पशुओं का बीमा करवाने पर सरकार दे रही है अनुदान

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पशुधन बीमा योजना

कृषि में आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ ही साथ पशुपालन करना जरुरी है | कम भूमि तथा कम लगत में लगातार आय का स्रोत पशुधन से बना रहता है | गाय तथा भैंस मुख्य रूप से दूध उत्पादन के लिए रखा जाता है तो बकरी, भेड तथा सुअर मूल्य रूप से मांस के लिए पाला जाता है | भेड़, बकरी तथा सुअर पशुपालकों के लिए नगदी धन के रूप में समझे जाते हैं परन्तु कभी–कभी बीमारी फैलने तथा प्राकृतिक आपदा के कारण पशुओं कि मौत हो जाती है | जिससे पशुपालकों को काफी आर्थिक नुकसानी का सामना करना पड़ता है | इसको ध्यान में रखते हुए देश में सभी पशुओं को बीमा करने के लिए पशुधन बीमा योजना चलाई जा रही है |

अलग–अलग राज्यों में पशुपालकों को पशुओं कि बीमा करने पर अनुदान भी दिया जा रहा है | यह अनुदान अलग – अलग जाती तथा पशु के आधार पर अलग – अलग रहता है | इसी क्रम में मध्य प्रदेश सरकार राज्य के पशुपालकों को पशु बीमा पर बीमा प्रीमियम में अनुदान दे रही है | जिससे पशुपालकों को कम खर्चे में अपने पशुओं का सुरक्षा कवच मिल जाता है | किसान समाधान पशु बीमा कि पूरी जानकारी लेकर आया है |

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सभी श्रेणी के पशुओँ का करवा सकते हैं बीमा

मध्यप्रदेश राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम के प्रबंध संचालक डॉ. एच.बी.एस. भदौरिया ने बताया कि पशुधन बीमा योजना प्रदेश के सभी जिलों में लागू है | इसमें दुधारू पशुओं के साथ ही सभी श्रेणी के पशुधन का भी बीमा कराया जा सकता है | योजना में एक हितग्राही के अधिकतम 5 पशुओं का बीमा किया जाता है | भेड़, बकड़ी, सुअर, आदि 10 पशुओं कि संख्या को एक पशु इकाई माना गया है | इससे आशय है कि भेड़, बकरी एवं शुकर के पालक एक बार में अपने 50 पालतू पशुओं का बीमा करवा सकते हैं |

पशुधन बीमा योजना के प्रीमियम पर अनुदान

सरकार राज्य के पशुपालकों को पशु के बीमा करने पर बीमा प्रीमियम के रूप में अनुदान दे रही है | मध्य प्रदेश सरकार बीमा प्रीमियम पर अनुदान एपीएल श्रेणी के लिए 50 प्रतिशत तथा बीपीएल, अनुसूचित जाती, अनुसूचित जनजाति श्रेणी के पशुपालकों के लिए 70 प्रतिशत का अनुदान दिया जा रहा है बाकि शेष राशि हितग्राही देय करेगी | बीमा प्रीमियम कि अधिकतम दर एक वर्ष के लिए 3 प्रतिशत तथा तीन वर्ष के लिए 7.50 प्रतिशत देय होगी | मध्य प्रदेश में वर्तमान दरें 2.45 प्रतिशत तथा 5.95 प्रतिशत लागू है | पशुपालक अपने पशुओं का बीमा एक वर्ष तथा तीन वर्ष तक के लिए करा सकेंगें |

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बीमा राशी के लिए 24 घंटे में सुचना देना अनिवार्य हैं

बीमित पशुपालकों को बीमित पशु कि मृत्यु कि सुचना 24 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को देना होगा | पशुपालन विभाग के चिकित्सक शव  का परीक्षण करेंगे एवं उसकी रिपोर्ट में मृत्यु के कारणों का उल्लेख करेंगे | बीमा कंपनी को अधिकारी दावे संबंधी प्रपत्र एक माह के अंदर प्रस्तुत करेंगे | कंपनी 15 दिवस के अंदर दावे का निराकरण करेगी |

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18 COMMENTS

    • जी प्रोजेक्ट बनायें | अपने ब्लाक या जिले के पशुपालन विभाग या पशु चिकित्सालय में सम्पर्क करें |

    • ब्लॉक या जिले के पशु चिकित्सालय या पशु पालन विभाग में आवेदन करें |

    • ब्लॉक या जिले के पशुपालन विभाग में या जिले के पशु चिकित्सालय में सम्पर्क करें |

  1. श्रीमान जी मैं संतोष कुमार मलाजपुरे मेरे पास 20 बकरियां है और मैं अपनी बकरी का बीमा करवाना चाहता हूं मगर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी बात नही कर रहे है कृपया मेरी हेल्प करे

    • जी पाने जिले या ब्लॉक के पशु चिकित्सालय से सम्पर्क करें |

    • ब्लॉक या जिले के पशु चिकित्सालय या पशुपालन विभाग में सम्पर्क करें |

  2. मै राजस्थान का रहने वाला हूं
    मै अपनी भैंस का बीमा करवाना चाहता हूं
    कृपया उचित सलाह व सुझाव दे

    • अपनी तहसील या जिले के पशु चिकित्सालय या पशुपालन विभाग से करवाएं |

  3. Muje cow or boffeloe Ka BIMA karavana h ji me Rajasthan Dhi.bhilwara. Thi.jahajpur vill.piplund Ka rahane vala hu hamate yah par joy karmchari BIMA Nahi karts h ji shreeman ji Ramlal gurjar mob no 9784087301

    • अपने यहाँ के पशु चिकित्सालय या जिले के पशु पालन विभाग में सम्पर्क करें |

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