अब किसान पशुपालन एवं मछलीपालन के लिए भी किसान क्रेडिट कार्ड पर लोन ले सकेगें

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kisan credit card for pashupalan & machlipalan

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना 2019

परिचय

किसान क्रेडिट कार्ड के माध्‍यम से भारत सरकार कृषि प्रक्षेत्र से जुड़े किसानों को सस्‍ते दर पर संस्‍थागत ऋण उपलब्‍ध कराती हैं। इससे न सिर्फ कृषि उत्‍पादों को बढ़ाने में मदद मिलती है वरन् कृषि उत्‍पादकता में भी वृद्धि होती है । केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 1998-99 से किसानों को उनकी जोत के अनुसार फसली ऋण की जरूरतों जैसे  

  1. फसलों की खेती के लिए अल्पकालिक ऋण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए;
  2. कटाई के बाद के खर्च;
  3. विपणन ऋण का उत्पादन;
  4. किसान परिवारों की उपभोग आवश्यकताओं;
  5. कृषि से संबद्ध कृषि संपत्ति और गतिविधियों के रखरखाव के लिए कार्यशील पूंजी;
  6. कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए निवेश ऋण की आवश्यकता।

के लिए कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाता है | किसान क्रेडिट कार्ड को समय- समय पर कई परिवर्तन कर किसानों के लिए और अधिक सुविधाजनक बनाया गया है | वर्ष 2019-20 के बजट में किसान क्रेडिट कार्ड को पशुपालन एवं मछलीपालन से भी जोड़ दिया गया है ताकि किसान अब पशुपालन एवं मछलीपालन जैसी गतिविधियों के लिए भी आसानी से लोन ले सकें | किसान क्रेडिट कार्ड वाणिज्यिक बैंकों,  आरआरबी, लघु वित्त बैंकों और सहकारी समितियों पर जाकर बनबाया जा सकता है।

उद्देश्य

किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसान अब केसीसी सुविधा जानवरों को पालने, डेयरी आदि सम्बन्धी गतिविधयों में ऋण की आवश्यकता को पूर्ण करने , पक्षियों, मछली, झींगा, अन्य जलीय जीवों, मछलियों को पकड़ने के लिए अल्पकालिक क्रेडिट आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा |

पात्रता

मछली पालन
  1. अंतर्देशीय मत्स्य पालन और एक्वाकल्चर
  2. मछुआरे,  मछली पालक (व्यक्तिगत और समूह / साझेदार / फसल / किरायेदार किसान), स्वयं सहायता समूह, संयुक्त देयता समूह और महिला समूह।
  3. लाभार्थियों को तालाब, टंकी, खुले जल निकाय, रेसवे, हैचरी, पालन इकाई, जैसे मछली पालन और मछली पकड़ने से संबंधित गतिविधियों के लिए आवश्यक लाइसेंस, और किसी भी अन्य राज्य विशिष्ट मत्स्य पालन और संबद्ध गतिविधियों के रूप में मत्स्य पालन से संबंधित गतिविधियों में से किसी एक का मालिक होना चाहिए।

समुद्री मछली पालन

स्वयं पंजीकृत या पंजीकृत मछली पकड़ने वाले जहाज / नाव, के पास आवश्यक मछली पकड़ने का लाइसेंस / मुहिम और समुद्र में मछली पकड़ने के लिए अनुमति / अनुमति है, मछली पालन / कृषि संबंधी गतिविधियाँ और समुद्र और खुले समुद्र और किसी भी अन्य विशिष्ट मत्स्य और संबद्ध गतिविधियों में समुद्री खेती।

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कुक्कुट और छोटे जुगाली करने वाले पशु

किसान, पोल्ट्री किसान या तो व्यक्तिगत या संयुक्त उधारकर्ता, संयुक्त देयता समूह या स्वयं सहायता समूह जिसमें भेड़ / बकरियां / सूअर / मुर्गी / पक्षी / खरगोश के किरायेदार किसान शामिल हैं और जिनके पास स्वामित्व / किराए पर / पट्टे हैं।

डेयरी

किसान और डेयरी किसान या तो व्यक्तिगत या संयुक्त उधारकर्ता, संयुक्त देयता समूह या स्वयं सहायता समूह जिसमें किरायेदार किसान हैं जिनके पास स्वामित्व / किराए पर / शेड हैं।

