राष्ट्रीय

बिहार से कनाडा भेजी गई फ्लेवर मखाने की पहली खेप, किसानों को मिलेगा 50 प्रतिशत से अधिक फायदा

बिहार के दरभंगा से कनाडा के लिए फ्लेवर मखाने की पहली समुद्री खेप रवाना हुई। APEDA के सहयोग से हुए इस निर्यात से मखाना किसानों को 50 प्रतिशत से अधिक लाभ, वैल्यू एडिशन और वैश्विक बाजार में नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

Bihar Makhana Export Canada

बिहार के प्रसिद्ध मखाना (Fox Nuts) ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने 29 जुलाई 2026 को बिहार के दरभंगा से कनाडा के लिए फ्लेवर वाले वैल्यू-एडेड मखाने की पहली समुद्री खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह कदम बिहार के कृषि उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

7 मीट्रिक टन फ्लेवर मखाना कनाडा रवाना

इस पहली ऐतिहासिक खेप के तहत दो कंटेनरों में पैक कुल 7 मीट्रिक टन फ्लेवर मखाने को गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह के रास्ते कनाडा की प्रमुख कंपनी जेडकेवी फूड्स (ZKV Foods) के लिए भेजा गया है।

इस मखाने की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग नूट्रीविन एग्रो प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा के कड़े मानकों के अनुरूप की गई है। यह इस बात का प्रमाण है कि बिहार अब खाद्य प्रसंस्करण, वैल्यू-एडिशन (मूल्यवर्धन) और निर्यात-उन्मुख मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में तेजी से अपनी क्षमता का विस्तार कर रहा है।

किसानों को मिलेगा 50% से अधिक अतिरिक्त लाभ

एपीडा के अनुसार, वैल्यू-एडेड फ्लेवर मखाने के निर्यात से जुड़े किसानों को 50 प्रतिशत से अधिक अतिरिक्त लाभ मिलने की संभावना है। सामान्य मखाने की तुलना में प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और निर्यात के कारण उत्पाद का मूल्य बढ़ता है, जिससे किसानों की आय में भी वृद्धि होती है।

APEDA ने बताया बड़ी उपलब्धि

ध्वजारोहण समारोह में एपीडा के अध्यक्ष अभिषेक देव ने कहा कि यह निर्यात बिहार के कृषि निर्यात तंत्र को मजबूत करेगा और राज्य के प्रीमियम कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने निर्यातकों, किसानों, प्रोसेसिंग इकाइयों और संबंधित संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों की सराहना की।

क्यों खास है बिहार का मखाना?

बिहार देश का सबसे बड़ा मखाना उत्पादक राज्य है। यहां उत्पादित मखाना अपनी गुणवत्ता, स्वाद और पौष्टिक गुणों के कारण देश-विदेश में लोकप्रिय है। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मखाने की मांग लगातार बढ़ रही है।

फ्लेवर मखाने का निर्यात यह दर्शाता है कि अब केवल कच्चे कृषि उत्पाद ही नहीं, बल्कि वैल्यू-एडेड उत्पादों की भी वैश्विक मांग तेजी से बढ़ रही है। इससे बिहार के किसानों, एफपीओ, प्रसंस्करण इकाइयों और निर्यातकों को नए अवसर मिलेंगे।

निष्कर्ष

दरभंगा से कनाडा के लिए फ्लेवर मखाने की पहली समुद्री खेप का निर्यात बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी उपलब्धि है। यदि वैल्यू एडिशन और निर्यात आधारित मॉडल इसी तरह आगे बढ़ता रहा, तो आने वाले वर्षों में बिहार के मखाना उत्पादक किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।

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