समर्थन मूल्य एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य किस आधार पर निर्धारित किया जाता है

जानें क्या है रबी 2017-18 के लिए समर्थन मूल्य एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य किस आधार पर निर्धारित किया जाता है

केंद्र सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य किस आधार पर निर्धारण करता है ?

अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आनेवाली विभिन्न वस्तुओं के मूल्य – नीति की अनुशंसा करते समय आयोग, भूमि और जल जैसे राष्ट्रीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के अलावा मांग और आपूर्ति, उत्पादन लागत, घरेलू एवं अंतराष्ट्रीय बाजार की कीमतों का ट्रेंड अंतरफसल मूल्यों में समता, कृषि और गैर – कृषि क्षेत्रों के बीच व्यापार की शर्तें, उस वस्तु के एमएसपी का उपभोगताओं पर प्रभाव का भी ध्यान रखता है | यह बात ध्यान देने योग्य है की एमएसपी के निर्धारण में उत्पादन लागत एक महत्वपूर्ण निर्धारण है, परंतु विभिन्न फसलों का एमएसपी निर्धारण केवल लागत जोड़ के आधार पर नहीं होता है |

केंद्र सरकार कितने फसलों का मूल्य निर्धारण करता है ?

संतुलित और एकीकृत मूल्य संरचना मूल्य संरचना तैयार करने के उद्देश्य से कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) की स्थापना की गई थी | इसे 23 फसलों की मूल्यनीति (एमएसपी) पर सलाह देनी है, जिनमें सात अनाज वाली फसलें (धान, गेंहू, ज्वार, बाजरा, मक्का, रागी और जौ) पांच दलहन फसलें (चना, अरहर, मूंग, उड़द और मसूर), सात तिलहन (मूंगफली, सूरजमुखी बीज, सोयाबीन, रेपसीड – सरसों, कुकुम, नाइजर, बीज और मसूर), गिरी (सूखा नारियल), कच्चा जूट तथा गन्ना है |

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इसे एमएसपी के बदलते उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) सुझाना है | एमएसपी/एफआरपी की अनुशंसा करते समय सीएसीपी से यह सुनिश्चित करते समय कहा जाता है कि उत्पादन का पैटर्न मोटे तौर पर अर्थव्यवस्था की समग्र जरूरतों (मांगों) के अनुरूप हो | सीएसीपी अपनी अनुशंसाएं प्रत्येक वर्ष सरकार को मूल्यनिधि रिपोर्ट के रूप में भेजती है | यह सामग्रियों के पांच समूह के लिए अलग – अलग होते है | ये – है – खरीफ फसल, रबी फसल, गन्ना, कच्चा जूट, और गरी | इन पांचों मूल्य नीति रिपोर्टों को तैयार करने से पहले आयोग विभिन्न राज्य सरकारों, संबंधित राष्ट्रीय संगठनों और मंत्रालयों से उनकी राय लेता है |

केंद्र सरकार ने कल गेंहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 110 रुपए बढ़ाकर 1735 रुपए प्रति कुंतल कर दिया था। साथ ही दालों के एमएसपी में भी 400 रुपए प्रति कुंतल तक की बढ़ोत्तरी की गई है। इसका मकसद किसानों को दालों की पैदावार बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

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एमएसपी से आशय उस न्यूनतम दर से होता है जिस पर सरकार किसानों से उनकी उपज खरीदती है। नोमुरा के अनुसार एमएसपी में वृद्धि पिछले साल की गई वृद्धि के अनुरुप ही है यद्यपि यह 2013-14 से 2015-16 के दौरान की गई वृद्धि से अधिक है।

यह भी पढ़ें: किसानों की आर्थिक हालत को बेहतर करने और अन्न की आपूर्ति को भरोसेमंद बनाने के लिए जानें क्या थी स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें

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