मध्य प्रदेश

MP Cabinet Decisions: सीहोर में खुलेगा नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट, कृषि विश्वविद्यालय को भी बड़ा बजट

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई MP कैबिनेट बैठक में बड़े फैसले। सीहोर के इछावर में नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए 20 हेक्टेयर जमीन आवंटित और जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय को 795 करोड़ रुपए मंजूर।

MP Cabinet Soybean Research Institute

मध्यप्रदेश में सोयाबीन किसानों और कृषि शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में सीहोर जिले की इछावर तहसील के भाऊखेड़ी गांव में नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए 20 हेक्टेयर भूमि स्थायी पट्टे पर आवंटित करने को मंजूरी दी गई है।

इसके साथ ही जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के आगामी पांच वर्षों के संचालन के लिए ₹795 करोड़ 59 लाख की राशि भी स्वीकृत की गई है। सरकार के इन फैसलों को किसान कल्याण वर्ष में कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सीहोर में बनेगा नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट

मंत्रि-परिषद ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), भारत सरकार के अंतर्गत गठित नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए ग्राम भाऊखेड़ी, तहसील इछावर, जिला सीहोर में 20 हेक्टेयर भूमि स्थायी पट्टे पर आवंटित करने का निर्णय लिया है।

प्रस्तावित भूमि का उपयोग कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना के लिए किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इस केंद्र के स्थापित होने से मध्यप्रदेश में सोयाबीन की खेती, अनुसंधान और कृषि तकनीक के क्षेत्र में व्यापक प्रगति होगी।

देश के करीब 50 लाख सोयाबीन किसानों को फायदा

नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन स्वायत्त निकाय है और इसे केंद्र सरकार द्वारा पूर्ण रूप से वित्त पोषित किया जाता है। संस्थान सोयाबीन के अनुसंधान एवं विकास से जुड़ा कार्य करता है। इसका सीधा और अप्रत्यक्ष प्रभाव देश के करीब 50 लाख सोयाबीन किसानों पर पड़ता है।

सीहोर में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना से किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, वैज्ञानिक सलाह और सोयाबीन उत्पादन से जुड़ी जानकारी स्थानीय स्तर पर मिलने की उम्मीद है।

जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के लिए ₹795.59 करोड़ मंजूर

मंत्रि-परिषद ने जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के आगामी पांच वर्षों के निरंतर संचालन के लिए ₹795 करोड़ 59 लाख की मंजूरी दी है। यह राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक ब्लॉक ग्रांट योजना के तहत उपलब्ध कराई जाएगी।

विश्वविद्यालय के अधीन वर्तमान में 11 महाविद्यालय और 8 अनुसंधान केंद्र संचालित हैं। इन संस्थानों के माध्यम से कृषि शिक्षा, अनुसंधान और कृषि विस्तार से संबंधित गतिविधियां संचालित की जाती हैं।

कृषि शिक्षा और अनुसंधान को मिलेगा समर्थन

स्वीकृत राशि से विश्वविद्यालय में वेतन, भत्ते, मानदेय सहित अन्य आवश्यक वित्तीय दायित्वों की पूर्ति की जाएगी। इसके अलावा विश्वविद्यालय में कार्यरत अधिकारियों, वैज्ञानिकों और कर्मचारियों के साथ करीब 500 पुराने पेंशनरों से जुड़े वेतन, भत्ते और पेंशन संबंधी दायित्वों को भी ब्लॉक ग्रांट के माध्यम से पूरा किया जाता है। संस्थानों के आवश्यक प्रशासनिक और आकस्मिक खर्चों की पूर्ति भी इसी व्यवस्था के तहत की जाएगी।

किसान कल्याण वर्ष में कृषि क्षेत्र पर सरकार का फोकस

मंत्रि-परिषद के दोनों फैसले मध्यप्रदेश में कृषि अनुसंधान, शिक्षा और किसानों तक वैज्ञानिक तकनीक पहुंचाने पर सरकार के फोकस को दर्शाते हैं। एक तरफ सीहोर में नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए 20 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है, वहीं दूसरी तरफ कृषि विश्वविद्यालय के संचालन के लिए लगभग ₹796 करोड़ की वित्तीय मंजूरी दी गई है।

इन फैसलों से सोयाबीन अनुसंधान, कृषि शिक्षा और किसानों तक वैज्ञानिक तकनीक पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

मंडी भाव, मौसम और सरकारी योजनाओं का तुरंत अपडेट पाने के लिए:

अपनी टिप्पणी लिखें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *