देश में त्योहारी सीजन के दौरान आम उपभोक्ताओं को प्याज की महंगाई से राहत दिलाने और बाजार में इसकी पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार अपने बफर स्टॉक (Buffer Stock) से दिल्ली-एनसीआर (Delhi–NCR) में खुदरा दुकानों और मोबाइल वैन वितरण केंद्रों के माध्यम से ₹35 प्रति किलोग्राम की किफायती दर पर प्याज उपलब्ध करा रही है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य बाजार की मौजूदा स्थितियों को देखते हुए आम जनता तक प्याज की सुलभ पहुंच बनाना, कीमतों में अचानक आने वाली तेजी को रोकना और खाद्य मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखना है।
दिल्ली-NCR में ₹35 किलो मिलेगा बफर स्टॉक का प्याज
सरकार ने बाजार की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए बफर स्टॉक का प्याज आम उपभोक्ताओं तक रियायती दर पर पहुंचाने की व्यवस्था की है। दिल्ली-NCR में इसकी बिक्री 35 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से की जा रही है। इसके लिए खुदरा बिक्री केंद्रों के साथ मोबाइल वितरण केंद्रों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इस पहल का प्रमुख उद्देश्य बाजार में प्याज की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों में अत्यधिक तेजी आने की स्थिति में उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना है।
क्या है ‘कांदा एक्सप्रेस’?
प्याज उत्पादक क्षेत्रों से ज्यादा खपत वाले शहरों तक बफर स्टॉक तेजी से पहुंचाने के लिए सरकार ने ‘कांदा एक्सप्रेस’ पहल शुरू की है। इसके तहत बड़ी मात्रा में प्याज को रेलवे रेक के जरिए प्रमुख शहरों तक पहुंचाया जाता है। रेल परिवहन से एक साथ बड़ी मात्रा में प्याज की आवाजाही संभव होती है और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलती है। सरकार अब प्याज की ढुलाई के लिए रेल और सड़क दोनों नेटवर्क का इस्तेमाल कर रही है।
‘कांदा एक्सप्रेस’ से लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मिली मजबूती
उत्पादन केंद्रों से मुख्य खपत वाले क्षेत्रों (Major Consumption Centres) तक तेजी से बफर प्याज पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार की ‘कांदा एक्सप्रेस’ (Kanda Express) पहल बेहद कारगर साबित हुई है:
- 2024-25 का प्रदर्शन: शुरुआती चरण में 14 रेलवे रेक के माध्यम से लगभग 12,000 मीट्रिक टन बफर प्याज देश के 5 प्रमुख शहरों तक पहुंचाया गया था।
- 2025-26 में बड़ा विस्तार: लॉजिस्टिक्स क्षमता को तेजी से बढ़ाते हुए 86 रेलवे रेक के जरिए लगभग 88,000 मीट्रिक टन बफर प्याज देश भर के 16 बड़े शहरों में पहुंचाया गया।
- रेल और सड़क का हाइब्रिड मॉडल: वर्तमान में प्याज की आवाजाही को गति देने के लिए रेलवे रेक और सड़क नेटवर्क (Road Logistics) दोनों के हाइब्रिड मॉडल का इस्तेमाल किया जा रहा है।
उपभोक्ताओं को क्या फायदा होगा?
दिल्ली-NCR के उपभोक्ताओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार के बफर स्टॉक का प्याज ₹35 प्रति किलो की दर से खुदरा दुकानों और मोबाइल वितरण केंद्रों के जरिए उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं कांदा एक्सप्रेस, सड़क परिवहन और वैज्ञानिक भंडारण के संयुक्त इस्तेमाल से प्रमुख बाजारों में प्याज की उपलब्धता बेहतर बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।