राजस्थान

PM Fasal Bima Yojana: फसल बीमा पॉलिसियों की होगी गहन जांच, फर्जीवाड़े पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पॉलिसियों की गहन जांच होगी। पात्र किसानों को समय पर क्लेम दिलाने, फसल कटाई प्रयोग और पोस्ट हार्वेस्ट सर्वे में पारदर्शिता के निर्देश दिए गए हैं।

PM Fasal Bima Yojana Rajasthan Review 2026

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) का लाभ वास्तविक और पात्र किसानों तक पहुंचाने के लिए राजस्थान कृषि विभाग ने फसल बीमा पॉलिसियों के सत्यापन और योजना की निगरानी को और सख्त करने के निर्देश दिए हैं। अब बीमा पॉलिसियों की जांच से लेकर फसल कटाई प्रयोग और पोस्ट हार्वेस्ट नुकसान के सर्वे तक पूरी प्रक्रिया की प्रभावी मॉनिटरिंग की जाएगी।

सोमवार को कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पात्र किसानों को योजना का लाभ समय पर मिले और किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

फसल बीमा पॉलिसियों की होगी गहन जांच

बैठक में फसल बीमा पॉलिसियों की जांच और अनुमोदन प्रक्रिया की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों से कहा गया कि प्रत्येक संबंधित पॉलिसी का सत्यापन निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाए। यदि जांच के दौरान गलत जानकारी, अनियमित पॉलिसी या अन्य गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य योजना में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ यह सुनिश्चित करना है कि फसल बीमा का लाभ वास्तविक और पात्र किसानों तक पहुंचे।

ऑफलाइन गांवों की पॉलिसियों पर विशेष नजर

कृषि विभाग ने ऑफलाइन गांवों और नए ऋणी किसानों की फसल बीमा पॉलिसियों पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। ऐसी पॉलिसियों का नियमानुसार DLMC से अनुमोदन कराया जाएगा। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रक्रिया संबंधी कारणों से कोई पात्र किसान बीमा सुरक्षा से वंचित न रहे।

फसल कटाई प्रयोग के आंकड़े हैं बेहद महत्वपूर्ण

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत होने वाले ऑनलाइन फसल कटाई प्रयोग (Crop Cutting Experiments) पर भी विभाग ने सख्ती दिखाई है। कृषि आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि फसल कटाई प्रयोग निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से किए जाएं।

इन प्रयोगों से मिलने वाले आंकड़े फसल उत्पादन और नुकसान के आकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और बीमा दावों के निर्धारण से जुड़े होते हैं। इसलिए विभाग ने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

कटाई के बाद फसल खराब हुई तो समय पर होगा सर्वे

बैठक में पोस्ट हार्वेस्ट नुकसान से संबंधित किसानों द्वारा दिए गए इंटिमेशन और उसके बाद होने वाले सर्वे की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रभावित किसानों से प्राप्त मामलों में निर्धारित नियमों के अनुसार समय पर सर्वे और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

ऐसे में किसानों के लिए भी जरूरी है कि अधिसूचित जोखिम के कारण कटाई के बाद नुकसान होने की स्थिति में योजना के लागू नियमों के अनुसार समय पर सूचना दें, ताकि मामले की निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच हो सके।

फर्जी फसल बीमा पॉलिसी पर होगी कठोर कार्रवाई

कृषि विभाग ने फर्जीवाड़े, गलत जानकारी और अनियमित फसल बीमा पॉलिसियों को लेकर स्पष्ट चेतावनी दी है। बैठक में कहा गया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसी प्रकार के फर्जीवाड़े, गलत जानकारी, नियमों के उल्लंघन या अनियमित पॉलिसी को गंभीरता से लिया जाएगा। योजना के पारदर्शी क्रियान्वयन में बाधा डालने या फर्जीवाड़ा करने वाले किसी भी संबंधित हितधारक के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

पात्र किसानों को समय पर मिले फसल बीमा का लाभ

कृषि आयुक्त ने विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और PMFBY के प्रत्येक चरण की प्रभावी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। विभाग का जोर तीन प्रमुख बातों पर है—पॉलिसियों का सही सत्यापन, नुकसान एवं फसल कटाई से संबंधित आंकड़ों की पारदर्शिता और पात्र किसानों के मामलों का समयबद्ध निस्तारण।

इससे जहां गलत या संदिग्ध पॉलिसियों की पहचान करने में मदद मिलेगी, वहीं वास्तविक किसानों को उनका पात्र बीमा लाभ दिलाने की प्रक्रिया को भी अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने योजना के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। साथ ही लंबित मामलों का समय पर निस्तारण करने और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की बात कही गई।

बैठक में अतिरिक्त निदेशक कृषि (आदान) गोपाल लाल, संयुक्त निदेशक कृषि (फसल बीमा) जगदेव सिंह, कृषि विभाग के अन्य अधिकारी और बीमा कंपनी के प्रतिनिधि शामिल हुए। विभिन्न खंडों और जिलों के कृषि अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।

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