किसान आंदोलन हुआ ख़त्म, सरकार ने नहीं मानी सभी मांगे

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किसान आंदोलन हुआ ख़त्म, सरकार ने नहीं मानी सभी मांगे

पिछले 11 दिनों से चले आ रहे किसान आंदोलन दिल्ली में 2 अक्टूबर के मध्य रात्रि को खत्म हो गया है | किसानों की यात्रा 23 सितम्बर को हरिद्वार से शुरू होकर दिल्ली के राजघाट पर ख़त्म होना था, परन्तु दिल्ली तथा यूपी पुलिस ने पूर्वी दिल्ली के यूपी गेट पर रोक दिया था | किसान अपनी यात्रा को राज घाट पर ख़त्म करने पर अड़े थे | किसान संगठन के प्रतिनिधियों तथा सरकार के तरफ से कई दौर की वार्ता के बाद भी सहमती नहीं बनी | तथा किसान अपना आंदोलन जारी रखे हुये थे |

किसानों की मांग थी की किसान क्रांति को दिल्ली के राज घाट पर जाने की अनुमति दी जाए | 2 अक्टूबर के रात्रि दिल्ली पुलिस ने किसानों को राज घाट जाने की अनुमति दे दी किसानों अपने साथ ट्रैक्टर के साथ राजघाट के लिए प्रस्थान कर गयें | रात्रि में किसान नेता नरेश टिकैत तथा राकेश टिकैत के संबोधन के बाद समाप्त हो गया है |

टिकैत बंधुओं ने कहा की किसान क्रांति यात्रा का समापन हो गया है लेकिन अपनी मांगों को लेकर सरकार से संघर्ष जारी रहेगा | सभी किसान सुबह से ही अपने घर के लिए प्रस्थान कर जायें | आज सुबह से ही किसान अपने घरों के लिए प्रस्थान कर गयें है | जिसमें रोड के दोनों तरफ जाम लग गया है | प्रशासन ने आज सभी स्कुल को बंद रखा है |

सरकार और किसानों के बीच इन मुद्दों पर समझौता नहीं हो पाया 

भारतीय किसान यूनियन अपनी 15 मांगो को लेकर किसान क्रांति यात्रा प्रारंभ हुई थी | पहले यूपी सरकार बाद में कृषि राज्य मंत्री और फिर राजनाथ सिंह के अध्यक्षता वाली समिति के साथ बैठक के बाद भी सहमती नहीं बन पायी | किसान तथा सरकार के वार्ता कुछ इस प्रकार रहा है –

  • खेती खलिहानी के कम काज में लगे वाहनों की आयु के लिए कोई समय सीमा न निर्धारित की जाए |
  1. दस वर्ष से अधिक डीजल वाहनों के संचालन पर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा लगाई गई रोक के विरुद्ध सरकार पुनर्विचार याचिका अतिशिघ्र दाखिल करेगी | राज्यों को भी समीचीन करवाई करने के लिए सूचित किया जाएगा |
  • मंरेगा को खेती – बड़ी से जोड़ा जाए |
  1. मंरेगा को खेती से जोड़ने के लिए निति आयोग के तत्वधान में मुख्यमंत्रियों की उच्चस्तरीय समिति गठित की जा चुकी है जो किसानों के प्रतिनिधि को भी शामिल किया जाएगा |
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  1. खेती में काम आने वाली बस्तुओं को जी.एस.टी. के 5 प्रतिशत की दर में सम्मिलित करने के लिए यह विषय जी.एस.टी परिषद में शीघ्र ही उचित निर्णय के लिए रखा जायेगा |
  • सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर किसान की फसल खरीदने वालों पर अपराधिक मुकदमा दर्ज हो |
  1. सरकार के बजट घोषणा के अनुसार लागत पर 50 प्रतिशत अधिक एम.एस.पी. घोषित करने के निर्णय का रबी फसलों में भी अनुपालन किया जाएगा और उसी के अनुसार सभी अधिसूचित फसलों पर इसकी घोषणा की जाएगी | इसके साथ ही किसानों की खरीदी की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्य सरकारों को केंद्र की तरफ से एडवाइजरी भेजी जायेगी जिससे कि उनकी सभी फसलों का उचित दम सुनिश्चित किया जा सकेगा |
  • देश में फसलों की अच्छी उत्पादन होने पर आयत नहीं किया जाए |
  1. पर्याप्त पैदावार होने वाली फसलों के आयात को रोकने के लिए कानून सम्मत हर संभव प्रयास किया जाएगा | खरीदी के लिए अनुमत अवधि को 90 दिन किया जाएगा |
  • कृषि कर्ज तथा प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना में संसोधन किया जाए |
  1. प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना के कार्यान्वयन के संबंध में उठाये गए मुद्दों पर कृषि राज्यमंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत जी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जायेगा | यह समिति फसल बीमा योजना एवं किसान क्रेडिट कार्ड योजना के कार्यान्वयन में आ रही परेशानियों पर किसान संगठनों से विमर्श के उपरांत अपनी संस्तुति देगी जिस पर सरकार किसानों के हित में निर्णय लेगी |
  • प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना में पशुओं से होने वाली नुकसान को शामिल किया जाये |
  1. जंगली पशुओं द्वारा फसलों को हो रहे नुकसान के संबंध में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दिशा – निर्देशों में संशोधन करके इस जोखिम को योजना में पायलट आधार पर शामिल किया गया है | इससे आशा की जाती है कि पायलट में अनुभव के आधार पर सभी प्रभावित जिलों में लागु किया जा सकेगा |
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इसके अलावा भी भारतीय किसान यूनियन के प्रमुख मांग थी जिसमें कृषि कर्ज माफ़ , मुफ्त बिजली, किसानों को 5,000 रुपया का मासिक पेंसन, 2 सप्ताह के भीतर गन्ना किसानों का बकाया भुगतान , भूमि अधिग्रहण अधिनियम में किसी भी तरह की संसोधन नहीं  किया जाये | ईएसआई बात को लेकर राकेश टिकैत ने खा की यत्र बंद होगया है लेकिन लडाई जरी रहेगी |

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