100 उद्योगपतियों के मुकाबले किसानों को 17% ही दिया गया है: वरुण गाँधी

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भाजपा पार्टी के नेता तथा सांसद ने कहा है की 1952 से 2018 तक देश के 100 उद्योगपतियों को जितना पैसा दिया गया है उसके मुकाबले किसानों को उसका 17% ही दिया गया है | संसद ने यह भी बताया है कि केंद्र तथा राज्य सरकार के द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का फायदा किसानों को नहीं मिल पा रहा है किसानों को और मदद की आवश्यकता है |

यह बात इंडिया डायलॉग कार्यक्रम में बोल रहे थे | वरुण गाँधी ने कहा की क्या आप जानते हैं की 1952 से लेकर अब तक देश के 100 उधोगपतियों को जितना पैसा दिया गया है उसका सिर्फ 17 प्रतिशत धन ही केंद और राज्य सरकारों ने किसानों को आर्थिक मदद किया है | वरुण गाँधी ने आगे कहते हैं की हमें सोचना होगा की देश के आखरी तक लाभ कैसे पहुंचाएं |  उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा गाँव गोद लिजिये | हमने भी गावं गोद लिया | लेकिन हमने देखा की आप सड़क बनाएं, पुलिया बनाएं, सोलर पेनल लगाएं फिर भी लोगों की आर्थिक स्थिति नहीं बदलती | यहाँ तक की स्कुल जाने वाले बच्चों की संख्या में भी कोई बदलाव नहीं आता है |

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किसानों की दैनीय स्थिति

देश के किसानों की दैनीय स्थिति पर कहा की देश में होने वाले कुल फल उत्पादन का 56 प्रतिशत शुरूआती 96 घंटे में अच्छी कोल्ड स्टोरेज व्यवस्था के आभाव् में सड़ जाता है | अकेले उत्तर प्रदेश  में हर साल 2000 टन उत्पादन होता है और यह बीते 15 साल से हो रहा है | मगर राज्य में कुल कोल्ड स्टोरेज भंडारण क्षमता 70 से 1000 टन है जिसका फायदा केवल बड़े किसान ही उठा पाते हैं |

भारत के कृषि मंडियों के बारे में बताया की देश के किसानों को मंडी में अनाज बेचने के लिए 1.6 दिन लगता है | जिसके कारण किसान परेशान होकर कम कीमत पर बेच देते हैं |

इसके पहले भी केंद्र सरकार पर आरोप लगाते रहे हैं | इसके पहले किसानों के कर्ज चुकाने के मुद्दे पर कहा था कि करीब 80 फीसदी किसानों ने कर्ज चूका दिया है | जबकि भगोड़े उधोगपति ने देश को कर्ज में डुबोने का कम किया है |

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