राज्य के 623 किसान अपनी भूमि पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाकर कर सकेंगे बिजली उत्पादन

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saur urja sayantra

सौर उर्जा सयंत्र से बिजली उत्पादन

केंद्र सरकार ने किसानों के लिए वर्ष 2018–19 के बजट में सौर उर्जा को बढ़ावा देने के लिए  करने के लिए किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (कुसुम) योजना की घोषणा की गई थी | योजना के दो मुख्य कॉम्पोनेन्ट हैं, एक जिससे किसानों को सब्सिडी पर सोलर पम्प दिए जाते हैं वहीँ दुसरे के तहत किसान अपनी जमीन पर सौर उर्जा सयंत्र लगाकर बिजली उत्पादन कर सरकार को बिजली बेच सकते हैं | इस योजना के तहत किसानों को अपने भूमि में सोलर यूनिट की स्थापना कर बिजली उत्पादन कर सकते हैं | जिससे किसान अपनी ऊर्जा जरुरत को पूरा कर इसके बाद बची हुये बिजली को सरकार को बेच कर अतिरिक्त आय का प्रावधान है | राजस्थान सरकार ने किसानों से अपनी भूमि पर सौर उर्जा सयंत्र स्थापित करने के लिए आवेदन मांगे थे | जिसके तहत सरकार द्वारा आवेदनों का चयन कर अब उन्हें सौर उर्जा सयंत्र आवंटित किया जा रहा है |

कुसुम योजना के अंतर्गत किसानों द्वारा स्वयं की अनुपयोगी या बंजर भूमि पर 0.5 से 2 मेगावॉट क्षमता तक के सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना की जा सकती है। इससे किसानों को उनकी बंजर या अनुपयोगी भूमि से 25 वर्ष तक नियमित आय प्राप्त होगी। इसके साथ ही प्रदेश के किसानों को दिन के समय कृषि कार्य हेतु विद्युत आपूर्ति करने में बड़ी सफलता मिलेगी। इसके अतिरिक्त वितरण निगमों की विद्युत छीजत में तथा सिस्टम विस्तार पर होने वाले खर्च में भी कमी होगी।

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623 किसानों को कुसुम योजना में आवंटित हुए 722 मेगावॉट के सौर ऊर्जा संयंत्र

राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड द्वारा प्रधानमंत्री कुसुम योजना कंपोनेंट-ए के अन्तर्गत प्रदेश के 623 किसानों को 722 मेगावॉट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने हेतु आवंटन पत्र जारी करने का निर्णय किया है। अक्षय ऊर्जा निगम के अध्यक्ष एवं प्रमुख शासन सचिव ऊर्जा श्री अजिताभ शर्मा ने बताया कि केन्द्र सरकार की कुसुम योजना में राजस्थान देश का पहला राज्य है जिसके द्वारा किसानों की चयन प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है तथा देश के अन्य राज्यों की अपेक्षा जहां कुसुम योजना में सर्वाधिक क्षमता के सौर संयंत्र स्थापित होंगे |

अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा योजना के प्रथम चरण में वितरण निगमों के 33/11 के.वी. सब-स्टेशनों पर किसानों से विकेन्द्रीकृत सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने हेतु प्रस्ताव आमंत्रित किये गये थे, जिसके तहत राज्य के किसानों ने अभूतपूर्व उत्साह दिखाते हुये कुल 674 किसानों द्वारा 815 मेगावॉट क्षमता के आवेदन निगम में पंजीकृत करवाए गए, जिसमें से 623 किसानों को 722 मेगावॉट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया में सम्बन्धित डिस्काम के साथ शीघ्र ही पॉवर परचेज एग्रीमेन्ट हस्ताक्षरित किये जायेगें।

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3.14 रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदी जाएगी बिजली

किसानों के द्वारा स्थापित संयंत्रों से उत्पादित विद्युत डिस्कॉमस द्वारा 3.14 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली क्रय की जायेगी। चयनित किसानों एवं विकासकर्ताओं को संयंत्र स्थापित करने में किसी प्रकार की परेशानी ना हो इस हेतु राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम में एक विशेष सहायता प्रकोष्ठ स्थापित किया जायेगा। कोई भी चयनित किसान या विकासकर्ता इस सहायता प्रकोष्ठ से संपर्क कर अपनी समस्या का समाधान करा सकेंगे।

राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित को ध्यान में रखते हुये बजट घोषणा 2019-20 में कुल 2600 मेगावॉट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र किसानों की भूमि पर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। यह लक्ष्य आगामी तीन वर्ष में प्राप्त करना प्रस्तावित है। कुसुम योजना अन्तर्गत प्रथम चरण में 722 मेगावॉट के बाद शेष बची 1878 मेगावॉट क्षमता स्थापना हेतु अगले चरण की कार्यवाही शीघ्र प्रारम्भ कर राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग द्वारा निर्धारित विद्युत दर पर संयंत्र लगाने हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित किये जायेंगे।

कुसुम योजना राजस्थान के तहत अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें

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