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रविवार, जून 16, 2024
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15 अप्रैल से शुरू होगी गेहूं, चना, सरसों एवं मसूर की समर्थन मूल्य पर खरीद

गेहूं, चना, सरसों एवं मसूर की समर्थन मूल्य पर खरीद

कोरोना वायरस संक्रमण के चलते  देश भर में 24 मार्च से लॉक डाउन चल रहा है | इसके अन्तर्गत किसी भी स्थान पर लोगों को एकत्र होने पर रोक लगा दी गई है | इसका असर किसानों पर पड़ा है जहाँ कुछ राज्यों में रबी फसलों की खरीदी 1 अप्रैल से शुरू होती थी वहां स्थगित कर दी गई थी | केंद्र सरकार द्वारा किसानों को लॉक डाउन में कृषि कार्यों में छूट दी गई है जिसमे समर्थन मूल्य पर फसल बेचना भी शामिल है | अब अधिकांश राज्य सरकारें रबी फसलों की खरीद 15 अप्रैल से शुरू करने की तैयारी कर रहीं हैं |

मध्यप्रदेश की राज्य सरकार 15 अप्रैल से रबी फसल रबी, चना, सरसों एवं मसूर की खरीदी करने जा रही है सरकार द्वारा सभी तैयारी कर ली गई है | किसानों की भीड़ मण्डी तथा सोसायटी में अधिक नहीं हो इसके लिए अधिक संख्या में खरीदी केंद्र खोले जा रहे हैं तथा किसानों को एसएमएस के माध्यम से खरीदी डेट देने की व्यवस्था की गई है |

गेहूं, चना, सरसों एवं मसूर की खरीद

राज्य सरकार इस वर्ष किसानों से गेहूं, चना, सरसों एवं मसूर न्यनतम समर्थन मूल्य पर खरीदेगी | कोरोना वायरस संक्रमण  को देखते हुए इस बार खरीदी सिर्फ 45 दिनों की होने वाली हैं | 15 अप्रैल से लेकर 31 मई तक रबी फसल की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किया जाना है | इसलिए मुख्यमंत्री ने समितियों तथा उससे जुड़े सभी शासकीय अमला से यह आह्वान किया है कि इस बार की खरीदी मिशन के रूप में किया जाए | 

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा की इस बार लगभग 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं तथा 10 लाख मीट्रिक टन चना, मसूर, सरसों की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जानी है | इसके अलावा खरीदी केन्द्रों पर बारदाना हम्माल, मजदूर परिवहन भंडारण आदि सभी व्यवस्थाएं अच्छी से अच्छी करने की निर्देश दिये गये हैं |

किसान एसएमएस SMS प्राप्त होने पर ही उपज लेकर आये

 कोरोना वायरस को देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील है कि खरीदी केन्द्रों पर भीड़ नहीं लगाई जाये | इसके लिए यह आवश्यक है कि किसानों को एसएमएस और अन्य सुचना माध्यमों से सुचना दी जाए कि किस दिन खरीदी केन्द्रों पर फसलें बेचने आना है | किसान उसी दिन अपनी फसल बेचने खरीदी केंद्र पार आएं |

पी.पी. बैग्स से होगा उपयोग

प्रमुख सचिव खाध नागरिक आपूर्ति एवं उपभोगता संरक्षण श्री शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि जूट के बोरों की अनुपलब्धता के कारण इस बार पीपी बैग में ही खरीदी का कार्य किया जाएगा |उन्होंने कहा कि वर्तमान में हमारे पास 64 लाख मीट्रिक टन खरीदी के लिए पीपी बैग उपलब्ध हैं | केन्द्रों में खरीदी क्षमता 9 लाख टन हैं | पीपी बैग्स खरीदी के आदेश जारी किए जा चुके हैं | प्रदेश में 115 लाख मीट्रिक टन रबी फसलों की खरीदी के लिए पीपी बैग्स की व्यवस्था कर रही हैं |

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4 हजार केन्द्रों पर की जाएगी खरीदी

इसके बारे में जानकारी देते हुए श्री शिव शेखर ने बताया गत वर्ष प्रदेश में 3545 खरीदी केंद्र थे, जिन्हें बढ़ाकर इस वर्ष 3813 कर दिया गया है | इसके अलावा नए केंद्र भी बनाए जा रहे हैं | कुल खरीदी केन्द्रों की संख्या 4,000 तक हो जाएगी |

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33 टिप्पणी

  1. Hi
    मे रामप्रसाद पंजीकृत कमाक 08069668
    चना समर्थन मूल्य के लिए केंद्र हिडोली(बूदी ) मे पंजीकृत है लाॅकडाउन से पहले मैसेज मिला था लेकिन लाॅकडाउन की वजह से खरीद केंद्र बद होने से तुलाई नही हो सकी है
    सर क्या दोबारा मैसेज मिलेगा

    • हार्वेस्टर आप बुलवा सकते हैं | बस ड्राईवर को जिले से पास लेना होगा | फिर भी यदि हार्वेस्टर नहीं आते हैं तो आप दुसरे यंत्र से कटाई करें |

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