किसानों को गन्ने की बकाया राशि भुगतान के लिए सरकार ने जारी किये 169 करोड़ रूपये

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गन्ना खरीद बकाया राशि का भुगतान

देश भर में गन्ने की खरीदी सरकारी चीनी मिल तथा निजी चीनी मीलों के द्वारा की जाती है | मीलों के द्वारा सभी किसानों को पूरी राशि का भुगतान नहीं किया जाता है |  भुगतान समय पर नहीं करने के कारण किसानों की बकाया चीनी मीलों के पास रह जाता है | गन्ने की फसल का भुगतान नहीं होने के कारण  किसानों की अगली फसल या गन्ने की नई फसल की उत्पादन पर असर पड़ता है | इसको देखते हुए हरियाणा में किसानों के हितों को देखते हुए राज्य सरकार ने गन्ने के बकाया के भुगतान के लिए 169 करोड़ रूपये की राशि जारी कर दी है | यह राशि राज्य की दस चीनी मीलों को जारी की गई है और संबंधित अधिकारीयों को निर्देश दिये गये हैं कि राज्य के गन्ना फसल के किसानों के बकाया का भुगतान किया जाए ताकि वर्तमान में उत्पन्न हुई स्थिति में उन्हें सहयोग मिल सकें | किसान समाधान सरकार के तरफ से चीनी मीलों के किये गये 169 करोड़ रूपये भुगतान की पूरी जानकारी लेकर आया है

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इन चीनी मीलों को जारी की गई राशि  ?

इस संबंध में जानकारी देते हुए हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि किसानों के हितों को देखते हुए राज्य सरकार ने चीनी मीलों को 169 करोड़ रुपये जारी किये है | यह राशि राज्य की दस चीनी मिलों को दी जाएगी |

  • पानीपत की सहकारिता चीनी मिल को 15.80 करोड़ रूपये,
  • रोहतक की सहकारी चीनी मिल को 27.30 करोड़ रूपये
  • करनाल की सहकारी चीनी मिल को 18.30 करोड़ रूपये
  • सोनीपत की सहकारी चीनी मिल को 21.10 करोड़ रूपये
  • शाहाबाद की सहकारी चीनी मिल को 3.70 करोड़ रूपये
  • जींद की सहकारी चीनी मिल को 13.50 करोड़ रूपये
  • पलवल की सहकारी चीनी मिल को 25.35 करोड़ रूपये
  • महम की सहकारी चीनी मिल को 17.20 करोड़ रूपये
  • कैथल की सहकारी चीनी मिल को 19.15 करोड़ रूपये
  • और गोहाना की सहकारी चीनी मिल को 7.60 करोड़ रूपये की राशि जारी की गई है
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सहकारिता मंत्री ने बताया है कि गत 31 मार्च 2020 को किसानों के हितों को देखते हुए राज्य सरकार ने पानीपत, करनाल और फतेहाबाद जिलों के किसानों की सरप्लस गन्ने की फसल को अन्य चीनी मीलों में भेजने का निर्णय लिया ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो |

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