पीएम आशा योजना के तहत किसानों को उपज के सही दाम दिलाने के लिए मुख्यमंत्री ने लिखा पत्र

0
3008
pm asha yojna fasal kharid

पीएम आशा  योजना

सरकार ने किसानों को फसल (उपज) का सही मूल्य दिलाने के लिए नई योजना  ‘प्रधानमंत्री अन्‍न्‍दाता आय संरक्षण अभियान’ (पीएम-आशा) पूरे देश में लागू की जा चुकी है | यह योजना की शरुआत किसानों को फसल उपज का सही मूल्य मिल सके इसलिए शुरू की गई है | इससे भी अधिक महत्‍वपूर्ण यह है कि किसानों को घोषित एमएसपी का पूर्ण लाभ मिले |

मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के किसानों के हित में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री-अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम आशा) के तहत संचालित मूल्य समर्थन योजना के दिशा-निर्देशों में आवश्यक परिवर्तन का आग्रह किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री से दलहन एवं तिलहन की समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए भारत सरकार की इस योजना में संशोधन की मांग की है ताकि राज्य के किसानों को अधिकाधिक लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने आशा योजना में कौन से बदलाब की मांग की ?

  • योजना में एक किसान से एक दिन में अधिकतम 25 क्विंटल उपज खरीदने की अधिकतम सीमा निर्धारित होने के कारण किसान को एक ही बार में अपनी उपज बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। योजना के दिशा-निर्देशों में एक किसान से प्रतिदिन खरीद की अधिकतम सीमा को हटाया जाए या इसमें वृद्धि की जाए।
  • दलहन व तिलहन के कुल उत्पादन की 25 प्रतिशत सीमा ही समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए निर्धारित की हुई है, इस कारण बहुत से किसानों की उपज की खरीद नहीं हो पाती है। समर्थन मूल्य पर खरीद की सीमा उत्पादन का 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की मांग की है।
  • इस योजना में खरीद के लिए 90 दिवस की अवधि ही निर्धारित की गई है। इस अवधि के कम होने के कारण खरीद प्रक्रिया पर अत्यधिक दबाव रहता है और खरीद केन्द्रों पर भीड़ के कारण व्यवस्था बनाए रखने में बाधा आती है। मुख्यमंत्री ने आग्रह किया है कि इस 90 दिवस की अवधि को बढ़ाकर कम से कम 150 दिन किया जाना उचित होगा ताकि किसानों को अगली फसल की तैयारी के लिए भी पर्याप्त समय मिल सके और वे बिना किसी परेशानी के खरीद केन्द्रों पर अपनी उपज बेच सकें।
यह भी पढ़ें   सुप्रीम कोर्ट ने कहा किसानों को सजा नहीं सहायता दे सरकार

क्या है पीएम आशा  योजना

सरकार उत्‍पादन लागत का डेढ़ गुना तय करने के सिद्धांत पर चलते हुए खरीफ फसलों के न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍यों (एमएसपी) में पहले ही वृद्धि कर चुकी है। यह उम्‍मीद की जा रही है कि एमएसपी में वृद्धि की बदौलत राज्‍य सरकारों के सहयोग से खरीद व्‍यवस्‍था को काफी बढ़ावा मिलेगा जिससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी। इस योजना के मुख्य तीन घटक है |

  • मूल्‍य समर्थन योजना (पीएसएस)
  • मूल्‍य न्‍यूनता भुगतान योजना (पीडीपीएस)
  • निजी खरीद एवं स्‍टॉकिस्‍ट पायलट योजना (पीपीपीएस)

पीएम-आशा योजना की जानकरी के लिए क्लिक करें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here