छत्तीसगढ़

फसलों को कीट-रोग से बचाने के लिए विकसित हो रही नई तकनीकें, शिवराज सिंह ने ICAR-NIBSM के प्रयासों को सराहा

ICAR-NIBSM रायपुर फसलों को कीट, रोग और जैविक तनाव से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए नई तकनीकों पर काम कर रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संस्थान के अनुसंधान और किसान-केंद्रित प्रयासों की सराहना की।

किसानों की फसलों को कीट, रोग और अन्य जैविक तनावों से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए कृषि वैज्ञानिक नई तकनीकों पर काम कर रहे हैं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के रायपुर दौरे के दौरान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (ICAR-NIBSM), रायपुर द्वारा किए जा रहे अनुसंधान और किसान-केंद्रित पहलों की जानकारी उन्हें दी गई।

केंद्रीय कृषि मंत्री शुक्रवार को रायपुर पहुंचे, जहां स्वामी विवेकानंद विमानतल पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, कृषि मंत्री रामविचार नेताम सहित वरिष्ठ अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने उनका स्वागत किया।

फसलों में कीट और रोग से होने वाला नुकसान कम करने पर जोर

रायपुर पहुंचने पर ICARNIBSM के निदेशक डॉ. पी.के. राय ने केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने संस्थान में चल रहे अनुसंधान कार्यक्रमों, तकनीकी हस्तक्षेपों और प्रमुख पहलों की जानकारी साझा की।

विशेष रूप से फसलों में कीट-व्याधियों, रोगों और दूसरे जैविक तनावों से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए संस्थान द्वारा किए जा रहे अनुसंधान की जानकारी दी गई। इन प्रयासों का उद्देश्य किसानों को ऐसी तकनीकें उपलब्ध कराना है, जिनसे फसल की उत्पादकता और कृषि प्रणाली की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सके।

किसानों की आय बढ़ाने के लिए विकसित की जा रही तकनीकें

ICARNIBSM द्वारा केवल फसलों में लगने वाले कीट और रोगों के प्रबंधन पर ही काम नहीं किया जा रहा, बल्कि किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सतत और किसानोन्मुख कृषि तकनीकों के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है।

डॉ. राय ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि संस्थान फसल उत्पादकता बढ़ाने, कृषि को अधिक प्रतिरोधी बनाने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से अनुसंधान एवं तकनीकी समाधान विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। इसके साथ ही संस्थान छत्तीसगढ़ के कृषि विभाग के साथ समन्वय कर भारतीय कृषि को मजबूत बनाने के प्रयास भी कर रहा है।

ICARNIBSM का दौरा कर सकते हैं केंद्रीय कृषि मंत्री

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास में ICARNIBSM के योगदान की सराहना की। उन्होंने छत्तीसगढ़ में स्थापित इस संस्थान के महत्व को रेखांकित करते हुए इसकी अनुसंधान गतिविधियों, नवाचारों और किसान-केंद्रित पहलों को करीब से देखने की इच्छा जताई।

उन्होंने निकट भविष्य में ICAR-NIBSM का दौरा करने की इच्छा भी व्यक्त की। हालांकि, इस दौरे की कोई निश्चित तारीख दी गई जानकारी में घोषित नहीं की गई है।

बदलती कृषि चुनौतियों के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान जरूरी

कृषि क्षेत्र में कीटों, रोगों और अन्य जैविक तनावों से फसलों को होने वाला नुकसान किसानों के लिए बड़ी चुनौती है। ऐसे में इन चुनौतियों के प्रभावी प्रबंधन के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और नई तकनीकों के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने उभरती कृषि चुनौतियों के समाधान के लिए ICARNIBSM द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। यह पहल केंद्र और राज्य सरकार के साथ ICAR के बीच कृषि अनुसंधान को मजबूत करने तथा किसानों तक उपयोगी तकनीक पहुंचाने के साझा प्रयासों को भी दर्शाती है।

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