धान की खेती छोडिये और 10 हजार रूपये प्रति एकड़ पाईये

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धान की फसल छोड़ने पर इनपुट सब्सिडी

इस वर्ष खरीफ फसलों की तैयारी का सीजन शुरू हो चुका है | खरीफ मौसम में धान, गन्ना, अरहर, मक्का, सोयाबीन, तिल, कपास, मूंगफली, कोदो-कुटकी इत्यादी फसलों की खेती की जाती है | मिट्टी तथा जलवायु के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग फसलों की खेती की जाती है | छत्तीसगढ़ राज्य में धान की खेती खरीफ मौसम में प्रमुखता से होती है परन्तु इस वर्ष राज्य सरकार ने इस खरीफ मौसम से धान की बुवाई को कम करने के लिए अन्य फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है | राज्य सरकार की तरफ से जारी विज्ञप्ति के अनुसार राज्य सरकार इस खरीफ मौसम से धान की खेती की जगह दुसरे फसलों की खेती करने पर किसानों को 10,000 रूपये की इनपुट सब्सिडी देगी हालांकि धान की खेती करने वाले किसानों को भी 9 हजार रुपये की इनपुट सब्सिडी दी जा रही है |

राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में उनके निवास कार्यालय पर बैठक में निर्णय लिया गया है | इससे पहले राज्य सरकार ने खरीफ सीजन 2020–21 में धान तथा 2021–22 से धान के साथ ही खरीफ की सभी प्रमुख फसलों पर प्रति वर्ष प्रति एकड़ 9,000 रूपये की इनपुट सब्सिडी देने का फैसला लिया है |

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इन फसलों की खेती पर 10,000 रुपये की इनपुट सब्सिडी

छत्तीसगढ़ सरकार ने धान की खेती तथा उत्पादन घटाने के लिए धान की जगह दूसरी फसलों की खेती को प्रोत्साहन देने का फैसला लिया है | वर्ष 2020–21 में जिन किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचा है, यदि वह धान के बदले कोदो – कुटकी, गन्ना, अरहर, मक्का, सोयाबीन, दलहन, तिलहन, सुगंधित धान, अन्य फोर्टीफाइड धान की फसल लेते हैं अथवा वृक्षारोपण करते हैं तो उन्हें प्रति एकड़ 9 हजार रूपये के स्थान पर 10,000 रूपये की इनपुट सब्सिडी दी जाएगी | राज्य में धान की खेती के स्थान पर वृक्षा रोपण करने वाले किसानों को 3 वर्षों तक 10,000 रूपये की इनपुट सब्सिडी दी जाएगी |

कोदो-कुटकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य की तय

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के किसानों के लिए कोदो की फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय कर दिया है | राज्य में किसान कोदो-कुटकी की फसल को 3,000 रूपये प्रति क्विंटल की दर से बेच सकते हैं | इसका मतलब यह हुआ की राज्य में कोदो की फसल को राज्य सरकार के द्वारा खरीदी जाएगी |

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केंद्र सरकार के द्वारा 23 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया जाता है , लेकिन इसमें कोदो की फसल शामिल नहीं रहने के करण छत्तीसगढ़ राज्य सरकार को राज्य के किसानों के लिए कोदो की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य 3 हजार रूपये प्रति क्विंटल तय किया है |

6 रूपये प्रति किलोग्राम मिलेगी कम्पोस्ट खाद

राजीव गाँधी न्याय योजना के तहत राज्य में 2 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से गोबर की खरीदी की जाती है | इस गोबर से जैविक खाद (कम्पोस्ट खाद) बनाया जाता है | इस खाद को किसानों को सस्ते रेट पर बेचा जाता है | राज्य सरकार ने राज्य में कम्पोस्ट खाद का मूल्य तय कर दिया है | अब कोई भी किसान 6 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीद सकता है |

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