खेत की मेड़ो पर पपीते की खेती कर 1 लाख रुपये की आय प्राप्त करें

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het kee medo par papeete kee khetee kar 1 laakh rupaye

खेत की मेड़ो पर पपीते की खेती कर 1 लाख रुपये की आय

भारत में किसानों के खेत किसी न किसी मेड से जुड़ा रहता है, इस मेड से ही खेत जाया जाता है | मेड की चौडाई लगभग 10 फीट तक भी रहती है | जो व्यर्थ में भूमि का नुकसान करता है | इस पर केवल किसान के लिए आवागमन के लिए उपयोग करते हैं | इस मेड पर व्यर्थ की घास तथा छोटे – बड़े झाडिया रहती है | जिससे खेत के फसल को काफी नुकसान पहुंचता है |

अगर इस मेड का समुचित उपयोग करते हैं तो किसानों के लिए अतरिक्त आय का स्रोत बन सकता है | देश के कुछ जगहों पर मेड के ऊपर पपीता की पौधों को बोकर मुनाफा कमाया जा रहा है | इसमें केवल इस बात का ध्यान रखा जाता है की पपीते की उस किस्म का चयन करें जिसकी ऊँचाई कम से कम हो जिससे खेत की फसल को छाया न कर सके | इसलिए किसान समाधान मेड पर पपीता की खेती की जानकारी के साथ ही इससे होने वाले आय की जानकारी लेकर आया है

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उपयुक्त किस्में :-

मेड़ों पर रोपण के लिए पपीता की कम ऊँचाई वाली किस्मों का चयन किया जाता है | जैसे रेड लेडी, सेलेक्सन -1, पूसा नन्हा, हनीडयू इत्यादि |

विधि :-

  • सर्वप्रथम मेड़ों से खरपतवार निकालकर मेड़ों की सफाई कर समतल किया जाता है |
  • इसके पश्चात जून के अंतिम सप्ताह में 60 × 60 × 60 से.मी. आकार के 2 × 2 मीटर की दूरी पर गड्ढ़े खोदने चाहिए | फिर गड्ढ़े को 15 – 20 दिन खुली हवा एवं धूप लगने के पश्चात् गोबर खाद 5 कि.ग्रा. सुपर फास्फेट (500 ग्राम), एंडोसल्फास (4 प्रतिशत डस्ट 50 ग्राम) मिलाकर गड्ढ़े को भर देना चाहिए |
  • 45 दिन पुराने पौधों का रोपण जुलाई – अगस्त माह में गड्ढ़ों के बीचो – बीच करना चाहिए |
  • समय – समय पर आवश्यकतानुसार सिंचाई करनी चाहिए एवं पौधों की देखभाल करनी चाहिए |

फायदें :-

  • एक पेड़ से 50 फल प्राप्त किया जा सकता है |
  • मेड़ों की सफाई होगी
  • पौधों की पत्तियां कार्बनिक खाद के रूप में उपयोग होगी |

अतरिक्त आय :-

 फलों से आय के अलावा पपैन भी अतिरिक्त आय का एक अच्छा स्रोत है, जिसका उपयोग सौंदर्य प्रसाधन, च्वींगम आदि के निर्माण में होता है | इसका औसत उत्पादन 25 ग्राम प्रति फल प्राप्त होता है एवं इससे 4,000 – 5,000 / एकड़ आय प्राप्त होती है |

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कुल लागत :-

पपीते की खेती पर कुल लागत 8,000 रु. प्रति एकड़ आती है | इसमें खेत की तैयारी से लेकर पौधे के लिए बीज या नर्सरी से पौधों पर आता है |

कुल आय :-

ऐसे तो मेड पर खेत को मापना मुश्किल है लेकिन मेड पर लगाए गय पौधों से भी आय को जोड़ा जा सकता है | एक पौधों से 50 फल प्राप्त किया जाता है | इसके आलावा मेड पर लगाए हुये पौधों को क्षेत्रफल में बदलें तो एकड़ की हिसाब से 80,000 – 1,00000 प्रति एकड़ फल से एवं 4,000 – 5,000 रु. प्रति एकड़ पपैन से आय प्राप्त होता है |

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