ग्वार किसानों की गिरती आय को लेकर मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को लिखा पत्र

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 ग्वार उत्पादन करने वाले किसानों के लिए मांग

ग्वार उत्पादन में भारत विश्व में पहले स्थान पर है | विश्व के ग्वार उत्पादन में 80 प्रतिशत का योगदान भारत करता है | इसके साथ ही भारत से 65 देशों को ग्वार का निर्यात किया जाता है | ग्वार से बनने वाले गोंद के निर्यातक में भी भारत पहले स्थान पर है | वर्तमान में 2,01,000 टन ग्वार गोंड का निर्यात किया जाता है |

ग्वार गम के निर्यात में आ रही बाधाओं को दूर करे केन्द्र सरकार

राजस्थान, हरियाण, गुजरात एवं पंजाब ग्वार उत्पादन में प्रमुख स्थान रखता है परन्तु मौसम तथा बाजार के साथ नहीं देने के कारण किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है | इसका मुख्य कारण अंतराष्ट्रीय बाजार में ग्वार का भाव गिर जाना है | जिसका सबसे बड़ा असर भारत के किसानों पर पड़ा  है क्योकि भारत ग्वार में सबसे बड़ा उत्पादक देश है |

इसी को ध्यान में रखते हुए राजस्थान की गहलोत सरकार ने प्रदेश के ग्वार उत्पादक किसानों के हित में केन्द्रीय वाणिज्य एवं उधोग मंत्री श्री पीयूष गोयल को पत्र लिखा है | पत्र में मुख्यमंत्री ने श्री गोयल से राज्य से ग्वार गोंद के निर्यात में आ रही बाधाओं को दूर करने का अनुरोध करते हुए ग्वार गम के अनुसंधान, जांच एवंप्रमाणीकरण के लिए राज्य में राष्ट्रीय स्तर की संस्था का केंद्र खोलने का अनुरोध किया है |

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पत्र में यह अवगत कराया गया है कि राजस्थान ग्वार के गोंद उत्पादन में प्रमुख राज्य है | वर्तमान में ओधोगिक क्षेत्रों में ग्वार गम के नए विकल्पों के कारण इसकी अंतराष्ट्रीय बाजार में कीमतें तेजी से गिरे हैं | इससे राज्य के ग्वार उत्पादक किसानों की आय घट रही है और उनका रुझान इस फसल के प्रति कम हो रहा है | इसे देखते हुए ग्वार उत्पादक किसानों की आय में बढ़ोतरी तथा ग्वार गम के अन्य उपयोगों के बारे में पर्याप्त शोध एवं अनुसंधान की आवश्यकता है |

मुख्यमंत्री ने ग्वार उत्पादन करने वाले किसानों के लिए की यह मांग

मुख्यमंत्री ने श्री गोयल से अनुरोध किया है कि ग्वार गम के अनुसंधान एवं विकास के लिए केंद्र सरकार योजना बनाएं | राज्य सरकार ने इस उद्देश्य से जोधपुर में भूमि भी आवंटित कर दी है |

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वार गम की ट्रेडिंग एनसीडीईएक्स से लिंक होने के कारण इसके व्यापार में अनिश्चितता रहती है | इस कारण ग्वार का उत्पादन करने वाले किसानों को इसका कोइ लाभ नहीं मिल पता | ऐसे में ग्वार गम रिफ़ाइंड स्पिलट को एनसीडीईएक्स से बाहर निकलना उचित होगा |

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श्री गहलोत ने कहा कि फ़ूड ग्रेड ग्वार के लिए सर्टिफिकेशन करवाने की प्रक्रिया लंबी होने के कारण इसमें काफी समय लगता है | ऐसे में प्रसंस्करण इकाईयों के पास ही रीजनल लेबोरेट्रीज एवं सर्टिफिकेशन एजेंसीज की इकाइयां भी स्थापित कर दी जाएँ | मुख्यमंत्री ने ग्वार गम स्पिलट तथा अनप्रोसेस्ड ग्वार गम कोरमा के निर्यात की बजाय ग्वार गम पाउडर तथा रोस्टेड कोरमा को प्रोत्साहित करने के लिए इन पर 5 प्रतिशत एमईआईएस स्कीम का लाभ दिए जाने का भी केन्द्रीय मंत्री से अनुरोध किया है |

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