किसानों एवं युवाओं को कृषि क्षेत्र में दिया जा रहा है प्रशिक्षण एवं प्रमाण पत्र

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farmers training and certificate

किसान युवा प्रशिक्षण कार्यक्रम

बदलते जलवायु तथा नये प्रजातियों की खेती के साथ – साथ बाजार को देखते हुये खेती करने के लिए किसानों को नये – नये तकनीक को सीखना जरुरी रहता है | इसके लिए समय – समय पर राज्य तथा केंद्र सरकार किसानों को प्रशिक्षण देती रहती है | इसी तरह कृषि के अलग – अलग क्षेत्रों में किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है | इसका मकसद यह है किसानों को नई-नई तकनीक सिखाई जाए | किसान समाधान इस पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी लेकर आया है |

किसानों को प्रशिक्षण किस राज्य के द्वारा दिया जा रहा है ?

बिहार सरकार के द्वारा कृषि के अलग – अलग क्षेत्रों में किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है | बिहार राज्य सरकार प्रत्येक वर्ष किसानों को इस तरह की प्रशिक्षण देते आ रही है |

किसान प्रशिक्षण का उद्देश्य

कृषि क्षेत्र में कार्य करने वाले किसानों एवं महिलाएँ जो अकुशल समझे जाते है, उनके उच्च स्तर के कार्य कौशल का प्रमाण पत्र देकर पहचान दिलाना तथा स्वरोजगार / रोजगार उपलब्ध करना इसका मुख्य उद्देश्य है |

प्रशिक्षण कौन – कौन क्षेत्रों में दिया जा रहा है ?

कौशल प्रशिक्षण पाठ्यक्रम कृषि के क्षेत्र में 23 पाठ्यक्रमों में यथा मधुमक्खीपालक फ्लोरिक्ल्चरिस्ट – आपेन प्लांट ग्रोवर, माइको इरीगेशन टेकनीशियन, मशरूम उत्पादक (लघु उधमी) , नीरा टेकनीशियन आरगेनिक ग्रोवर , पैकहॉउस वर्कर, पेस्टीसाइड एप्लीकेटर, क्व़ालिटी सीड ग्रोवर, सीड एनालाइसिस इंचार्ज, सीड प्रोसेसिंग प्लांट तकनीशियन, सीड प्रोसेसिंग वर्कर, सर्विस एवं मेंटिनेंस तकनीशियन – फार्म मशीनरी, सुगरकेन कल्टीवेटर ट्रैक्टर मेकैनिक, वर्मिक्म्पोष्ट प्रोड्यूसर, वेयरहाउस वर्कर, वाटरशेड असिस्टेंट में चलाया जा रहा है |

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प्रशिक्षण का शेडूल्य तथा नियम क्या है ?

  1. प्रत्येक पाठ्यक्रम के लिए 24 घंटे यानि 30 दिन अथवा 320 घंटे यानि 35 दिनों के लिए निर्धारित किया गया है |
  2. कौशल विकास मिशन में प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु पात्रता दिया जायेगा |
  3. प्रशिक्षुक के पास मैट्रिक का मार्क शीट पास होना चाहिए |
  4. उम्र सीमा 15 वर्ष से 59 वर्ष एवं बिहार का निवासी होना चाहिए |

कितने छात्र को प्रशिक्षण दिया जायेगा

उक्त प्रशिक्षण में कुल 150 प्रतिभागियों ने भाग लिया जिसमें 140 सफल प्रशिक्षनार्थियों का प्रमाणपत्र वितरण किया जा रहा है |

किसानों को प्रशिक्षण कहाँ दिया जायेगा

वित्तीय वर्ष 2018 – 19 में कौशल विकास मिशन योजना अंतर्गत डा. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविध्यालय , पूसा, समस्तीपुर, बिहार कृषि विश्वविध्यालय सबौर, भागलपुर अंतर्गत कृषि विश्वविध्यालय, कृषि / उधान म्हाविधाल्यों / कृषि विज्ञान केन्द्रों तथा एन.जी.ओ. संचालित कृषि विज्ञान केंद्र सीतामढ़ी एवं कैमूर तथा स्काडा द्वारा संचालित भोजपुर कृषि विज्ञान केंद्र, बामेती तथा 38 आत्मा जिलों के माध्यम से कुल 174 प्रशिक्षण के विरुद्ध 116 प्रशिक्षण का आयोजन करते हुये 3540 प्रशिक्षनार्थियों का प्रशिक्षण दिया जा चूका है | इसी तरह इस वर्ष भी इन सभी जगहों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जायेगा |

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किसानों को प्रशिक्षण से होने वाले लाभ

कृषि विभाग की योजनाओं में कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त प्रशिक्षनार्थियों को प्राथमिकता दी जायेगी , विशेषकर वैसी योजनाओं जिसमें लागत अधिक लगता है | किसानों एवं कृषि से संबंधित उधमियों को बैंकों से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है | एक लाख तक बैंक लोन बिना किसी गरंटी का सब्सिडी के बाद मात्र 3 प्रतिशत ब्याज पर यानि एक साल में एक लाख पर मात्र तिन हजार ब्याज पर उपलब्ध कराया जा रहा है | कृषि विभाग द्वारा बिहार कृषि प्रबंधन एवं प्रसार प्रशिक्षण संस्थान (बामेती), बिहार पटना के माध्यम से मशरूम ग्रोवर 04 प्रशिक्ष्ण एवं रूफटॉप गार्डनिंग विषय पर एक प्रशिक्षण का आयोजना किया गया है |

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