कोरोना लॉकडाउन में किसानों को नुकसान से बचाने के लिए सरकार ने उठाये यह कदम

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लॉकडाउन में किसानों के लिए सरकार ने उठाये यह कदम

देश में कोरोना का असर किसानों पर साफ दिख रहा है तथा किसानों पर निर्भर उपभोगता को भी पर्याप्त मात्रा में खाध पदार्थ नहीं मिल पा रहा है | 24 मार्च से देश में 21 दिनों का लाकडाउन चल रहा है जिसके कारण किसानों की फसल क्षतिपूर्ति की भरपाई करने में भी परेशानी आ रही है | फसल बीमा धारक किसान के लिए बीमा कंपनियों के द्वारा फसल का सर्वे होना बंद कर दिया गया है | राज्य तथा केंद्र सरकार इसको लेकर लगातर कदम उठा रहे हैं जिससे लॉक डाउन में किसानों पर हो रहे बुरे असर को कम किया जा सके |  केंद्र सरकार इस्क्ले लिए किसानों के लिए नए फैसले ले रही है |

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए कंपनियों को पास जारी

वर्ष 2019–20 के रबी मौसम में फसल कि काफी नुकसान हुआ है | प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का क्लेम के लिए बीमा कंपनियों को किसानों के बीच सर्वे के लिए भेजा जाना जरुरी है | इसको लेकर दावों के भुगतान , रबी फसल 2019–20 के लिए सीसीई की स्थिति, फसल नुकसान सर्वेक्षण और स्मार्ट नमूना तकनीक जैसे विषयों पर वीडियों कांफ्रेंस के जरिये सभी राज्यों और बीमा कंपनियों से बातचीत की गई | इसके साथ ही केन्द्रीय कृषि मंत्री के द्वारा कृषि बीमा की सुविधा के लिए सभी राज्यों को पत्र लिखे गये हैं कि वे संबंधित बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों को पास जारी करें ताकि वे फसल कटाई प्रयोग को प्रमाणित कर सकें और बेमौसम की बारिश और ओलावृष्टि के कारण कटाई के बाद हुए फसलों के नुकसान का फील्ड सर्वेक्षण करने सम्बन्धित नियमों में ढील दे सके |

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बागवानी फसलों के लिए

फसल तथा सब्जी से जुड़े उत्पाद को बाजार में बनाये रखने के लिए किसान तथा उभोगता के बीच एक चेन बनाना जरुरी है | इसके लिए केंद्र तथा राज्य सरकार की समन्वय से कदम उठाये जा रहे हैं | बागवानी फसलों को सहायता प्रदान करने के लिए उत्पादकों, एग्रीगेटर, थोक विक्रेताओं, मण्डी संघों तथा राज्य बागवानी मिशनों के साथ समन्वय किया गया है ताकि वस्तुओं का परिवहन सुचारू रूप से हो तथा सभी कठिनाईयों का समाधान हो सकें |

किसानों की समस्या समाधान के लिए हेल्पलाईन नंबर

लॉक डाउन में किसानों के लिए किसान हेल्पलाइन नंबर पहले की तरह चल रहे हैं | इसके लिए इस योजना में काम करने वाले कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहा गया है | लॉकडाउन अवधि में सभी 21 स्थानों पर किसान कॉल केंद्र कार्यरत हैं | कॉल को फार्म टैली एडवाइजर के पास भेजा दिया जाता है जो घर से ही कार्य कर रहे हैं | प्रतिदिन 6 बजे सुभ से 10 बजे रात्रि तक सभी 454 केसीसी सिट का संचालन किया जा रहा है | प्रतिदिन 15,000 से लेकर 20,000 कॉल आते हैं |

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कृषि मशीनरी व कलपुर्जों की दुकानें, हाईवे पर ट्रकों के गैरेज चालू रहेंगे

खेती-किसानी के संबंध में गृह मंत्रालय के ताजा आदेश के अनुसार, कृषि मशीनरी तथा उनके कलपुर्जों की दुकानें लॉकडाउन के दौरान चालू रखी जा सकेगी। इस छूट में संबंधित आपूर्तिकर्ताओं को भी शामिल किया गया है। हाईवे पर ट्रकों की मरम्मत करने वाले गैरेज तथा पेट्रोल पंपों को भी चालू किया जा सकेगा, ताकि कृषि उपज का परिवहन सुगमता से हो सकें। इसी तरह, चाय बागानों पर अधिकतम 50 प्रतिशत कर्मचारी रखते हुए काम किया जा सकेगा।

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