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इन फसलों की खेती पर 9 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से अनुदान लेने हेतु आवेदन करें

खरीफ फसलों की खेती पर 9 हजार रुपये प्रति एकड़ इनपुट सब्सिडी

फसल विविधीकरण, उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि और किसानों को फसल उत्पादन के लिये आवश्यक आदान जैसे उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, यांत्रिकीकरण एवं नवीन कृषि तकनिकी में पर्याप्त निवेश करने और काश्त लागत में राहत देने के लिये छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषि आदान सहायता हेतु “राजीव गांधी किसान न्याय योजना” चलाई जा रही है | सरकार ने किसानों को फसल उत्पदान पर 9 हजार रुपये प्रति एकड़ इनपुट सब्सिडी देने का फैसला लिया है | वर्ष 2021 योजना का लाभ लेने के लिए किसान पंजीकरण शुरू होने वाले हैं | किसानों को योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करवाना होगा जोकि किसान 1 जून से करवा सकते है |

राजीव गाँधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत सभी श्रेणी के भू-स्वामी और वन पट्टा धारी कृषक पात्र होंगे । संस्थागत भू-धारक, रेगहा, बटाईदार और लीज खेती करने वाले कृषक इस योजना के पात्र नहीं होंगे | इसलिए योजना के तहत सभी श्रेणी के भू-स्वामी और वन पट्टा धारी किसान योजना के लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन करें |

किसान योजना के तहत आवेदन कब कर सकेंगे ?

छत्तीसगढ़ राज्य के किसानों के लिए चलाई जा रही राजीव गाँधी न्याय योजना के तहत वर्ष 2021 के खरीफ सीजन के लिए आवेदन 1 जून से शुरू होंगे | राज्य के किसान 1 जून से 30 सितम्बर तक आवेदन कर सकते हैं |

योजना के पात्रता में कौन से किसान आयेंगे ?

सभी श्रेणी के भू–स्वामी एवं वन पट्टाधारी किसान योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु पात्र होंगे | लेकिन संस्थागत भू–धारक किसान और रेगहा, बटाईदार, पट्टेदार किसान योजना के लिए पात्र नहीं होंगे अतः यह किसान अभी आवेदन नहीं कर सकते हैं |

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इन फसलों की खेती करने पर दी जाएगी 9 हजार रुपये की इनपुट सब्सिडी

राजीव गाँधी किसान न्याय योजना के तहत खरीफ वर्ष-2021 के लिए 14 फसलों पर 9,000 रूपये की इनपुट सब्सिडी दी जाएगी | यह 14 फसलें इस प्रकार है – धान, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, अरहर, मूंग, उड़द, रामतिल, कोदो, कुटकी, कुल्थी, रागी तथा गन्ना |

इसके अलावा खरीफ वर्ष 2020-21 में जिन खेतों में धान लगाई थी यदि किसान उन खेतों में धान को छोड़कर अन्य फसल जैसे कोदो–कुटकी, गन्ना, अरहर, मक्का, सोयाबीन, दलहन, तिलहन, सुगंधित धान अन्य फोर्टीफाईड धान, केला, पपीता लगता है, अथवा वृक्षारोपण करता है तो उसे प्रति एकड़ 10,000 रूपये इनपुट सब्सिडी दी जाएगी | वृक्षा रोपण करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 10,000 रुपये तीन वर्षों तक दिए जाएंगे |

किसानों के भूमि का आकलन इस प्रकार किस प्रकार किया जायेगा ?

पोर्टल में प्रदर्शित प्रक्रिया के अनुसार ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा किसान के आवेदन एवं अभिलेखों का प्रारंभिक सत्यापन एवं परीक्षण किया जायेगा | आवेदन के सत्यापन उपरांत आवश्यक अभिलेखों के साथ पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन प्रपत्र संबंधित किसान साख गोपनीयता सुनिश्चित की जाएगी | यदि किसान के पास आधार नंबर नहीं है, तो उन्हें भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण में पंजीयन हेतु प्रोत्साहित किया जायेगा |

संबंधित मौसम में भूईयां पोर्टल में संधारित गिरदावरी के आंकडें तथा किसान के आवेदन में अंकित फसल व रकबा में से जो भी कम हो, उसको आदान सहायता राशि की गन्ना हेतु मान्य की जायेगी | पात्रता निर्धारण करते समय कृषि भूमि सीलिंग कानून प्रावधानों का ध्यान रखा जायेगा | पंजीकृत किसान की मृत्यु हो जाने पर तहसीलदार के द्वारा परिवार के नामांकित व्यक्ति के नाम से आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी | आवेदन पत्र में गलत जानकारी देने पर भू–राजस्व संहिता के प्रचलित प्रावधान अनुसार दी गई सहायता राशि को वसूल किया जायेगा |

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राजीव गाँधी किसान न्याय योजना हेतु आवेदन कहाँ से करें ?

इस योजना के तहत पंजीकृत कृषक को अपने आवश्यक दस्तावेज जैसे ऋण पुस्तिक, बी-1, आधार नंबर, बैंक पासबुक की छायाप्रति के साथ निर्धारित प्रपत्र में भरे हुए आवेदन का सत्यापन कृषि विस्तार अधिकारी से कराना होगा । जिसे निर्धारित समयावधि में संबंधित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति में जमा कर कृषक वहां से पावती प्राप्त कर सकेगा। संयुक्त खातेदार का पंजीयन नंबरदार नाम से किया जाएगा । इस हेतु संबंधित कृषकों को आवेदन पत्र के साथ समस्त खाताधारकों की सहमति सह-शपथ पत्र तथा अन्य आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करना होगा । आदान सहायता पंजीकृत कृषक नंबरदार के खाते में अंतरित की जाएगी। जिसका बटवारा आपसी सहमति से खातेदार करेंगे। पंजीयन राजीव गांधी किसान न्याय योजना के पोर्टल https://rgkny.cg.nic.in पर 1 जून से लेकर 30 सितंबर के मध्य आवेदन कर सकते हैं |

21 मई को दी गई थी योजना की पहली किश्त

राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत वर्ष-2020 के खरीफ मौसम के लिए 21 मई 2021 को राज्य के 22 लाख किसानों के खातों में 1500 करोड़ रूपये दिये गये थे | योजना के तहत किसानों को चार किश्तों में पैसा दिया जाना है |

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