17 दिसम्बर तक बकाया बिजली बिल जमा करने पर किसानों को नहीं देना होगा कोई पैनल्टी

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बिजली बिल पैनाल्टी पर छूट

कृषि में सिंचाई एवं अन्य कार्यों के लिए किसानों को बिजली की आवश्यकता होती है परन्तु कई बार किन्ही कारणों के चलते किसान बिजली बिल जमा नहीं कर पाते हैं | किसानों के द्वारा समय पर बिजली बिल जमा नहीं करने के कारण उस पर पैनाल्टी लगा दी जाती है और यह लगातार बढ़ती रहती है | किसान कई बार यह बिल भरने में असमर्थ हो जाते हैं एवं उनका बिजली कनेक्शन काट दिया जाता है | कृषि कनेक्शन पर लगाई गई पैनाल्टी कभी–कभी मूल बिजली बिल की राशि से भी ज्यादा हो जाती है |

इन सब से छुटकारा दिलाने के लिए राजस्थान सरकार ने राज्य के किसानों के लिए एक बड़ा तोहफा लेकर आई है | राजस्थान सरकार ने राज्य के किसानों पर कृषि बिल बकाया पर लगने वाली पैनाल्टी को माफ़ करने का फैसला लिया है | घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए विद्युत वितरण निगमों द्वारा एमनेस्टी योजना लागू की है। योजना के तहत 31 मार्च 2021 को बकाया मूल राशि का एकमुश्त भुगतान करने पर कृषि उपभोक्ताओं को शत-प्रतिशत एवं घरेलू उपभोक्ताओं को 50 प्रतिशत पैनल्टी में छूट दी जाएगी।

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कब तक के बिजली बिल पर मिलेगी छूट

डिस्कॉम के अध्यक्ष श्री भास्कर ए. सावंत ने बताया है कि 31 मार्च 2021 को मूल बकाया राशि का एकमुश्त भुगतान करने पर कृषि उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत एवं घरेलू उपभोक्ताओं को 50 प्रतिशत ब्याज व पैनाल्टी में छुट दी जाएगी | 31 मार्च 2021 के बाद की बकाया राशि पर नियमानुसार विलम्ब शुल्क देय होगा | पिछले 3 वर्षो में इस तरह की योजनाओं का लाभ ले चुके उपभोक्ताओं एवं विद्युत चोरी व दुरूपयोग के प्रकरणों में इस एमनेस्टी योजना का लाभ देय नही होगा।

कृषि एवं घरेलू श्रेणी के नियमित/विद्युत सम्बन्ध विच्छेद उपभोक्ताओं को बकाया राशि जमा कराने के लिए प्रेरित करने हेतु प्रशासन गांव व शहरों के संग अभियान के दौरान इस योजना को 17 दिसम्बर 2021 तक लागू करने का निर्णय लिया गया है । उल्लेखनीय है कि यह योजना उन उपभोक्ताओं के लिए है जिनके बिजली बिल लम्बित होने के कारण पैनल्टी की राशि काफी अधिक बढ़ चुकी है।

लम्बित प्रकरणों का किया जाएगा निस्तारण

प्रशासन गांवों एवं शहरों के संग अभियान के दौरान उपभोक्ताओं व गैर उपभोक्ताओं के विद्युत् चोरी एवं विद्युत् दुरपयोग से संबंधित लम्बित सर्तकता जांच प्रकरणों का निस्तारण भी किया जाएगा | कोविड–19 के समय असुविधा को देखते हुए जिन उपभोक्ताओं द्वारा राजस्व निर्धारण पुनरीक्षण समिति के समक्ष नोटिस जारी होने की दिनांक से अपील दायर करने की 30 दिवस की अवधि निकल चुकी है ऐसे उपभोक्ताओं को अब 17 दिसम्बर 2021 तक वैधानिक दायित्व राशि का 10 प्रतिशत अथवा 5 लाख रूपये जो भी कम हो व संपूर्ण प्रशमन राशि जमा करवाकर राजस्व निर्धारण पुनरीक्षण समिति के समक्ष अपील दायर करने की अवधि में शिथिलता प्रदान की गई है |

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न्यायालय में दायर मामलों पर नहीं होगा लागू 

इस अभियान के दौरान पूर्व में निस्तारित किए जा चुके प्रकरणों पर विचार नहीं किया जाएगा | इसके साथ ही ऐसे प्रकरण जो किसी भी न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है एवं उपभोक्ताओं व गैर उपभोक्ता द्वारा प्रकरण को न्यायलय से वापस लेने के सन्दर्भ में शपथ–पत्र प्रस्तुत किया जाता है तो ऐसे प्रकरणों के निस्तारण की कार्यवाही भी इसी अभियान के दौरान की जाएगी |

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