मध्य प्रदेश के किसानों को उनकी आवश्यकता और स्वेच्छा के अनुसार सहजता से रासायनिक उर्वरक (खाद) उपलब्ध कराने के लिए किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने ‘ई-विकास 2.0’ (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली को पूरे राज्य में प्रभावी रूप से लागू कर दिया है। कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति ने विभिन्न किसान संगठनों, निजी विक्रेताओं और स्टेकहोल्डर्स के सुझावों को शामिल करते हुए इस नए पोर्टल को पारदर्शी और सुलभ बनाया है।
अब प्रदेश के सभी डबल लॉक केंद्रों, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS), एमपी एग्रो तथा निजी विक्रेताओं के माध्यम से खाद की बिक्री इसी आधुनिक व्यवस्था के तहत की जा रही है।
खाद खरीदने की प्रक्रिया हुई सरल, मिली चयन की पूर्ण स्वतंत्रता
ई-विकास 2.0 पोर्टल के माध्यम से किसानों को खाद क्रय करने में कई बड़ी राहत दी गई हैं:
- मनचाही मात्रा का चयन: किसान आईसीएआर (ICAR) द्वारा अनुशंसित मात्रा अथवा अपनी आवश्यकता अनुसार पहली बार में ही खाद प्राप्त कर सकेंगे।
- ड्रॉप-डाउन मेन्यू: अतिरिक्त उर्वरक की माँग के लिए पहले लागू 50 शब्दों के विवरण की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। अब आसान ड्रॉप-डाउन मेन्यू से चयन की सुविधा दी गई है।
- प्रति हेक्टेयर बैग गणना: भूमि के क्षेत्रफल के आधार पर अब सीधे ‘प्रति हेक्टेयर बैग’ के रूप में खाद की स्पष्ट गणना दिखाई देगी।
आपात स्थिति में 48 घंटे में स्वीकृति और 24 घंटे में टोकन रद्द करने का विकल्प
- एक्सेप्शनल हैंडलिंग (Exceptional Handling): फसल क्षति या किसी आपात स्थिति में दोबारा खाद की मांग करने पर अनुविभागीय अधिकारी (SDO राजस्व) या तहसीलदार द्वारा 48 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से मंजूरी दी जाएगी।
- टोकन निरस्तीकरण: यदि कोई किसान ई-टोकन जनरेट करने के बाद उसे रद्द करना चाहता है, तो टोकन जारी होने के 24 घंटे बाद पोर्टल पर टोकन रद्द (Cancel) करने का विकल्प उपलब्ध रहेगा।
- डबल लॉक सेंटर्स की क्षमता में वृद्धि: मार्कफेड के केंद्रों पर भीड़ से बचने के लिए प्रतिदिन 300 से अधिक टोकन जनरेट करने हेतु सिस्टम क्षमता बढ़ाई गई है।
देश में पहली बार व्हाट्सएप बॉट सुविधा और हेल्पलाइन नंबर जारी
डिजिटल नवाचार के तहत ई-विकास 2.0 पोर्टल में जल्द ही WhatsApp Bot सेवा शुरू की जा रही है:
- व्हाट्सएप पर सेवाएं: किसान मोबाइल से व्हाट्सएप पर ‘Help’ या ‘मदद’ लिखकर उर्वरक टोकन, अधिकृत विक्रेता, स्टॉक उपलब्धता, उठाव तिथि और टोकन वैधता की जानकारी ले सकेंगे।
- समर्पित हेल्पलाइन नंबर: किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर +91-7880223344 एक्टिव किया गया है। किसान प्रत्येक शासकीय कार्यदिवस में सुबह 10:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक संपर्क कर सकते हैं।
- विशेष अभियान (20 अगस्त से): राज्यभर में 20 अगस्त से ‘फार्मर आईडी’ (Farmer ID) बनाने, अग्रिम खाद उठाव को बढ़ावा देने और पैक्स (PACS) की सदस्यता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
प्रदेश में उर्वरकों का प्रचुर स्टॉक उपलब्ध
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है। चालू खरीफ वर्ष में 1 अप्रैल से अब तक के स्टॉक की स्थिति इस प्रकार है:
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उर्वरक का प्रकार (Fertilizer Type) |
कुल उपलब्धता (Total Stock) |
कृषकों द्वारा उठाव (Distributed) |
वर्तमान में शेष स्टॉक (Available Stock) |
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यूरिया (Urea) |
17.57 लाख मीट्रिक टन |
13.18 लाख मीट्रिक टन |
4.39 लाख मीट्रिक टन |
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डीएपी व एनपीके (DAP & NPK) |
11.43 लाख मीट्रिक टन |
7.23 लाख मीट्रिक टन |
4.20 लाख मीट्रिक टन |
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एसएसपी (SSP) |
3.17 लाख मीट्रिक टन |
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3.17 लाख मीट्रिक टन |
कुल मिलाकर, ई-विकास 2.0 के लागू होने से मध्यप्रदेश में किसानों के लिए उर्वरक खरीद प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।