बड़ी खबर! 800 रुपये प्रति क्विंटल पर प्याज खरीदेगी सरकार

0
870
views
प्याज पर अनुदान

मुख्यमंत्री प्याज प्रोत्साहन योजना को मिली मंजूरी

किसानों के द्वारा प्याज के उत्पादन के बाद जब अच्छा भाव नहीं मिलता है तो उसी प्याज को कम दाम पर बेचने को मजबूर होते हैं या फिर सड़क पर फेक कर चले जाते है | इस वर्ष भी प्याज उत्पादन के बाद अच्छे भाव नहीं मिलने के कारण किसान सड़क पर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है | इस वर्ष भी किसानों को प्याज का भाव नहीं मिल पा रहा है | चुनावी वर्ष रहने के कारण सरकार पर किसानों का दवाब है | इसी लिए सरकार ने तुरन्त हरकत में आते हुये किसानों के प्याज का भाव तय करने जा रहा है | मध्यप्रदेश की राज्य सरकार ने किसनों के प्याज के भाव को तय कर रही है | इसके लिए राज्य सरकार ने 8,00 रूपये प्रति क्विंटल का भाव तय किया है |

कहाँ बेच सकेगें किसान

किसानों को प्याज 800 रु प्रति क्विंटल भाव मिल सके इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री प्याज प्रोत्साहन योजना की मंजूरी दे दी है | योजना में राज्य सहकारी विपणन समितियों, कृषक उत्पादक संगठनों, राज्य के सार्वजनिक उपक्रम, निजी संस्थाओं और व्यापारियों को इस बात के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा की वे किसानों से 800 रु. प्रति किवंटल से कम कीमत में प्याज न खरीदे | जिस समय मध्य प्रदेश में प्याज की खरीदी होती है उस समय भाव गिर जाता है लेकिन उसी समय दिल्ली, लखनऊ, बंगाल , रांची में प्याज की कीमत अच्छी रहती है | 

यह भी पढ़ें   अब किसान अपना माल अन्य राज्यों के व्यापारियों को सीधे बेच सकेगें

राज्य सरकार ने व्यापारियों के द्वारा प्याज खरीदी के बाद दुसरे प्रदेश में ले जाने परिवहन और प्याज भण्डारण पर होने वाले खर्चों का 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जायेगा| साथ ही राज्य की सहकारी विपणन समितियों अथवा कृषक उत्पादन संगठन द्वारा यदि किसानों से ली गई प्याज का प्रदेश के बाहर विक्रम का कम किया जाता है, तो उन्हें परिवहन और भंडारण पर होने वाले खर्चों की शत – प्रतिशत पूर्ति की जायेगी |

कैसे दी जाएगी राशि 

इस सबके बावजूद यदि मई और जून माह में बाजार में कीमतें 8,00 रुपया प्रति क्विंटल से नीचे जाती है , तो जो पंजीकृत किसान इस अवधि में प्याज बेचेंगे उन्हें निर्धारित मंडियों के माडल विक्रय भाव और 800 रूपये प्रति किवंटल के समर्थन मूल्य के बीच के अंतर की राशि सीधे उनके बैंक खाते में जमा की जायेगी |

किसान समाधान के YouTube चेनल की सदस्यता लें (Subscribe)करें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here