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खरीफ बुआई का नया आंकड़ा: धान का रकबा 16.37 लाख हेक्टेयर घटा, दलहन की खेती बढ़ी; जानें अन्य फसलों का हाल

कृषि मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार खरीफ सीजन 2026 में धान, तिलहन और कपास के रकबे में गिरावट आई है, जबकि उत्तर प्रदेश और झारखंड की बदौलत दलहन की बुआई में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जानिए सभी फसलों का हाल।

Kharif Crop Sowing Area 2026

देश में खरीफ फसलों की बुआई के ताजा आंकड़ों में अलग-अलग फसलों के रकबे में महत्वपूर्ण बदलाव सामने आए हैं। धान की बुआई पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 16.37 लाख हेक्टेयर कम दर्ज की गई है। वहीं दलहन का रकबा 1.84 लाख हेक्टेयर बढ़ा है। तिलहन, कपास, गन्ना तथा श्री अन्न एवं मोटे अनाज के क्षेत्रफल में भी पिछले वर्ष की तुलना में कमी दर्ज की गई है।

धान के रकबे में सबसे ज्यादा गिरावट वाले राज्यों में कर्नाटक और तेलंगाना शामिल हैं। दूसरी ओर दलहन की बुआई बढ़ाने में उत्तर प्रदेश की प्रमुख भूमिका रही है, जहां पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में दलहन का रकबा 3.97 लाख हेक्टेयर बढ़ा है।

धान के रकबे में 16.37 लाख हेक्टेयर की भारी गिरावट

धान की बुआई पिछले वर्ष की समान अवधि के 438.19 लाख हेक्टेयर की तुलना में घटकर 421.82 लाख हेक्टेयर रह गई है।

  • गिरावट वाले प्रमुख राज्य: कर्नाटक (4.28 लाख हेक्टेयर), तेलंगाना (3.61 लाख हेक्टेयर), उत्तर प्रदेश (1.84 लाख हेक्टेयर), आंध्र प्रदेश (1.91 लाख हेक्टेयर), मध्य प्रदेश (1.75 लाख हेक्टेयर), तमिलनाडु (1.32 लाख हेक्टेयर), झारखंड (1.38 लाख हेक्टेयर), महाराष्ट्र (1.15 लाख हेक्टेयर)।
  • वृद्धि वाले राज्य: असम (0.52 लाख हेक्टेयर), ओडिशा (0.29 लाख हेक्टेयर)।

कुल मिलाकर, धान के रकबे में कमी मुख्य रूप से कर्नाटक, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु और महाराष्ट्र में हुई बड़ी गिरावट के कारण है।

दलहन रकबे में 1.84 लाख हेक्टेयर की बढ़त

धान के विपरीत दलहन की खेती का रकबा बढ़ा है। पिछले वर्ष की समान अवधि तक 115.30 लाख हेक्टेयर में दलहन की बुआई हुई थी, जबकि इस बार यह बढ़कर करीब 117.13 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है। इस प्रकार दलहन के क्षेत्रफल में लगभग 1.84 लाख हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज की गई है।

  • बढ़ोतरी वाले प्रमुख राज्य: उत्तर प्रदेश (3.97 लाख हेक्टेयर), झारखंड (0.98 लाख हेक्टेयर), तेलंगाना (0.90 लाख हेक्टेयर), राजस्थान (0.57 लाख हेक्टेयर), मध्य प्रदेश (0.38 लाख हेक्टेयर)
  • गिरावट वाले प्रमुख राज्य: महाराष्ट्र (2.60 लाख हेक्टेयर), कर्नाटक (2.07 लाख हेक्टेयर), ओडिशा (0.61 लाख हेक्टेयर)।

कुल मिलाकर, दलहनों के रकबे में वृद्धि मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, राजस्थान और मध्य प्रदेश में हुई उल्लेखनीय वृद्धि के कारण है, जिसने महाराष्ट्र, कर्नाटक और ओडिशा में दर्ज की गई गिरावट की भरपाई कर दी है।

श्री अन्न एवं मोटे अनाज के रकबे में 1.09 लाख हेक्टेयर की कमी

श्री अन्न एवं मोटे अनाज का कवरेज पिछले साल के 182.48 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 181.39 लाख हेक्टेयर रहा।

  • गिरावट वाले प्रमुख राज्य: कर्नाटक (5.64 लाख हेक्टेयर), महाराष्ट्र (2.41 लाख हेक्टेयर), आंध्र प्रदेश (0.62 लाख हेक्टेयर), तमिलनाडु (0.24 लाख हेक्टेयर)।
  • वृद्धि वाले प्रमुख राज्य: राजस्थान (2.90 लाख हेक्टेयर), छत्तीसगढ़ (1.69 लाख हेक्टेयर), ओडिशा (0.85 लाख हेक्टेयर), मध्य प्रदेश (0.80 लाख हेक्टेयर), बिहार (0.72 लाख हेक्टेयर), उत्तर प्रदेश (0.63 लाख हेक्टेयर), झारखंड (0.41 लाख हेक्टेयर), उत्तराखंड (0.38 लाख हेक्टेयर)।

