प्रधानमंत्री मोदी ने कहा नहीं किया जायेगा किसानों का कर्जा माफ़

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प्रधानमंत्री मोदी ने किसान कर्जमाफ़ी एवं फसलों पर क्या कहा

नये वर्ष में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा इस वर्ष का पहला साक्षात्कार किया गया | प्रधानमंत्री से लगभग सभी तरह के सवाल किये गए | प्रधानमंत्री ने सभी सवालों का जवाब दिया लेकिन जब प्रधान मंत्री से कृषि के मुद्दे पर सवाल किया गया तो वे जवाब देने के साथ  – साथ दुसरे दलों पर सवाल उठायें | प्रधान मंत्री ने वर्ष 2014 में किये गए वादे के बारे में कुछ भी नहीं कहा और बड़े चतुराई से किसानों के द्वारा उठाये जा रहे सवाल को नजरंअदाज कर दिया | आइये जानते हैं  किसानों को लेकर प्रधान मंत्री से क्या सवाल किये गए एवं उन्होंने क्या कहा  |

 किसान समाधान नरेन्द्र मोदी जी का पूरा सवाल जवाब लेकर आया है | बिना एक भी शब्द के कटे हुये आप के सामने लेकर आया है |आप यह बातचीत विडियो के माध्यम से देख सकते हैं | साथ ही आप हमारे youtube चेनल को भी सब्सक्राइब करें |

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सवाल:- किसान के लिए मोदी जी उतना नहीं किया जितना की वे कहते हैं , राहुल गाँधी ने जो लोन माफ़ किया है उसे आपने लालीपाप कहा अब किसान को देख लीजिये जब मुसीबत पड़ती है और वह लोन वापस नहीं कर पाता उसमें (किसान) में क्षमता नहीं है कर्जा वापस करने का दूसरी तरफ इकोनॉमिक्स अफेंडर्स (पूंजीपति) वह बहार बैठकर मजा लूट रहे हैं | तो उन्हें (किसान) को लगेगा की कांग्रेस पार्टी उनके साथ है , गरिबों के साथ है , किसान के साथ है | इसके लिए आप (प्रधानमंत्री) क्या कहेंगे |

जवाब:- पहली बात है की यह झुठ बोलना भ्रमित करना उसे हम लालीपाप कहते है दूसरी बात यह है की हमने सब किसानों का लोन माफ़ किया, हकीकत है की नहीं किया | अब उनके सर्कुलर देख लीजिये यह भ्रमित करने वाली है | दूसरी बात है भारत सरकार ने जो (पूंजीपति) बैंकों से लुट करके मौज करते थे , हमने कानून बनाये , आज 3 लाख करोड़ रुपया वापस आया है | जिसको आप कहते हैं की लोग मौज करते हैं |

3 लाख करोड़ रुपया वापस लाने का काम इस सरकार ने किया है | तो यह दोनों को तुलना कर के उकसाने वाला झूठ नहीं बोलना चाहिए और कोई जिम्मेवार राजनितिक दल हो तो उसे बिलकुल नहीं बोलना चाहिए | तीसरी बात अगर कर्ज माफ़ी से किसान का जीवन मुक्त होती है तो बिलकुल करना चाहिए लेकिन क्या हुआ है ? इस देश में पहले भी सरकारों ने देवीलाल के जमाने में भी कर्ज माफ़ी क्या था |

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2008 – 09 के चुनाव जितने के लिए भी कर्ज माफ़ किया था | बार – बार लोन माफ़ी करने के बाद क्या कमी है की किसान कर्जदार बन जाता है और सरकार का चुनाव और कर्ज माफ़ी, चुनाव और कर्ज माफ़ी का धंधा चलता है | तो उपाय यह है की किसान को मजबूत बनाना | बीज से बाजार तक सुविधा देना | अब आप मुझे बताईये किसान को बीज अच्छा मिलना चाहिए या नहीं मिलना चाहिए | हमारी सरकार ने कदम उठाया है | किसान को पानी मिलना चाहिए की नहीं  मिलना चाहिए | आज करीब 100 योजनायें सैलून से लटकी पड़ी थी | सिंचाई योजनाओं को प्रथामिकता , लाखों करोड़ो रुपया लगाया है और उसको हमने किसानों को पानी पहुचने का काम किया है | चुनाव जितने के लिए सिंचाई की क्या जरुरत थी वो लाखो करोड़ो रूपये एसे ही कह देता माफ़ कर दो |

सवाल :- वह तो आप बहुत सारे स्कीम किये हैं जो अपने भाषण में कहते हैं स्वाईंहेल्थ कार्ड, यूरिया यह  सब भाषण में कहते हैं , लेकिन वास्तविक किसान को कर्ज के तले दबा होता है तो वह क्या करे |

