उत्तरप्रदेश बजट: किसानों को क्या मिला देखें एक नज़र में

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उत्तरप्रदेश बजट: किसानों को क्या मिला देखें एक नज़र में

योगी सरकार ने अपना दूसरा बजट पेश किया। इस बार के बजट में वर्ष 2018-19 में खाद्य उत्पादन का लक्ष्य 581 लाख 60 हजार मीट्रिक टन तथा तिलहन उत्पादन का लक्ष्य 11 लाख 28 हजार मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में खेत-तालाब योजना के अन्तर्गत आगामी वर्ष में 05 हजार तालाबों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। सोलर फोटो वोल्टाइक इरीगेशन पम्पों की स्थापना के लिये 131 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

खेती किसानी कर रहे किसानों के लिए क्या है खास जानें मुख्य बातें

  • प्रदेश में मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2017 लागू की गई है। मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण मिशन के क्रियान्वयन हेतु 42 करोड़ 49 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • उर्वरकों के अग्रिम भण्डारण की योजना हेतु 100 करोड़ रुपएकी व्यवस्था की गई है।
  • किसानों को कम ब्याज दर पर फसली ऋण उपलब्ध कराने के लिए सब्सिडी योजना के तहत 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • पं. दीन दयाल उपाध्याय लघु डेयरी योजना के लिये 75 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • राष्ट्रीय पशु स्वास्थ्य तथा रोग नियंत्रण कार्यक्रम हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • प्रदेश में 770 पशु चिकित्सालय संचालित किये जा रहें हैं, जिससे पशु आरोग्य व नस्ल में सुधार अपेक्षित है। इसके लिये 27 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • डेयरी विकास फण्ड की स्थापना के लिये 15 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • दुग्ध मूल्य भुगतान डीबीटी प्रक्रिया के माध्यम से सीधे किसानों के खातों में भुगतान की प्रक्रिया आरम्भ की गई है।
  • देशी नस्ल की गायों के माध्यम से सर्वाधिक गौ दुग्ध उत्पादन करने वाले दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहित करने हेतु नई ‘नन्द बाबा पुरस्कार योजना’ हेतु 52 लाख का प्राविधान साथ ही ‘गोकुल पुरस्कार’ के लिए 54 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • मछुआरों के कल्याण के लिये मत्स्य पालक कल्याण फण्ड की स्थापना के लिए 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • ब्लू रिवोल्यूशन इन्टीग्रेटेड डेवलपमेन्ट एण्ड मैनेजमेंट फार फिशरीज योजना के अन्तर्गत 20 करोड़ रुपये की धनराशि प्रस्तावित है।
  • विकास खण्डों में पं. दीन दयाल उपाध्याय पशु आरोग्य मेले के आयोजन हेतु 15 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • निः शुल्क बोरिंग योजना के लिये 36 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • रबी खरीद वर्ष 2018-19 में 50 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का कार्यकारी लक्ष्य रखा गया है।
  • गेहूं खरीदने के लिए कुल 05 हजार 500 क्रय केन्द्र खोले जाएंगे।
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