कृषि वैज्ञानिकों की सलाह: फरवरी माह में किसान अधिक आय के लिए करें यह कार्य

0
6656
kisan abhi kya kare vaigyaniko ki salah

फरवरी माह में खेती-किसानी के लिए सलाह

फरवरी माह की शुरुआत हो चुकी है, किसानों ने जो रबी फसलों की बुआई की हुई है वह फूल पर है | किसानों को  इस समय इन फसलों को लेकर सावधानियां बरतने की जरुरत है क्योंकि इस समय कीट एवं रोगों का प्रकोप सर्वाधिक होता है | सर्दी का मौसम खत्म होने के कारण इस माह पाला पड़ने की संभावना भी अब कम है लेकिन सावधनी बरतनी चाहिए | साथ ही रबी फसल के बाद गर्मी के मौसम में सब्जियों की खेती ज्यादा लाभकारी रहेगी क्योंकि खेत खाली छोड़ने से बेहतर है की सब्जियों की खेती कर किसान अतिरिक्त आय कर सकते हैं ||

किसान समाधान इस माह को ध्यान में रखते हुए किसानों के लिए फसल के अनुसार कृषि सलाह लेकर आया है जिससे फसलों के बचाव के साथ यह समय कौन सी सब्जी की खेती के लिए उत्तम रहेगी | यह जानकारी बिहार कृषि विश्वविध्यालय सबौर के अंतर्गत जारी की गई है |

इस माह में किसान कौन सी फसल की बुआई करें ?

रबी की फसल की बुआई के बाद किसान गर्मी के मौसम में सब्जी की खेती कर सकते हैं | ग्रीष्म कालीन सब्जियों जैसे की भिन्डी, लोकी, करेला की रोपाई के लिए भूमि तैयार करने की सलाह दी जाती है | सब्जियों के स्वस्थ्य उत्पादन के लिए, जमीन तैयार करने के दौरान 15–20 टन/ एकड़ वर्मी कम्पोस्ट देने की सलाह दी जाती है | सब्जी की फसलों को कटवर्म के हमले से बचाने के लिए भूमि की जुताई के दौरान क्लोरपायरीफास 2 लीटर/ एकड़ की छिडकाव करने की सलाह दी गई है |

यह भी पढ़ें   5 लाख रुपये की सब्सिडी पर औषधीय फसलों की खेती करने हेतु अभी आवेदन करें

आलू की खेती करने वाले किसान क्या करें ?

किसानों को आलू की फसल को अगेती तथा पिछेती झुलसा रोग से बचाना होगा इसके लिए रिडोमिल 2 ग्राम प्रति लिटर पानी में घोल बनाकर दो से तिन बार 10 से 15 दिन के अंतराल पर छिडकाव करें |

मक्का की खेती करने वाले किसान क्या करें ?

जो किसान मक्का की खेती कर रहें हैं वो खेत में पर्याप्त नमी न होने पर फसल की सिंचाई करें | स्टेम बोरेर को नियंत्रित करने के लिए कार्बेरिल 50 डब्ल्यूपी 1 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से या डाइमेथोएट 30 प्रतिशत ईसी 250 मिली./एकड़ की दर से छिडकाव करें | यदि फॉल आर्मी कीड़ा का हमला अधिक है तो इस कीड़े के प्रभावी नियंत्रण के लिए निमिसाईड का छिडकाव करें आय फेरोमोन ट्रेप लगायें |

गेहूं की खेती करने वाले किसान क्या करें ?

फसल में पर्याप्त नमी न होने पर फसल की सिंचाई करें | कटवर्म को नियंत्रित करने के लिए कार्बेरिल 50 प्रतिशत ,800 ग्राम को 800 लीटर पानी / एकड़ या डाइकोलोवोस 76 प्रतिशत ईसी. 112 – 150 मि.ली. को 200 – 400 लिटर पानी प्रति एकड़ की दर से घोल बनाकर छिडकाव करें | दीमक को नियंत्रित करने के लिए क्लोरपायरीफाँस 20% ईसी. 3 लिटर प्रति हेक्टेयर की दर से मिटटी में छिडकाव करें |

यह भी पढ़ें   किसानों से 15 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी जाएगी, सरकार ने जारी किये नए नियम

चना तथा मसूर की खेती करने वाले किसान क्या करें ?

किसानों को सलाह दी जाती है की चना एवं मसूर में दाना बनने के समय फली छेदक की नियंत्रण के लिए N.P.V.250 L.E. प्रति हेक्टेयर की दर से छिडकाव करें | यदि चने की खेती में कटुआ कीड़ा का प्रकोप अधिक हो तो क्लोरपायरीफाँस 20 ई.सी. 2 मि.ली. प्रति लिटर पानी में घोल बनाकर जड़ के पास छिडकाव करें |

सरसों तथा राई की खेती करने वाले किसान क्या करें ?

सापेक्षिक आद्रता को ध्यान में रखते हुए सरसों तथा राई के किसानों को सलाह दी जाती है कि सफेद रतुआ रोग की निगरानी करते रहें | यदि संक्रमन अधिक है तो Dithane-M–45, 2 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करें | महू या एफिड को नियंत्रित करने के लिए रोगर 30 ई.सी. 1 मिली. को 1000 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करें |

पशुपालक क्या करें ?

जानवरों में बाहरी परजीवियों को नियंत्रित करने के लिए, उन्हें ब्युटोकस औषधि प्रदान करें | पशुओं को भोजन के साथ नमक दें और धुप में रखें | कम तापमान के कारन रात में जानवरों को गर्म स्थानों पर रखें |

किसान समाधान के YouTube चेनल की सदस्यता लें (Subscribe)करें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here