92 चीनी मिलों में गन्ना पेराई शुरू, किसानों को किया गया 553.26 करोड़ रुपए का भुगतान

गन्ना पेराई सत्र एवं भुगतान

देश के अधिकांश राज्यों में गन्ना पेराई सत्र 2021-22 की शुरूआत हो चूकी है इसके साथ ही किसान खेतों से गन्ना लेकर अपने नजदीक के चीनी मिलों पर लेकर पहुँचने लगे हैं | इसके लिए राज्य सरकार द्वारा किसानों को टोकन जारी किए जा रहे हैं | उत्तर प्रदेश में गन्ना पेराई का सत्र की शुरुआत हो गई है | राज्य में कुल 120 चीनी मिलें हैं जो सहकारी, निगम तथा निजी क्षेत्र की है, जिनमें से 92 चीनी मिलें में पेराई शुरू हो चूकी है | इसमें से निगम क्षेत्र की 01, सहकारी क्षेत्र की 17 तथा निजी क्षेत्र की 74 चीनी मिलें शामिल है | जहाँ पर किसान गन्ना लेकर आ रहे हैं |

17 नई चीनी मिलों में जल्द शुरू होगी गन्ना पेराई

प्रदेश की अन्य 17 चीनी मिलों द्वारा अपना पेराई कार्य शुरू करने की समस्त औपचारिक तैयारी कर गन्ना खरीद हेतु इण्डेंट जारी किया जा चुका है। इन चीनी मिलों का संचालन भी अगले 02 से 03 दिवस में शुरू हो जाएगा। शेष 11 चीनी मिलें भी शीघ्र ही संचालित होना शुरू हो जाएँगी।

इन चीनी मिलों में शुरू हुआ गन्ना पेराई का काम

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प्रदेश के आयुक्त, गन्ना एवं चीनी, श्री संजय आर. भूसरेड्डी ने बताया कि संचालित चीनी मिलों में निगम क्षेत्र की मोहद्दीनपुर तथा सहकारी क्षेत्र की ननौता, सरसांवा, मोरना, बागपत, रमाला, अनूपशहर, स्नेहरोड़, गजरौला, सेमीखेड़ा, बीसलपुर, पूरनपुर, तिलहर, पुवांया, बंदायू, कायमगंज, बेलरायां एवं नानपारा चीनी मिलें शामिल हैं।

निजी क्षेत्र की चीनी मिलों में मोदी समूह की 02, डी.सी.एम. श्रीराम समूह की 04, मवाना समूह की 02, राणा समूह की 04, उत्तम समूह की 03, डालमिया समूह की 03, त्रिवेणी समूह की 07, धामपुर समूह की 05, वेव समूह की 04, द्वारिकेश समूह की 03, यदु समूह की 02 मिलों सहित इन सभी समूहों की प्रदेश में स्थित सभी चीनी मिलों तथा एकल समूहों की 13 चीनी मिलों द्वारा पेराई कार्य प्रारम्भ किया जा चुका है। उपरोक्त के अतिरिक्त सिम्भावली समूह की 03 में से 02, बजाज समूह की 14 में से 09, बलरामपुर समूह की 10 में से 05, आई.पी.एल. समूह की 06 में से 03 एवं बिरला समूह की 04 में से 03 चीनी मिलों द्वारा पेराई कार्य शुरू किया जा चुका है।

किसानों को किया गया 553.26 करोड़ का भुगतान

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सरकार ने किसानों को बकाया भुगतान तथा इस सत्र में गन्ने के भुगतान करने के आदेश चीनी मिलों को दे दिए हैं, जिससे चीनी मिलों ने किसानों को भुगतान करना शुरू कर दिया है| त्वरित गन्ना मूल्य भुगतान के दृष्टिगत वर्तमान पेराई सत्र 2021–22 के लिए देय गन्ना मूल्य रु. 510.20 करोड़ के सापेक्ष रु. 553.26 करोड़ का भुगतान गन्ना किसानों को कर दिया है, जो देय गन्ना मूल्य से 43.06 करोड़ रुपये अधिक है | नये पेराई सत्र का आरम्भिक चरण तथा त्यौहारी सीजन में त्वरित गन्ना मूल्य भुगतान प्रदेश गन्ना किसानों के लिए ख़ुशी का पैगाम लेकर आया है |

किसान प्रति हेक्टेयर कितना गन्ना बेच सकते हैं ?

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों से गन्ना खरीद हेतु नई सट्टा नीति घोषित कर दी है, जिसके अनुसार किसानों से पीटीआई हेक्टेयर गन्ना कि खरीदी की जाएगी | इस वर्ष की सट्टा निति इस प्रकार है :-

  • सीमांत कृषक (1 हेक्टेयर तक) – 850 क्विंटल
  • लघु सीमांत किसान (2 हेक्टेयर तक) – 1700 क्विंटल
  • सामान्य कृषक (5 हेक्टेयर तक) – 4250 क्विंटल

इसके अलावा उपज में बढ़ोतरी की दशा में गन्ने की खरीदी लक्ष्य को बढ़ाया जा सकता है | प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों के लिए गन्ने की अधिक पैदावार होने पर लक्ष्य निर्धारित कर दिया है |

  • सीमांत कृषक (1 हेक्टेयर तक) – 1350 क्विंटल
  • लघु सीमांत किसान (2 हेक्टेयर तक) – 2700 क्विंटल
  • सामान्य कृषक (5 हेक्टेयर) – 6750 क्विंटल

किस भाव पर खरीदा जायेगा गन्ना

राज्य सरकार ने इस वर्ष गन्ना मूल्य में वृद्धि की है, अब 325 रुपये प्रति क्विंटल के गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 350 रुपये प्रति क्विंटल, 315 रुपये प्रति क्विंटल के सामान्य गन्ने का गन्ना मूल्य 340 रुपये प्रति क्विंटल तथा अनुपयुक्त गन्ने के गन्ना मूल्य में 25 रुपये प्रति क्विंटल वृद्धि की है।

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