जवाब:- यही तो में कह रहा हूँ ,जरा उस पर पहुँचने देने की पूरा कीजिये न आप (पत्रकार को) यानि जो हम कर रहे हैं वह हस्ते हुये यूँ.यूँ…… मेरा कहना है किसान को कर्ज होता क्यों है | उसकी समस्याओं का समाधान कर्ज से कर्ज में | हमें स्थिति बनानी चाहिए की कर्ज हो नहीं हमें स्थिति बनानी चाहिए | हमने स्वाईल हेल्थ कार्ड दिया | लागत कम हुआ जो फालतू दवाई डालता था फालतू उर्वरक डालता था | जो उसे लगाता था की ठीक नहीं है जो पडोसी करता था उसे करें | स्वाईल हेल्थ से समझ आई है |

2 फसल के बीच में एक और फसल लिया जा सकता है यह समझ में आने लगी है | पालिसी में कभी जाता नहीं था | जो कम लागत वाली है आज परचेज (खरीदी) में जा रहा है |तो उसी का परिणाम है की फसल ज्यादा पैदा हुई है | लेकिन उत्पादन के बाद वल्यू एडिशन, हम ने बहुत बड़ा अभियान चलाया है किसान योजना के तथत और उसमें हम फ़ूड प्रोसेसिंग | हमारे यहाँ कोल्ड स्टोरेज की चेन बनाने की दिशा में बहुत तेजी से काम कर रहे हैं |

वेयर हाऊसिंग बनाने के लिए बहुत तेजी से कम कर रहे हैं | ट्रांस्पोटेसन हमारे देश में एसी गलती होती थी की जहां चावल पैदा होता है वहां पहुचने की जगह कहीं और ले जाते थे जहां चावल दूसरी जगह कम पैदा होता था वहां से उठाकर एहन ले आटे थे | रेलवे का खर्चा कर के लगाते थे | हमने जोनिग करने का प्रयास किया | जहां पहले उत्पादन होता है वहीँ पहले पैदा करों | एसी छोटी – छोटी चीजे इतनी की है , जिसका परिणाम है अब किसान को अन्नदाता से ज्यादा जोड़कर ऊर्जा दाता बनाना चाहते हैं | हम चाहते हैं की वे (किसान) सोलर पम्प से बीजली पैदा करके बिजली दें सोलर पम्प दे रहे हैं की बिजली का बील नहीं आये | उसकी लागत मूल्य कम आये | दूसरा MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) किसानों की कई सैलून से मांग थी सवामिनाथान आयोग को लागु करके डेढ़ गुना लागत का MSP दिया जाये |

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22 फसलों में हमने निर्णय कर लिया अगर 2007 में जब स्वामी नाथन कमिसन का रिपोर्ट आया उन्होंने लागु कर दिया होता तो धोरे धीरे वह परफेक्ट बन गई होती और किसान कर्जदार नहीं हुआ होता लेकिन वह करने के बजाय चुनाव जितने के रस्ते खोजना | तीसरी बात है हम देश के किसानों को समझाना यह मिडिया की भी बात है क्या कर्ज माफ़ी करके किन किसानों का फायदा हुआ | कितने किसानों का फायदा हुआ | देश का बहुत कम वर्ग है जो बैंको से कर्ज लेता है | ज्यादा तर किसान साहूकारों से लोन लेता है | यह जो योजना बनती है तो उसमे वह किसान नहीं आता है | जो किसान को मरना पड़ता है वह इस व्यवस्था का हिस्सा नहीं है , उससे बहार है | इसलिए यह सिर्फ चुनावी स्टंट किये जा रहे हैं |

फिर भी राज्य सरकारें करती है उसे हम रोकते नहीं है | कुछ भाजपा सरकारों ने भी किया है \ जिस राज्य की जैसी सुविधा होगी वह करेंगे | हम किसी को रोकते नहीं है लेकिन इस समस्या का संधान दूर करने के लिए भारत सरकार कमिटेड है किसानों के ताकत बढ़ाने को कमिटेड है | किसानों के समस्याओं के समाधान करने के लिए कमिटेड है और इसके लिए किसानों के ताकत बढ़ाने के लिए जितने कदम उठाये जा सकते हैं | उसे पूरी तरह उठाने का हम प्रयास करेंगे |

इसके बाद मोदी जी का इंटरभिव दुसरे मुद्दे पर चला जाता है | अगले अंक में  किसान समाधान द्वारा आप सभी के लिए प्रधानमंत्री जी के भाषण की समीक्षा की जाएगी

1 COMMENT

  1. छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश एवं राजस्थान में होगा सर अभी

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