कुल मिलाकर, क्षेत्रफल में गिरावट मुख्य रूप से कर्नाटक और महाराष्ट्र में हुई भारी कमी के साथ-साथ आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में हुई गिरावट के कारण है, जिसने राजस्थान, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड में दर्ज की गई वृद्धि को काफी हद तक बेअसर कर दिया है।

तिलहन की खेती में 1.07 लाख हेक्टेयर की कमी

तिलहन की बुआई 193.06 लाख हेक्टेयर से घटकर 191.99 लाख हेक्टेयर (1.07 लाख हेक्टेयर की कमी) पर आ गई है।

  • रकबे में कमी वाले प्रमुख राज्य: राजस्थान (2.23 लाख हेक्टेयर), गुजरात (1.93 लाख हेक्टेयर), कर्नाटक (0.37 लाख हेक्टेयर)।
  • रकबे में वृद्धि वाले प्रमुख राज्य: उत्तर प्रदेश (2.91 लाख हेक्टेयर), मध्य प्रदेश (1.14 लाख हेक्टेयर)।

कुल मिलाकर, तिलहन रकबे में गिरावट मुख्य रूप से राजस्थान और गुजरात में हुई भारी कमी के कारण है, जिसने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में दर्ज की गई वृद्धि को काफी हद तक बेअसर कर दिया है।

गन्ना रकबे में 0.40 लाख हेक्टेयर की मामूली कमी

गन्ने का कुल रकबा 58.87 लाख हेक्टेयर से घटकर 58.47 लाख हेक्टेयर (0.40 लाख हेक्टेयर की कमी) हो गया है।

  • रकबे में कमी वाले प्रमुख राज्य: बिहार (0.30 लाख हेक्टेयर), उत्तराखंड (0.20 लाख हेक्टेयर)।
  • रकबे में वृद्धि वाले प्रमुख राज्य: उत्तर प्रदेश (0.36 लाख हेक्टेयर), हरियाणा (0.21 लाख हेक्टेयर)।

कुल मिलाकर, गन्ने के क्षेत्रफल में गिरावट मुख्य रूप से बिहार और उत्तराखंड में हुई भारी कमी के कारण है, जिसने उत्तर प्रदेश और हरियाणा में दर्ज की गई वृद्धि को काफी हद तक बेअसर कर दिया है।

जूट और मेस्ता की खेती में 0.10 लाख हेक्टेयर की वृद्धि

जूट एवं मेस्ता की खेती का दायरा 6.24 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 6.34 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया।

  • रकबे में वृद्धि वाले प्रमुख राज्य: बिहार (0.11 लाख हेक्टेयर), पश्चिम बंगाल (0.06 लाख हेक्टेयर)।
  • रकबे में कमी वाले प्रमुख राज्य: असम (0.07 लाख हेक्टेयर), आंध्र प्रदेश (0.01 लाख हेक्टेयर)।

कुल मिलाकर, जूट एवं मेस्ता क्षेत्र में वृद्धि मुख्य रूप से बिहार और पश्चिम बंगाल में अधिक रकबे की खेती के कारण हुई है, जिसने असम और आंध्र प्रदेश में दर्ज की गई कमी की भरपाई कर दी है।

कपास के रकबे में 0.69 लाख हेक्टेयर की गिरावट

देश में कपास का क्षेत्रफल पिछले वर्ष की समान अवधि के 109.87 लाख हेक्टेयर से घटकर लगभग 109.17 लाख हेक्टेयर रह गया है। इस तरह करीब 0.69 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज हुई है।

  • रकबे में कमी वाले प्रमुख राज्य: राजस्थान (1.05 लाख हेक्टेयर), हरियाणा (0.90 लाख हेक्टेयर), पंजाब (0.43 लाख हेक्टेयर)।
  • रकबे में वृद्धि वाले प्रमुख राज्य: तेलंगाना (1.14 लाख हेक्टेयर), गुजरात (0.66 लाख हेक्टेयर)।

कुल मिलाकर, कपास की खेती के क्षेत्रफल में गिरावट मुख्य रूप से राजस्थान और हरियाणा में हुई भारी कमी के कारण है, जिसके बाद पंजाब में गिरावट आई है, जिसने तेलंगाना और गुजरात में दर्ज की गई वृद्धि को काफी हद तक बेअसर कर दिया है।

खरीफ 2026 में कुल बुआई का रकबा

कृषि विभाग के मुताबिक इस वर्ष खरीफ 2026-27 में 4 सितंबर 2026 तक कुल 1086.31 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई हुई है। जबकि पिछले वर्ष इसी समय तक 1104.00 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई दर्ज की गई थी जो 17.69 लाख हेक्टेयर की कमी को दर्शाती है।

कुल तस्वीर में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव धान के बुआई क्षेत्र में 16.37 लाख हेक्टेयर की गिरावट है। वहीं दलहन की खेती में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अलग-अलग राज्यों के आंकड़ों से यह भी स्पष्ट है कि एक ही फसल के रकबे में राज्यों के स्तर पर काफी अलग रुझान देखने को मिल रहे हैं।

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