वित्त की मात्रा

  • जिला स्तर की तकनीकी समिति (डीएलटीसी) द्वारा स्थानीय लागत के आधार पर प्रति एकड़ / प्रति यूनिट / प्रति पशु / प्रति पक्षी आदि के आधार पर तय किया जाएगा।
  • इसके तहत मत्स्य पालन में कार्यशील पूंजी घटक, बीज, चारा, जैविक और अकार्बनिक उर्वरक, चूना / अन्य मिट्टी कंडीशनर, कटाई और विपणन शुल्क, ईंधन / बिजली शुल्क, श्रम, पट्टा किराया (यदि पट्टे पर दिए गए जल क्षेत्र) आदि पर कब्जा करने वाली मछलियों के लिए, कार्यशील पूंजी में ईंधन, बर्फ, श्रम शुल्क, मौरिंग / लैंडिंग शुल्क आदि शामिल हो सकते हैं जो वित्त के पैमाने का हिस्सा हो सकते हैं।
  • वित्त के पैमाने के तहत पशुपालन में कार्यशील पूंजी घटकों में फीडिंग, पशु चिकित्सा सहायता, श्रम, पानी और बिजली की आपूर्ति की आवर्ती लागत शामिल हो सकती है।
  • कार्यशील पूंजी की आवश्यकता के आकलन के लिए अधिकतम अवधि नकदी प्रवाह विवरण या एक उत्पादन चक्र के पूरा होने पर आधारित हो सकती है।
  • मत्स्य और पशुपालन सरकार के विशेषज्ञ। नकद क्रेडिट आवश्यकता का आकलन करने के लिए तकनीकी जानकारी देने के लिए DLTC के सदस्य बनाए जा सकते हैं।
  • कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं का आकलन करते हुए क्षेत्र स्तर के इनपुट प्रदान करने के लिए पशुधन / मत्स्य पालन क्षेत्र के प्रगतिशील उद्यमियों को भी डीएलटीसी में शामिल किया जा सकता है।

सरल भाषा में समझे तो

पशुपालन एवं मत्स्यपालन की गतिविधियों से अधिक किसानों के जुड़ने के कारण वर्ष 2019 के बजट में किसान क्रेडिट कार्ड सुविधा की उपलब्धता को पशुपालन तथा मत्‍स्‍यपालन के लिए भी सुनिश्चित करने बारे निर्णय लिया गया है और इसी अनुरूप पूर्व से किसान क्रेडिट कार्ड धारकों को 4% ब्याज दर पर 3 लाख की ऋण सीमा के तहत पशुपालन तथा मत्‍स्‍यपालन गतिविधियों को भी शामिल किया गया है।

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जिन किसानों के पास खेती में उपयोगी संसाधनों के लिए क्रेडिट कार्ड नहीं है उनके लिए 2 लाख तक का नया किसान क्रेडिट कार्ड पशुपालन व मत्स्यपालन गतिविधियों के लिए बनाने का प्रावधान किया गया है। अर्थात् अब पशुपालकों तथा मछुआरों को भी 4% की रियायती ब्‍याज दरों पर ऋण उपलब्‍ध हो सकेगा।

किसी प्राकृतिक आपदा से प्रभावित होने की परिस्‍थिति में किसानों को मात्र एक वर्ष की अवधि के लिए 2% ऋण छूट का लाभ मिलता है। प्राकृतिक आपदा में अधिकतम ऋण छूट लाभ देते हुए,किसान हित में सरकार द्वारा प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के लिए अब कृषि ऋण को 3 से 5 वर्षों के लिए पुनर्गठन की अवधि के लिए न सिर्फ 2% ऋण छूट वरन् ससमय भुगतान (Timely Payment) करने पर 3% अतिरिक्त ऋण छूट का लाभ भी दिया जाएगा।

वर्तमान में लगभग 7 करोड़ सक्रिय किसान क्रेडिट कार्ड हैं जिसका अर्थ है कि लगभग 50% किसान आज भी संस्‍थागत ऋण प्रणाली से बाहर हैं। भारत सरकार इन सभी किसानों को संस्‍थागत ऋण प्रक्रिया के तहत लाने के लिए कटिबद्ध है। और इस उद्देश्‍य की प्राप्‍ति हेतु भारत सरकार, राज्‍य सरकार तथा सभी बैंकों के साथ मिलकर किसान क्रेडिट कार्ड के निर्माण हेतु सघन अभियान को प्रारम्‍भ करेगी |

किसान कैसे बनबाएं 

इस अभियान के अंतर्गत ऐसे सभी इच्छुक किसान जो कृषि साथ-साथ पशुपालन अथवा मत्स्यपालन के व्यवसाय से जुड़े हैं, एक सरलीकृत प्रार्थना-पत्र भरकर किसान क्रेडिट कार्ड का आवेदन बैंकों को दे सकेंगे। प्रार्थना-पत्र के साथ फोटो के अतिरिक्त उन्हें मात्र तीन दस्तावेज- भौमिक अधिकारों संबंधित अभिलेख, पहचान-पत्र तथा निवास संबंधी प्रमाण पत्र ही देना होगा।

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनवाना है तो यह दस्तावेज ले जाएँ साथ

वित्तीय सेवाएं विभाग द्वारा उनके अधीन सभी वित्तीय संस्थाओं को पृथक से आदेश निर्गत कर दिए गए है। राज्य सरकारों को भी यह अनुरोध किया गया है कि वे एक रणनीति के तहत ग्रामवार अथवा बैंक शाखावार कैंप आयोजित करें जिसमें फील्ड स्तरीय कर्मचारी प्रार्थना-पत्र को भराने तथा आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने में सहायता करेंगे।

किसान क्रेडिट कार्ड की पूरी जानकरी pdf  डाउनलोड करें 

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6 COMMENTS

    • जी अब आप खेती के अलावा पशुपालन एवं मछलीपालन के लिए भी ले सकते हैं |

  1. पशूपालन का सबसीडी वाला लोन ओरते भी ले सकती है कया

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