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रविवार, जून 16, 2024
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अंतिम दिन: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने के लिए किसान 31 जुलाई तक करायें पंजीयन

Last Date: फसल बीमा योजना पंजीयन

देश के अधिकांश क्षेत्रों में खरीफ फसलों की बुआई का काम चल रहा है। ऐसे में जो किसान अपनी फसलों का बीमा कराना चाहते हैं वे किसान 31 जुलाई 2023 तक करा सकते हैं। देश के अधिकांश राज्यों में खरीफ फसलों एवं मौसम आधारित बागवानी फसलों के बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई ही है। किसान अपने क्षेत्र अथवा जिले में अधिसूचित फसलें मुख्यतः धान सिंचित, धान असिंचित, मक्का, सोयाबीन, अरहर, मूंग, उड़द, कोदो, कुटकी, रागी, बाजरा, ज्वार, तिल, कपास, मूंगफली, ग्वार आदि फसलों का बीमा करा सकते हैं।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को किसानों के लिए स्वैच्छिक कर दिया गया है अतः ऋणी एवं अऋणी दोनों तरह के किसान योजना के तहत अपना पंजीयन करा सकते हैं। वहीं ऋणी किसानों के लिए योजना से अलग होने की अंतिम तिथि निकल चुकी है। वहीं जिन किसानों ने खरीफ फसलों के लिए ऋण नहीं लिया है वे किसान योजना से जुड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

फसल बीमा करवाने के लिए कितने पैसे देने होंगे?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंर्तगत किसानों को कपास एवं मौसम आधारित फसलों का बीमा करवाने के लिए 5 प्रतिशत राशि व अन्य खरीफ फसलों हेतु 2 प्रतिशत प्रीमियम राशि देना होता है। किसान यह राशि अपने ज़िले, क्षेत्र के अनुसार अधिसूचित फसलों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा ऐप या पोर्टल पर देख सकते हैं।

किसान अपने मोबाइल द्वारा फसल बीमा एप (crop insurance app) को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर स्वयं भी अपनी फसलों का बीमा करवा सकते हैं साथ ही किसी भी प्रकार की शिकायत अथवा बीमा की जानकारी भी इस एप से प्राप्त की जा सकती है। किसान अधिसूचित बीमा ईकाई/फसल प्रावधानित जोखिम दावा भुगतान की प्रक्रिया आदि की अधिक जानकारी के लिए जिला स्तरीय पर्यवेक्षण समिति (DLMC PMFBY), कृषि कार्यालय, बैंक/वित्तीय संस्थान, क्रियान्वयक बीमा कम्पनी एवं लोक सेवा केन्द्र (CSC) से सम्पर्क कर सकते है।

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फसल बीमा के लिए आवश्यक दस्तावेज

ऐसे किसान जो फसल बीमा करवाना चाहते हैं उन्हें पंजीयन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए किसानों को आधार संख्या, बैंक पासबुक, भूमि रिकॉर्ड / किरायेदारी समझौते, और स्वघोषणा प्रमाण पत्र की आवश्यकता होगी। योजना के तहत नामांकित सभी किसानों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर नियमित एसएमएस के माध्यम से उनके आवेदन की स्थिति के बारे में सूचित किया जाएगा।

किसान फसल बीमा कहाँ करवायें

गैर ऋणी एवं बंटाईदार किसान स्वैच्छिक आधार पर अपनी फसलों का बीमा पंजीयन अन्तिम तिथि 31 जुलाई, 2023 तक करा सकते हैं। किसान निकट के सहकारी या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अथवा वाणिज्यिक बैंक की शाखाओं एवं सी.एस.सी. के माध्यम से अथवा अधिकृत बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि अथवा फसल बीमा पोर्टल के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया अनुसार बीमा करवा सकेंगे। इसके लिए कृषक को स्वयं प्रमाणित प्रस्तावित क्षेत्रफल में बोई गई या बोई जाने वाली फसलों के खसरा नम्बरों के नवीनतम जमाबन्दी की नकल, एक घोषणा पत्र, आधार कार्ड की प्रति, स्वयं के बैंक खाते की पास बुक कॉपी के साथ प्रस्ताव पत्र प्रस्तुत करना होगा। 

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किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ कब मिलता है?

योजना के तहत बीमित किसानों को कम वर्षा अथवा प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियों से बुवाई नहीं होने की स्थिति (बाधित/निष्फल बुवाई), खड़ी फसल (बुवाई से कटाई) में सुखा, लम्बी सुखा अवधि, बाढ़, जल प्लावन, कीट एवं व्याधि, भूस्खलन, प्राकृतिक आग एवं बिजली का गिरना, तूफान, ओलावृष्टि, चक्रवात, आंधी, समुद्री तूफान, भंवर एवं बवंडर से होने वाले उपज में नुकसान के लिए व्यापक जोखिम बीमा राज्य सरकार द्वारा संपादित फसल कटाई प्रयोगों से प्राप्त उपज आंकड़ों के आधार पर दिया जाता है।

फसल कटाई उपरांत सूखने के लिए खेत में काटकर फैलाकर छोड़ी गई फसल को चक्रवात, चक्रवाती वर्षा, असामयिक वर्षा तथा ओलावृष्टि से होने वाले नुकसान के लिए कटाई उपरांत अधिकतम 2 सप्ताह (14 दिन) की अवधि के लिए, अधिसूचित क्षेत्र के आंशिक कृषि भूमि क्षेत्र में ओलावृष्टि, भूस्खलन, बादल फटना, प्राकृतिक आग एवं जल प्लावन से व्यक्तिगत आधार पर हुए नुकसान आदि पर बीमा क्लेम मिलता है। युद्ध, आणविक खतरों, शरारतपूर्ण क्षति एवं अन्य रोके जा सकने वाले जोखिम से होने वाली क्षति को योजना के तहत बीमा कवर से बाहर किया गया है। 

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