख सचिव कृषि, श्री देवेश चतुर्वेदी ने बैठक में बीमा कंपनियों से अपेक्षा कि की वे जनपद स्तर पर स्थापित अपने कार्यालयों एवं कार्मिकों का भी विवरण उपलब्ध करायें | इसके अतिरिक्त ब्लाक एवं तहसील स्तर पर प्राप्त प्राथना पत्रों का भी पूर्ण विवरण उपलब्ध करने के निर्देश दिये गये | कृषि विभाग के अधिकारीयों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे राजस्व विभाग से अधतन सूचि प्राप्त कर बीमित किसानों के नुकसान का आकलन सुनिश्चित करें |

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22 COMMENTS

    • नहीं उसके लिए स्वयं की भूमि हो या अग्रीमेंट पर खेती करते हो तब ही बनेगा|

    • बिहार में कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत आवेदन करें |

  1. निधि योजना और इनपुट योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

    • फसल बीमा नहीं है बिहार में | आपको कृषि इनपुट अनुदान दिया जाता है |

    • फसल बीमा कम्पनी के टोल फ्री नम्बर पर कॉल करें |

    • बिहार में फसल बीमा योजना नहीं है | वहां कृषि इनपुट अनुदान योजना हे |

  2. फसल बीमा का कोई लाभ नहीं मिल रहा है 2018 19 का बकाया भुगतान बड़ा है अभी तक नहीं हो पाया है बीकानेर जिले राजस्थान का है क्या उम्मीद है आने की अपनी राय जरूर बताएं भाई

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