देश में 3 करोड़ सोलर पम्प स्थापित करने वाली कुसुम योजना का क्या हुआ

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किसान ऊर्जा सुरक्षा और उत्थान महाअभियान (कुसुम) स्कीम

किसान ऊर्जा सुरक्षा और उत्थान महाअभियान (कुसुम) स्कीम

केंद्र सरकार ने किसानों के लिए वर्ष 2018 – 19 के बजट में सिंचाई के लिए सोलर पम्प  स्थापित करने के लिए कुसुम योजना की घोषणा की थी  | इस योजना के तहत किसानों को अपने भूमि में सोलर यूनिट की स्थापना करना था जिससे किसान अपनी ऊर्जा जरुरत को पूरा कर इसके बाद बची हुये बिजली को सरकार को बेच कर अतिरिक्त आय का प्रावधान है  | यह योजना राज्य सरकार की सहायता से चलानी थी | इस योजना के तहत सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में 2 मेगावाट की क्षमता वाले प्रत्येक ग्रीड से जुड़े सौर संयंत्रों की स्थापना करना था |

लेकिन मजे की बात यह है की एक वर्ष से ज्यादा बीत जाने के बाद भी केंद्र सरकार ने योजना के तहत पैसा आवंटन नहीं किया है और नहीं किसी तरह के देश तथा प्रदेश स्तर पर प्रक्रिया की शुरुआत की गई है | पहले यह देखते है की वर्ष 2018 – 19 के बजट भाषण में इस योजना के लिए क्या कहा गया है | 

बजट में सरकार ने कुसुम योजना के विषय में क्या कहा था जानने के लिए क्लिक करें

योजना के मुख्य उद्देश्य 

अनेक किसान अपने खेतों की सिंचाई के लिए सौर जल पंप संस्थापित कर रहे हैं | सौर विधुत उत्पादन किसान द्वारा अपने खेतों का प्रयोग करके सौर ऊर्जा का उत्पादन करते हैं | भारत सरकार इस संबंध में आवश्यक उपाय करेगी तथा राज्य सरकारों को एक एसा तंत्र विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करेगी जिससे उनके अधिशेष सौर विधुत को वितरण कंपनियों या लाइसेंस धारकों द्वारा उचित लाभकारी मूल्यों पर खरीद लिया जाए |

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एक वर्ष के बाद केंद्र सरकार ने अपने बजट की वेबसाईट पर 26/06/2018 यह लिख रखा है की कुसुम योजना का मूल्यांकन चल रहा है , जिसे जल्द पूरा किया जायेगा | पहले यह देखते हैं की केंद्र सरकार ने अपने बजट के वेबसाईट पर क्या लिख रखा है |

बजट वेबसाइट पर योजना के विषय में उपलब्ध जानकरी 

ई.एफ.सी. ने 26/06/2018 को किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (कुसुम)स्कीम का मूल्यांकन किया और उसके कार्यान्वयन की सिफारिश की | इस स्कीम के कार्यान्वयन के लिए आवश्यक अनुमोदन प्राप्त किये जा रहे हैं |

यह स्कीम विकेंद्रीकृत जमीन पर उठे ग्रीड में जुड़े सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने , कृषि के लिए स्टैंड अलोन वाटर पंप संस्थपित करने, मौजूदा ग्रीड में जुड़े कृषि पंपों और ट्यूब वेलों / लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं को सौर ऊर्जा युक्त बनाने के लिए तैयार की गई है ताकि किसानों को वित्तीय और जल सुरक्षा प्रदान की जा सके |

राज्य सरकारों / डीस्कामों को एक एसा तंत्र स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन किया जाएगा जिसके माध्यम से अधिशेष सौर ऊर्जा को राज्यों द्वारा लाभकारी प्रशुल्क देकर वितरण कंपनियों द्वारा खरीदी जा सकेगी |

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सवाल यह उठता है की 2,000 रुपया देने के लिए सरकार इतनी तत्पर है की मार्च तक सभी किसानों को पैसा बैंक अकाउंट में दिया जायेगा | तो फर एक वर्ष से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी कुसुम योजना को शुरू क्यों नहीं किया है |

इसी तरह सरकार की अनेकों ऐसी योजना है जो एक वर्ष से ज्यादा हो जाने के बाद भी शुरू नहीं हो सकी  है | एक तरफ सरकार पुरानी योजना जिनकी घोषणा बहुत पहले सरकार कर चुकी है परन्तु उसकी कोई प्रगति नहीं हुई है वहीँ दूसरी तरफ नई – नई योजनाओं की घोशनाएँ करती जा रही है | कुसुम योजना को सरकार ने महा अभियान के रूप में पेश किया था |

अभी हाल ही में लोकसभा में 12/02/2019 को एक सवाल के जबाब देते हुए कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री पुरषोत्तम रुपाला ने कहा की कुसुम योजना को अनुमोदित करने की प्रक्रिया जारी है |

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