किसानों को गोबर गैस प्लांट के लिए दी जा रही है 25,000 रुपये की सब्सिडी

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किसानों को गोबर गैस प्लांट के लिए दी जा रही है 25,000 रुपये की सब्सिडी

गोबर गैस प्लांट की उपयोगिता किसानों के जीवन में बहुत ज्यादा महत्त्व है | इसका उपयोग इंधन , गोबर गैस, तथा उर्वरक के रूप में किया जाता है | अभी तक किसान गोबर को खुले में रख देते हैं, जो सुख जाने पर खेतों में बिखेर दिया जाता है | इससे किसानों के खेतों में अनेक तरह की बीमारियाँ फैल जाती है क्योंकि सूखे गोबर में अनेक तरह के कीड़े लग जाते हैं | जो फसल तथा खेत के लिए नुकसान दायक होते है |

यदि किसान गोबर से इंधन गैस के रूप में इस्तेमाल करते हैं तो उन्हें दो लाभ होगें | पहला यह की उन्हें घरों में इंधन के लिए गैस उपलब्ध हो जाएगी एवं बचा हुआ गोबर को सुखाने पर जैविक खाद के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है | पहले गोबर गैस का उपयोग गैस टंकी से सीधे चूल्हे को जोड़ कर किया जाता था | इसके कारण गोबर गैस संयंत्र घर के पास लगाना पड़ता था |

अब इसे गैस सिलेंडर में भी भरा जा सकता है | जिसे एक स्थान से दुसरे स्थान तक ले जा कर खाना बनाने तथा रौशनी के लिए कर सकते है | इसके लिए प्लांट को घर से दूर स्थापित कर सकते हैं | पहले इस सयंत्र को स्थापित करने के लिए अधिक खर्च पड़ता था लेकिन अब छोटे स्तर पर भी किया जा रहा है |

गोबर गैस प्लांट सब्सिडी

इसके लिए बिहार सरकार 2 घनमीटर गोबर गैस संयंत्र की स्थापना करने पर अनुदान दे रही है | दो घन मीटर के गोबर गैस संयंत्र से माह में करीब 1.5 से 2 एल.पी.जी. सिलेंडर के बराबर गैस प्राप्त होती है | इस योजना के अंतर्गत ईच्छुक किसान प्री – फेब्रिकेटेड , दीनबन्धु / के.वि.आई.सी. माडल के 2  एवं 3 घनमीटर संयंत्र की स्थापना पर लागत मूल्य का 50 प्रतिशत क्रमश : अधिकतम 21,000 रु. एवं 25,000 रु. अनुदान देय होगा | गोबर गैस संयंत्र स्थापना में किसानों को सहयोग देने हेतु गैर सरकारी संस्था / प्रतिष्ठानों को कृषि विभाग द्वारा सूचीबद्ध किया गया है , जिसकी सूचि सभी जिलों को उपलब्ध कर करा दी गई है |

राष्ट्रीय बायोगैस एवं खाद प्रबंधन कार्यक्रम के विषय में जानने के लिए क्लिक करें 

 सतत कृषि मिशन किसानों को दिया जाने वाला अनुदान

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