मध्य प्रदेश के किसानों के लिए खाद को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। किसानों को सुगमता से उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में 17 अगस्त 2026 से खाद का वितरण फिर शुरू किया जाएगा। भारत सरकार के IFMS पोर्टल और प्रदेश के उर्वरक विक्रेताओं के स्टॉक का मिलान यानी Reconciliation करने के लिए 14 अगस्त की शाम 7 बजे से उर्वरक बिक्री बंद की गई है।
15 और 16 अगस्त को अवकाश होने के कारण खाद की बिक्री बंद रहेगी। सरकार के अनुसार स्टॉक मिलान का काम 16 अगस्त की शाम तक पूरा कर लिया जाएगा और इसके बाद सोमवार 17 अगस्त से खाद का वितरण प्रारंभ हो जाएगा।
कृषि विभाग ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि उन्हें खाद के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा और 17 अगस्त से किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार खाद उपलब्ध कराई जाएगी।
20 अगस्त से शुरू होगा ‘हर किसान, हर घर, हर खेत खाद’ अभियान
प्रदेश में किसानों को रबी सीजन की खाद समय पर उपलब्ध कराने के लिए 20 अगस्त 2026 से ‘हर किसान, हर घर, हर खेत खाद’ अभियान भी शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से रबी फसलों के लिए आवश्यक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि किसानों को रबी की खाद अगस्त महीने से ही मिलना शुरू हो जाएगी।
प्रदेश में यूरिया का कितना स्टॉक उपलब्ध है?
कृषि सचिव निशांत वरवड़े के अनुसार मध्य प्रदेश में रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। 1 अप्रैल 2026 से अब तक यूरिया की कुल उपलब्धता 17.04 लाख मीट्रिक टन रही है। इसमें से किसानों द्वारा 12.83 लाख मीट्रिक टन यूरिया का उठाव किया जा चुका है। वर्तमान में प्रदेश में 4.21 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है।
तुलना करें तो पिछले वर्ष इसी अवधि में प्रदेश में यूरिया की उपलब्धता केवल 1.60 लाख मीट्रिक टन थी। यानी इस वर्ष उपलब्धता पिछले साल की समान अवधि की तुलना में काफी अधिक है।
DAP और NPK का भी पर्याप्त स्टॉक
प्रदेश में DAP एवं NPK उर्वरकों की भी उपलब्धता बताई गई है। 1 अप्रैल 2026 से अब तक DAP और NPK की कुल उपलब्धता 11.20 लाख मीट्रिक टन रही है। इसमें से किसानों द्वारा 7.09 लाख मीट्रिक टन खाद का उठाव किया जा चुका है। वर्तमान में प्रदेश में 4.10 लाख मीट्रिक टन DAP और NPK उपलब्ध है। पिछले वर्ष इसी समय DAP और NPK की कुल उपलब्धता 3.00 लाख मीट्रिक टन थी।
SSP खाद का भी 3.17 लाख मीट्रिक टन स्टॉक
मध्य प्रदेश में SSP (सिंगल सुपर फॉस्फेट) की भी पर्याप्त उपलब्धता बताई गई है। 1 अप्रैल 2026 से अब तक प्रदेश में 6.78 लाख मीट्रिक टन SSP की उपलब्धता रही है। इसमें से किसानों द्वारा 3.61 लाख मीट्रिक टन SSP का उठाव किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में 3.17 लाख मीट्रिक टन SSP उपलब्ध है।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि पोर्टल और रिटेलर डेटा के सटीक मिलान से खाद की कालाबाजारी पर रोक लगेगी और वास्तविक किसानों को पारदर्शी प्रणाली से सही समय पर उर्वरक प्राप्त होगा। 17 अगस्त से किसान अपनी नजदीकी सोसायटियों और अधिकृत विक्रेताओं से बिना किसी रुकावट के खाद प्राप्त कर सकेंगे।
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सर महंगे खाद की शिकायत कृषि विभाग के कार्यालय में करें। अथवा कृषि विभाग टोल फ्री नंबर:- 1800-180-1551 पर भी शिकायत की जा सकती है.
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सर कृषि विभाग में शिकायत करें, यदि महँगी खाद बेच रहा है तो। खाद बोरी पर लिखे एमआरपी पर ही लें।
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