कोनो वीडर खरपतवार नियंत्रण के लिए आधुनिक यंत्र

2
1955

कोनो वीडर खरपतवार नियंत्रण के लिए आधुनिक यंत्र

कोनो वीडर में दो रोटर, फ्लोट, फ्रेम एवं एक हैंडल लगा होता है। रोटर आकार में कोन-फ्रस्टम, चिकना एवं दाँतेदार होता है और लम्बाई में सतह से जुड़ा होता है। रोटर एक दूसरे के विपरीत होते हैं। इसमें रोटर, फ्लोट, हैंडल फ्रेम से जुड़े होते हैं। फ्लोट यंत्र की गहराई को नियंत्रित करता है और रोटर को कादो में डुबने से बचाता है। इस यंत्र द्वारा हाथ से निंदाई -गुड़ाई करने की तुलना में 60-70 प्रतिशत मजदूरी की बचत, 30-40 प्रतिशत संचालन खर्च में बचत तथा 9 प्रतिशत उपज में वृद्धि होती है।

विशिष्ट वर्णन

वजन (कि.ग्रा.)      –     5-6

रोटर की संखया     –     2

क्षमता (हे0/दिन)     –     0.18

प्रारम्भिक लागत (रु0)      –     1800/-

संचालन खर्च (रु0)   –     1200/-

उपयोग :

कोनो वीडर खरपतवार निकालने का उपयुक्त यंत्र हैं। इसकी संचालन विधि बहुत ही आसान है तथा यह पानी में डूबता नहीं है।

यह भी पढ़ें: गन्ने की फसल में देशी विधि से खरपतवार नियंत्रण करें

यह भी पढ़ें: गाजर घास खरपतवार को किस प्रकार नष्ट करें

यह भी पढ़ें: किसान भाई खरपतवार नियंत्रण कैसे कर सकते है 

यह भी पढ़ें: खरपतवारनाशी दवाओं के रासायनिक एवं कुछ व्यापारिक नाम

यह भी पढ़ें   इस योजना के तहत किसान गोबर से बनी जैविक खाद एवं गोमूत्र बेच कर सकेंगे अतिरिक्त कमाई

2 COMMENTS

    • ऐसे पौधों एवं वनस्पतियों को खरपतवार (weed) कहा जाता है जो किसी संदर्भ में अवांछित होते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here