स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घोषित ‘शक्ति की सप्तधारा’ को धरातल पर उतारने के लिए कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्रालयों ने कमर कस ली है। पूसा स्थित सी. सुब्रमण्यम सभागार में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर ‘शक्ति की सप्तधारा से कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा’ संकल्प कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस महा-सम्मेलन में अधिकारियों, वैज्ञानिकों, किसानों, लखपति दीदियों, फूड प्रोसेसर्स, निर्यातकों और FPO प्रतिनिधियों को ‘विकसित भारत 2047’ के निर्माण का संकल्प दिलाया गया।
खेत से वैश्विक बाजार (Farm to Global Market) तक पहचान
केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि अब भारत का लक्ष्य केवल खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि वैश्विक बाजारों में अपनी मजबूत पहचान बनाना है:
- गुणवत्ता और शुद्धता: मिर्च, मसाले, फल, फूल और पारंपरिक खाद्य उत्पादों को वैश्विक मानकों (Global Standards), बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और प्रोसेसिंग के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचाया जाएगा।
- प्राकृतिक और जैविक खेती: रसायन-मुक्त खेती से तैयार उत्पादों की वैश्विक मांग को देखते हुए किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन और प्रसंस्करण सुविधाएं दी जाएंगी।
- लागत घटाना और उत्पादन बढ़ाना: सरकार की प्राथमिकता कृषि लागत को कम करना, उत्पादन बढ़ाना और किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाना है।
जिला और राज्य स्तर पर बनेगा अलग ‘कृषि रोडमैप’
केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की कि देश की विविधता को देखते हुए राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ प्रत्येक राज्य और जिले का अलग कृषि रोडमैप तैयार किया जाएगा:
- वैज्ञानिक आकलन: बाजार में किस फसल की कितनी मांग है, इसका वैज्ञानिक डेटा निकालकर ही किसानों को फसल विविधीकरण (Crop Diversification) और आधुनिक कृषि पद्धतियों के लिए प्रेरित किया जाएगा।
- आधुनिक तकनीक: AI, मशीनीकरण, आधुनिक बीजों और ICAR-KVK के समन्वय से नई तकनीक को तुरंत खेत तक पहुंचाया जाएगा।
लखपति दीदी योजना: 3 करोड़ का लक्ष्य पूरा, अब 6 करोड़ का नया टारगेट
ग्रामीण विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक सफलता का उल्लेख करते हुए कृषि मंत्री ने बताया:
- नया लक्ष्य: 3 करोड़ ग्रामीण महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य सफलता से प्राप्त कर लिया गया है। अब प्रधानमंत्री मोदी ने 6 करोड़ लखपति दीदियां बनाने का नया लक्ष्य दिया है।
- ‘शी-मार्ट्स’ (She-Marts): स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की महिलाओं द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प, आयुर्वेदिक और खाद्य उत्पादों की बिक्री और ब्रांडिंग के लिए ‘शी-मार्ट्स’ जैसी पहलों को बढ़ावा दिया जाएगा।
अधिकारियों को दिए सफलता के 4 जादुई सूत्र
अधिकारियों और कर्मचारियों में राष्ट्रहित की भावना जगाते हुए शिवराज सिंह चौहान ने सफलता के 4 सूत्र साझा किए:
- पांव में चक्कर: कार्यालयों से निकलकर जमीनी स्तर पर (फील्ड में) जाकर समीक्षा करना।
- मुंह में शक्कर: सहयोगियों और जनता के साथ मधुर व्यवहार से मजबूत टीम बनाना।
- सीने में आग: निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने का जुनून और जज्बा रखना।
- माथे पर बर्फ: कठिन परिस्थितियों में धैर्य और मानसिक संतुलन बनाए रखना।
किसानों और लखपति दीदियों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में किसानों, लखपति दीदियों, निर्यातकों, फूड प्रोसेसर्स और FPO प्रतिनिधियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, कृषि उत्पादन, तकनीक, कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और किसानों को बाजार से जोड़ने जैसे विषयों पर सुझाव दिए गए। प्रतिभागियों ने किसानों की आय बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
‘शक्ति की सप्तधारा’ को धरातल पर उतारने का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर उद्घोषित ‘शक्ति की सप्तधारा’ को धरातल पर उतारने का सामूहिक संकल्प लिया। इसमें कृषि को समृद्ध बनाने, खाद्य उत्पादन और खाद्य प्रसंस्करण को मजबूत करने, भारतीय कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने और अन्नदाता की आय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही 3 करोड़ लखपति दीदियों के लक्ष्य के बाद अब 6 करोड़ लखपति दीदियों के लक्ष्य को हासिल करने, राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और कर्तव्य को अपनी पहचान बनाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में चारों प्रमुख सचिवों—डॉ. मांगीलाल जाट (DARE/ICAR), अतीश चंद्र (कृषि एवं किसान कल्याण), रोहित कंसल (ग्रामीण विकास) और नरेंद्र भूषण (भूमि संसाधन)—ने अपने-अपने विभागों की कार्ययोजना प्रस्तुत की।
sarkar to sab kr rhi lekin banko adhikari log to chakkar karwate bht kam nhi karte