मल्चिंग विधि से मिर्च की खेती करने से होता है अधिक फायदा जानें कैसे 

मल्चिंग विधि से मिर्च की खेती करने से होता है अधिक फायदा जानें कैसे 

एक बीघा के लिए खेती की पूरी प्रक्रिया जाने |

बीज :-

  • एक बीघा में 10 ग्राम के पांच (50 ग्राम) पैकेट लगेगा |
  • एक पैकेट में 12000 बीज रहता है |
  • एक बीघा में लगभग 5500 से 6000 पौधें लगते हैं |

बीज का चुनाव :-

  1. शिमला मिर्च के लिए
  2. शिमला नोबेल
  3. नताशा  727
  4. सितारा

पौधें की उत्पति कैसे करें

  • एक बीघा के लिए 12 ट्रे ख़रीदे | एक ट्रे में 104 गुपी रहती  है |
  • पौधें की उत्पत्ति खेत में नहीं करें बल्कि नारियल के बुरादे में करें |
  • एक बीघा के लिए 10 किलोग्राम नारियल का बुरादा (कोकापिट) खरीदें

यह सभी सामग्री बीज की दुकान पर आसानी से उपलब्ध है |

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एक घंटे के लिए नारियल का बुरादा (कोकापिट) पानी में डाने | एक घंटे के बाद  पानी से कोकापिट को बहार निकल दें  | उसके बाद ट्रेय के गुपी में आधा कोकापिट भर दें | अब मिर्च के बीज को प्रतेक गुपी में एक बीज डान दें | उसके बाद मिर्च के बीज के ऊपर से गुपी में कोकापिट भर दें | अब ट्रेय को  खुली हरे रंग के नेट में रख दें | ट्रेय को कभी भी घर में नहीं रखें | अब प्रतेक दिन उस गुपी में फुहारे से पानी दें | यह क्रम 40 दिनों तक चलने दें |

मिर्च के पौधे को लगाने के लिए वेड तैयार करें |

  • एक बीघा में आधा इंची के 300 मीटर ड्रिप लगेगा |
  • बाजार में 300 मीटर ड्रिप का कीमत 12000 रु. से 30000 रु. तक है |
  • एक बार ड्रिप खरीदने पर  6 साल तक उपयोग कर सकते है |
  • मल्चिंग एक बीघा में 1600 मीटर लगेगा | यह 2000 रु. प्रति 400 मीटर | एक बीघा में 8000 रु. लगेगा |

वेड जून महीने के पहले सप्ताह में तैयार करे |

कब क्या एवं किस प्रकार करें

  • वेड हाथ से तैयार कर सकते है | इसके लिए खेत को दो – तीन  बार अच्छी तरह जुताई कर लें | इसके बाद कुदाल से दोनों तरफ से मिटटी को एक तरफ करते जाए | वेड की ऊँचाई कमसे कम 6 इंच होना चाहिए | वेड की चौडाई  3 फिट रहना चाहिए तथा वेड से वेड की दूरी 3 से 4 फिट होना चाहिए |
  • वेड बन जाने के बाद वेड के ऊपर ड्रिप को रख दें ड्रिप दो धारी में रहेगा | इसके बाद ऊपर से मिल्न्चिंग लगादें | तथा मिल्चिन के दोनों छोरों को मिटटी से दबा दें जिससे हवा में उड़ ना सके |  पौधों की बुवाई करने के लिए मल्चिंग में छेड़ करने होगा | इसके लिए एक ग्लास लें तथा उसे गरम करके  मिल्चिंग पर 6 इंच पर रखते जाएँ जिससे मिल्चिंग में होल होता जायेगा | इसी होल में पौधे को बो सकते है  |
  • मिर्च के वेड बनाने के लिए एसे तो मशीन आती है | जिसमें एक ही साथ ड्रिप, मल्चिंग तथा मिटटी का बीएड बना देता है |
  • पहला कीटनाशक दवा 15 दिन पर दें  | किटा जिन कीटनाशक  ड्रिप के द्वारा पौधे के जड़ में देते है  | इसकी मात्र 25 ml 45 से 50 लीटर पानी में घोल कर देते है  | इसके साथ 0,52,34 खाद  ड्रिप  द्वारा पौधें में दे  |इसकी मात्रा एक बीघा में  2 किलोग्राम 50 लीटर पानी में घोलकर ड्रिप के द्वारा दें  | इस खाद की कीमत 2 किलोग्राम का 400 रु. है | यह क्रम प्रतेक  8 से 10 दिन पर यूरिया खाद ड्रीप से खाद दें |
  • कीटनाशक का छिडकाव  रोगर  बुवाई के 30 दिन बाद  2 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर दें  | एक बीघा में 60 लीटर पानी में 120 ग्राम रोगर मिलाकर छिडकाव करें |
  • दूसरा छिडकाव पहले छिडकाव से 10 दिन बाद करें | दुसरे छिडकाव में इमीडा 20 ग्राम 60 लीटर पानी में छिडकाव करें | यह छिडकाव असल के अनुसार आगे भी देते रहें |
  •  रोपने के 50 दिन बाद पहली बार फसल को तोड़ें | प्रतेक 6 से 8 दिन बाद फसल को तोड़ें | यह फसल 6 महीने तक आप को फल देती रहेगी |
  •  अनुमानत: एक बीघा  2.5 लाख का शिमला मिर्च बेचा जा सकता है |

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