अगर आप अपनी फ़सल को न्यूनतम बिक्री मूल्य पर बेचना चाहते हैं तो इस फॉर्म को जरुर भरें

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प्रतीकात्मक चित्र

अगर आप अपनी फ़सल को न्यूनतम बिक्री मूल्य पर बेचना चाहते हैं तो इस फॉर्म को जरुर भरें

यदि आप अपनी फसल को न्यूनतम बिक्री मूल्य पर बेचना चाहते हैं तो आपको उसके लिए अभी से सरकार  को बताना होगा की आपने खरीफ सीजन मैं कोन सी फसल एवं कितने रकबे मैं बोई है इसके लिए आपको ऑनलाइन फार्म भरना होता है | फसल गिरदावरी प्रतिवर्ष की जाने वाली एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है जो कि वर्ष में दो बार खरीफ एवं रबी सीजन की बुवाई के पश्चात की जाती है एवं भूअभिलेखों में दर्ज की जाती है। यह जानकारी कई मामलों जैसे फसल बीमा, प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपायी, बैंक ऋण, योजनाओं के लाभ लेने आदि में महत्वपूर्ण होती है। प्रचलित पद्धति में कई बार जानकारी समय से अद्यतन नही होने या गलत हो जाने पर कई बार कृषक उन्हें प्राप्त होने वाले लाभों से वंचित रह जाते हैं।

मध्यप्रदेश मैं इसके लिए आपको भावान्तर योजना के अंतर्गत आपको फार्म भरना होगा एवं राजस्थान में ई मित्र के माध्यम से आपको यह जानकारी सरकार को उपलब्ध करवानी होती है | प्रायः सभी राज्यों में यह जानकारी पटवारी के माध्यम से किसान करवा सकते हैं परन्तु इस वर्ष हरियाणा सरकार ने भी सीधे ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से यह फार्म भरने को कहा है जिससे किसान स्वयं ही यह फार्म भर सकते हैं | अन्य राज्यों में पंजीयन के लिए क्लिक करें 

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मेरी फसल-मेरा ब्यौरा

हरियाणा सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने फसलों का ब्यौरा ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करवाने की सुविधा पहल की है। इसके लिए विभाग ने ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ नामक पोर्टल लॉन्च किया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने आज इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि खरीफ फसलों का ब्यौरा किसान इस पोर्टल पर 15 सितंबर, 2018 तक ऑनलाइन दर्ज करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन करने का कार्य गांवों में स्थित सामान्य सेवा केंद्रों के वीएलई (वीलेज लेवल इंटरप्रन्योर) करेंगे जिसके लिए उन्हें 5 रुपये प्रति खेवट की दर से भुगतान किया जाएगा।

बोई जाने वाली फसलों की जानकारी प्राप्त करने तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों को देने के लिए प्रदेश सरकार ने राज्य स्तरीय फसल ई-सूचना नामक वैब पोर्टल लॉन्च किया है। यह पोर्टल 15 सितंबर,2018 तक खुला रहेगा। इस अवधि के दौरान गांवों में कार्यरत वीएलई सभी किसानों की फसलों का ब्यौरा ऑनलाइन दर्ज करवाएंगे जिसके लिए किसानों को कोई भुगतान नहीं करना है। वीएलई को इस कार्य के लिए प्रदेश सरकार द्वारा सीधे उसके खाते में भुगतान किया जाएगा।

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आवेदन कैसे करें ?

वीएलई के अलावा किसान अपने स्तर पर खुद इंटरनेट के माध्यम से ईदिशा डॉट जीओवी डॉट इन (http://edisha.gov.in/Girdawari/CitizenEntry.aspx) पर इस पोर्टल को खोलकर भी अपनी फसलों का ब्यौरा ऑनलाइन दर्ज करवा सकता है। इस पोर्टल पर आने वाली सूचनाओं को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के साथ सांझा किया जाएगा। किसानों द्वारा अपलोड की जाने वाली सूचना किसी अन्य कानूनी क्लेम में प्रयोग नहीं की जा सकेगी। इसके अलावा जमाबंदी संबंधी डाटा भी पटवारियों द्वारा सांझा किया जाएगा। इससे किसानों की फसलों की खरीद प्रक्रिया आसान हो जाएगी। वीएलई को इस योजना की जानकारी व प्रशिक्षण देने के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं।

हरियाणा के किसान सीधे ऑनलाइन फार्म भरने के लिए क्लिक करें |

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