किसानों से 15 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी जाएगी, सरकार ने जारी किये नए नियम

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धान की सरकारी खरीदी हेतु नए नियम

किसानों से धान की खरीदी शुरू कर दिया गया है | इस वर्ष धान का भाव 1815 रूपये प्रति क्विंटल तथा 1835 रूपये प्रति क्विंटल है | इसी आधार पर धान की खरीदी की जा रही है | लेकिन छत्तीसगढ़ राज्य सरकार राज्य किसानों से 2500 रूपये प्रति क्विंटल धान की खरीदी कर रही है | जिसमें 1815 रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा 685 रुपये प्रति क्विंटल योजना बनाकर बोनस दिया जायेगा |

इसी को ध्यान में रखते हुये किसानों में धान बेचने के लिए उत्साह बना हुआ था लेकिन राज्य सरकार ने किसानों से धान खरीदी के लिए नये नियम लगा दिए थे जिसे अब शिथिल कर दिया गया है | किसान समाधान पुराने नियम तथा नये नियम की जानकारी लेकर आया है |

धान खरीदी हेतु नया आदेश क्या है ?

छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के नये आदेश के अनुसार खाध विभाग द्वार किसानों का शत–प्रतिशत धान सुविधाजनक रूप से खरीदने के लिए लिमिट की व्यवस्था को शिथिल कर दिया है | अब समितियां अपनी सुविधा और काँटा तराजू व मानव श्रम की उपलब्धता के अनुसार किसानों से प्रतिदिन ज्यादा मात्रा में धान खरीदेगी | मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को लघु एवं सीमांत किसानों का धान प्राथमिकता के आधार पर अभियान चलाकर खरीदने के लिए आवश्यक करवाई करने के निर्देश दिए हैं | मुख्यमंत्री ने कहा है कि सीमांत और छोटे किसानों को धान बेचने के लिए बार – बार खरीदी केन्द्रों में न आना पड़े |

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राज्य के किसानों का 15 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से पूरा धान ख़रीदा जाए | जरूरत पड़ी तो धान खरीदी का समय और खरीदी किस्तों की संख्या भी बढ़ा दी जाएगी | खाध विभाग के सचिव ने बताया कि सभी धान खरीदी केन्द्रों का नियमित निरिक्षण किया जा रहा है | धान खरीदी का भुगतान ऑनलाइन हो रहा है और अब तक ग्यारह सौ करोड़ रूपये से अधिक का भुगतान किसानों को किया जा चूका है |

पुराना नियम क्या है ?

सालों से यह व्यवस्था थी कि एक किसान के पास दो एकड़ खेत है तो वह 29 क्विंटल 60 किलो धान बेच सकता है  यानि 74 बोरा धान बेचेगा | किसान इसी हिसाब से पंजीयन के दौरान अपना रकबा सॉफ्टवेर में दर्ज करवाते आ रहे हैं | जब टोकन वितरण हुआ तो उसकी फसल की मिंजाई चल रही थी इसलिए उसने टोकन 50 बोरा धान बेचने का लिया | बाकि धान अपने खाने के लिए रखा | इस टोकन लेने के बाद किसान को 62 बोरा धान बेच सकता है |

पिछले बुधवार को सरकार ने किसानों से धान बेचने का नया नियम बना दिया था | सरकार ने किसानों धान बेचने का पंजीयन के दौरान साफ्टवेयर में उनका रकबा दर्ज क्या है | यानि एक किसान का रकबा 3 एकड़ है और उसने धान तय लिमिट के हिसाब से कम बेचा | उसके बाद भी किसानों का धान ज्यादा नहीं खरीदनी है | नए आदेश के बाद साफ्टवेयर में पुराने सिस्टम को शाम से बंद कर दिया गया है  |

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के किसानों को आश्वस्त किया है कि राज्य सरकार हर हाल में किसानों से प्रति एकड़ 15 क्विंटल के मान से धान की खरीदी करेगी, इसके लिए चाहे धान खरीदी का समय बढ़ना पड़े या धान खरीदी किश्तों की संख्या। मान लीजिए तीन फेरी में या पांच फेरी में जमा करना है, तो यदि आवश्यकता पड़ती है तो इसकी संख्या बढ़ाई जाएगी। समितियां अपने यहां कांटा बाट, हमालों की संख्या आदि क्षमता के अनुसार धान खरीदी सुनिश्चित करेंगी।

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