बिहार

बिहार में ड्रोन से होगा फसलों पर दवा-खाद का छिड़काव, किसानों को अनुदान पर मिलेगी सुविधा; ऐसे करें आवेदन

बिहार में कृषि ड्रोन से कीटनाशी, फफूंदनाशी और तरल उर्वरक के छिड़काव के लिए योजना लागू की गई है। किसान प्रति सीजन अधिकतम 15 एकड़ तक अनुदानित सुविधा का लाभ ले सकते हैं। जानें आवेदन प्रक्रिया।

Apply Drone Spraying Subsidy Scheme Bihar

बिहार में पारंपरिक खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत ‘चतुर्थ कृषि रोड मैप’ के तहत फसलों पर ड्रोन के माध्यम से कीटनाशी एवं तरल उर्वरकों के छिड़काव की योजना को मंजूरी दी गई है। इस महत्वाकांक्षी पहल के लिए राज्य सरकार ने कुल 11 करोड़ 81 लाख 30 हजार 440 की राशि स्वीकृत की है।

इस योजना का लाभ बिहार के सभी 38 जिलों के किसानों को मिलेगा। इसके तहत खेतों में कीटनाशी, फफूंदनाशी, खरपतवारनाशी, पादप वृद्धि नियामक और विभिन्न प्रकार के तरल पोषक तत्वों/उर्वरकों (जैसे नैनो यूरिया/डीएपी) का छिड़काव बेहद कम समय में और सटीक तरीके से किया जा सकेगा।

स्मार्ट और आधुनिक खेती की ओर बड़ा कदम: कृषि मंत्री

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार की खेती को अब आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की मांग है। सरकार का लक्ष्य किसानों को ऐसी तकनीक देना है, जिससे कम समय, कम लागत और न्यूनतम श्रम में अधिक दक्षता के साथ काम हो सके।

उन्होंने बताया कि ड्रोन तकनीक न केवल छिड़काव प्रक्रिया को आसान बनाएगी, बल्कि यह राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को स्मार्ट बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। इससे फसल प्रबंधन ज्यादा असरदार होगा और कीट-व्याधि के नुकसान से फसलों को बचाकर पैदावार में बढ़ोतरी होगी।

ड्रोन से किन दवाओं और उर्वरकों का होगा छिड़काव?

किसान फसल की अवस्था और खेत में कीट, रोग या खरपतवार की स्थिति के अनुसार ड्रोन से विभिन्न कृषि आदानों का छिड़काव करा सकेंगे। इनमें प्रमुख रूप से-

  • जैव एवं रासायनिक कीटनाशी
  • फफूंदनाशी
  • खरपतवारनाशी
  • पादप वृद्धि नियामक
  • तरल उर्वरक (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी)
  • सूक्ष्म पोषक तत्व शामिल हैं।

किसान कीट-व्याधि एवं खरपतवार नियंत्रण तथा तरल पोषक तत्वों के छिड़काव के लिए आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग आवेदन भी कर सकते हैं।

योजना की प्रमुख शर्तें एवं मिलने वाले लाभ:

  • अनुदानित दर पर सुविधा: किसानों को यह सुविधा भारी सब्सिडी (अनुदानित दर) पर उपलब्ध कराई जाएगी।
  • अधिकतम सीमा: एक किसान को प्रति सीजन अधिकतम 15 एकड़ क्षेत्र में अनुदानित दर पर छिड़काव की सुविधा मिलेगी।
  • छिड़काव की संख्या: एक किसान को एक फसल/सीजन में अधिकतम दो बार छिड़काव के लिए अनुदान का लाभ दिया जाएगा।
  • समेकित कीट प्रबंधन: विभाग द्वारा रासायनिक कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल की जगह समेकित कीट प्रबंधन को प्राथमिकता दी जा रही है। रासायनिक दवाओं का उपयोग अंतिम विकल्प के रूप में किया जाएगा।

ड्रोन से छिड़काव के लिए ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

योजना का लाभ लेने के लिए प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल बनाया गया है:

  1. पात्रता: कृषि विभाग के आधिकारिक DBT पोर्टल (dbtagriculture.bihar.gov.in) पर पंजीकृत किसान ही इसके पात्र होंगे।
  2. आवश्यक दस्तावेज: आवेदन के लिए किसान के पास 13 अंकों की कृषि पंजीकरण संख्या (Farmer Registration Number), आधार नम्बर, पंजीकृत मोबाइल नंबर, बैंक पासबुक की प्रति आदि होना आवश्यक है।
  3. आवेदन पोर्टल: पात्र किसान अपने खेतों में ड्रोन से छिड़काव के लिए पोर्टल onlinedbtagriservice.bihar.gov.in पर जाकर कहीं से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

बिहार के सभी 38 जिलों के किसानों को मिलेगा लाभ

इस योजना की खास बात यह है कि इसे किसी चुनिंदा जिले तक सीमित नहीं रखा गया है। कृषि ड्रोन से छिड़काव का लक्ष्य बिहार के सभी 38 जिलों के लिए निर्धारित किया गया है।

सरकार का उद्देश्य आधुनिक कृषि तकनीकों को किसानों तक पहुंचाकर खेती में लगने वाले समय और श्रम को कम करना तथा फसल प्रबंधन को अधिक दक्ष बनाना है। ऐसे में जिन किसानों को फसल में दवा, सूक्ष्म पोषक तत्व या तरल उर्वरक का छिड़काव कराना है, वे कृषि विभाग के पोर्टल पर अपनी पात्रता और उपलब्ध सुविधा की जानकारी लेकर आवेदन कर सकते हैं।

मंडी भाव, मौसम और सरकारी योजनाओं का तुरंत अपडेट पाने के लिए:

अपनी टिप्पणी लिखें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *