किसानों के बैंक खातों में अचानक आने लगे हैं पैसे,आपके बैंक खाते में भी आये क्या?

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आखिर क्यों आ रहे हैं किसानों के बैंक खतों में पैसे

किसान लालू सेन के बैंक एकाउंट में लगभग 15,000 रुपया आया है | इसी तरह वल्लभ पाटीदार के खाते में 43,000 के करीब रुपया आया है | इसी तरह बहुत से किसानों के खातों में कुछ दिनों से पैसा आ रहा है | जब किसानों ने इस बारे में मालूम किया की यह पैसा उनके बैंक खाते में कैसे आया तो उन्हें पता लगा की यह प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का पैसा आ रहा है | यह पैसा किस फसल का है, किस वर्ष का है, तथा कैसे आ रहा है ? इसकी जानकारी किसानों को सही –सही नहीं हैं | ऐसा बताया जा रहा है की कुछ महीने पहले एक सर्वे तो हुआ था लेकिन पहले कभी पैसा नहीं आया था |

प्रधामंत्री फसल बीमा वर्ष 2016 से लागु है लेकिन किसान को आज तक कम्पनी का नाम नहीं मालूम लेकिन नई सरकार बनते ही किसानों को फसल बीमा का पैसा आना शुरू हो गया है |  अब बात आती है की क्या नई सरकार आने के बाद से बीमा का पैसा मिल रहा है या कंपनी ने किसानों को वास्तविक पैसा दे रही है | इन सभी बातों की सच्चाई क्या है ?  

दरअसल पैसा फसल बीमा कम्पनी का ही है और कंपनियों के द्वारा ही दिया जा रहा है लेकिन अभी तक यह नहीं मालूम चला है की किस वर्ष तथा किस फसल का है क्योंकि बहुत सी ऐसी  जगह है जहां पर किसानों की फसल नुकसान नहीं हुई है उसके बाबजूद भी पैसा आ रहा है | कुल मिलाकर किसानों को फायदा हो रहा है जो होना भी चाहिए | 

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क्यों दिया जा रहा है पैसा

अब बात आती है की अभी पैसा क्यों आ रहा है | इस पैसे को देने के पीछे सरकार और कंपनियों की मंशा क्या है ? दरसल मध्यप्रदेश में किसानों का कर्ज माफ़ हुआ है | राज्य सरकार के अनुसार प्रदेश के 55 लाख किसानों के लगभग 50,000 करोड़ रुपया माफ़ किया जा रहा है | लेकिन मुश्किल यह है की किसानों का लोन माफ़ करने के लिए सरकार के पास पैसा नहीं है | अभी सरकार बनने के बाद सरकार ने अंतरिम बजट पेश किया है जो 5,000 करोड़ रुपया का है कुल लोन माफ़ी से 45,000 करोड़ रुपया कम है | इस हालात  में सरकार को पैसा जुटाना मुश्किल हो रहा  है | अब मध्य प्रदेश की सरकार के सामने मुश्किल यह आ रही  है की एक तरफ तो कर्ज को कम करना है तो दूसरी तरफ किसानों के लोन माफ़ी के लिए 50,000 करोड़ रुपया जुटाना है | इन दोनों हालातो से निकालने के लिए सरकार हर जगह से पैसे की जुगाड़ (कोशिश) कर रही है |

सरकार की कर्ज माफी और फसल बीमा राशि यह हो सकता है समबन्ध

सरकार द्वारा कर्ज माफ़ी एवं फसल बीमा का क्या सम्बन्ध है | आइये इस बात को समझते हैं यदि कोई भी किसान बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से लोन लेता है तो उसके लोन में से बीमा का प्रीमियम काटकर कंपनियों को दे दिया जाता है परन्तु जब किसान अपनी फसल को बेचता है तो पैसा उसके खाते में आता है | फिर बैंक अपना लोन पहले काट लेता है उसके बाद बचे हुये पैसे को किसान को देता है | अगर पैसा लोन से कम रहता है तो उस किसान को किसी भी तरह का पैसा नहीं दिया जाता है |

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इसी तरह जब बीमे का पैसा जब किसान के खाते में आता हैं तो उस पैसे को भी पहले बैंक काटकर किसान का लोन भर देगी | जिससे राज्य सरकार को बैंकों को कम पैसे देने होंगे यानि जितना पैसा किसान के खाते  में आएगा उतना किसान का लोन कम हो जायेगा |  ऐसे भी किसानों का कृषि कर्ज 22 फ़रवरी से माफ़ होगा तब तक जितना हो सकेगा फसल बीमा से लोन कम किया जायेगा |

कुल मिलाकर किसानों को फसल बीमा का तो पैसा खाते में आ रहा है लेकिन उससे किसान को कोई लाभ नहीं होगा | हाँ ! उस किसान को जरुर लाभ होगा जिस किसान पर 2 लाख से ज्यादा का लोन है क्योंकि सरकार तो 2 लाख का लोन माफ़ करेगी बचा हुआ लोन फसल बीमे से माफ़  होआ जायेगा | जैसे भी हो पहली बार फसल बीमा कंपनियां किसानों को पैसा तो दे रही है |

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