राजस्थान में किसानों को समर्थन मूल्य (MSP) पर फसलों की खरीद, उर्वरक-बीज की समय पर आपूर्ति, कस्टम हायरिंग सेंटर से कृषि उपकरण और ड्रोन सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के काम-काज में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सहकारिता विभाग ने अधिकारियों और कर्मचारियों की दक्षता, जवाबदेही तथा रियल टाइम सर्विस डिलीवरी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 11 नए मूल्यांकन मापदण्ड (Performance Criteria) जारी किए हैं। कुल 50 अंकों के आधार पर समितियों की कार्यप्रणाली का आंकलन किया जाएगा।
सहकारिता विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी समितियां किसानों को रियल टाइम सर्विस डिलीवरी सुनिश्चित करें और सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर प्रत्येक पात्र किसान तक पहुंचे।
11 मापदण्डों पर इस तरह मिलेंगे अंक (कुल 50 अंक)
शासन सचिव (सहकारिता) डॉ. समित शर्मा ने समीक्षा बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि सहकारी संस्थाओं के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से ही किसानों को पारदर्शी सेवाएं मिलेंगी। मूल्यांकन के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- MSP पंजीकरण व भुगतान (10 अंक): किसानों से निर्धारित समयावधि में एफएक्यू मापदण्डानुसार जिन्स की तुलाई करना एवं विक्रय पर्ची जारी होने पर समय-सीमा में किसान को बैंक खाता में त्वरित भुगतान होने के आधार पर 10 अंक मिलेंगे।
- उर्वरक एवं बीज का बफर स्टॉक (15 अंक): किसानों के लिये बुवाई सीजन से पहले प्रमाणित उर्वरक, बीज एवं कीटनाशक का पर्याप्त बफर स्टॉक करती है और उसका सुचारू वितरण पोस मशीन के माध्यम करती है तो उसे 15 अंक मिलेंगे।
- पारदर्शी ऑडिट व नियमित बैठकें (5 अंक): पारदर्शी लेखांकन, ऑडिट व्यवस्था, संचालक मण्डल की नियमित बैठकें और रिकॉर्ड निस्तारण।
- सेवा विस्तार व रिकॉर्ड निस्तारण (10 अंक): समिति की आय बढ़ाने, अनुपयोगी पत्रावलियों व पुराने रिकॉर्ड के समयबद्ध निस्तारण पर।
- किसान समृद्धि केन्द्र सेवाएं (5 अंक): समिति को अपनी आय में वृद्धि करने के लिये प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र के रूप में कार्य करने, किसानों को तकनीकी परामर्श उपलब्ध कराने मृदा परीक्षण की व्यवस्था करने, उन्नत कृषि तकनीक, खाद व मशीनरी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिये 5 अंक निर्धारित किये गये हैं।
- कस्टम हायरिंग सेंटर (5 अंक): यदि समिति द्वारा कस्टम हायरिंग सेंटर के रूप में कार्य किया जा रहा है और किसानों को किफायती दरों पर खेती-बाडी के काम में आने वाले महंगे कृषि उपकरण उपलब्ध कराने की सेवायें दी जा रही है तो उन्हें 5 अंक मिलेंगे।
इन समितियों ने मारी बाजी, प्रदेश में रही अव्वल
राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में शासन सचिव ने घोषणा की कि 50 में से 50 अंक प्राप्त कर निम्नलिखित क्रय-विक्रय सहकारी समितियां पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर रही हैं:
- भीण्डर
- चौमहला
- देवली
- टोडारायसिंह
- उनियारा
मुख्य बिंदु: डॉ. समित शर्मा ने सभी समितियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEOs) को निर्देश दिए हैं कि वे कार्यस्थल पर कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करें और विभागीय SOP के अनुसार किसानों तक योजनाओं का लाभ त्वरित गति से पहुंचाएं।
किसानों को क्या होगा फायदा?
नई मूल्यांकन प्रणाली लागू होने से किसानों को कई सेवाएं अधिक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मिलेंगी।
- MSP पर फसल खरीद में पारदर्शिता
- समय पर तुलाई और भुगतान
- बुवाई से पहले खाद, बीज और कीटनाशक की उपलब्धता
- कृषि यंत्र और ड्रोन किराये पर उपलब्ध
- तकनीकी सलाह और मृदा परीक्षण
- प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र की बेहतर सेवाएं
- महंगे कृषि यंत्रों और ड्रोन की उपलब्धता
निष्कर्ष
राजस्थान सरकार की नई मूल्यांकन प्रणाली से सहकारी समितियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा, क्योंकि अब MSP भुगतान, खाद-बीज की उपलब्धता, कृषि यंत्र, ड्रोन सेवा और प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र की सुविधाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इससे खेती की लागत कम होगी, सेवाएं तेज होंगी और किसानों को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ मिलेगा।